दिल्ली हाईकोर्ट ने AISA नेता नेहा बोरा की याचिका खारिज की, ₹10,000 के बॉन्ड नोटिस को चुनौती देने पर राहत नहीं; मजिस्ट्रेट को सभी दस्तावेज देने का निर्देश

DelhiHighCourt

BNSS की धारा 126 और 130 के तहत कार्यवाही को दी थी चुनौती दिल्ली हाईकोर्ट ने AISA नेता नेहा बोरा की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें शांति बनाए रखने के लिए ₹10,000 के निजी बॉन्ड और एक जमानतदार की मांग वाले नोटिस को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने मजिस्ट्रेट को कार्यवाही में … Read more

नेहा बोरा की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित; BNSS की धाराओं 126 और 130 पर हुई बहस

DelhiHighCourt

अनुच्छेद 21 और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर अदालत की टिप्पणी AISA अध्यक्ष नेहा बोरा की दिल्ली पुलिस के शांति बनाए रखने के लिए ₹10,000 के पर्सनल बॉन्ड और जमानतदार संबंधी नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा। जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद शुक्रवार शाम 6 बजे आदेश सुनाएंगे। सुनवाई में BNSS की … Read more

वैध वीजा से भारत में प्रवेश का पूर्ण अधिकार नहीं: दिल्ली हाई कोर्ट ने विदेशी महिला की याचिका खारिज की

delhi-high-court

एयरपोर्ट पर रोका गया, उसी दिन तुर्कमेनिस्तान वापस भेजा दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि वैध वीजा मात्र से किसी विदेशी नागरिक को भारत में प्रवेश का पूर्ण अधिकार नहीं मिलता। राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के आधार पर प्रवेश से इनकार राज्य के संप्रभु अधिकार का हिस्सा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है … Read more

बिना आदेश मकान गिराना ‘ब्रह्म हत्या’ जैसा महापाप: पटना हाई कोर्ट ने 3 याचिकाकर्ताओं को 5.5 लाख रुपये अंतरिम मुआवजे का आदेश दिया

patna high court

पटना हाई कोर्ट ने बिना वैध आदेश के मकान और चारदीवारी गिराए जाने को गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन बताया। कोर्ट ने पूर्वी चंपारण प्रशासन को तीन याचिकाकर्ताओं को कुल 5.5 लाख रुपये अंतरिम मुआवजा देने और मामले की विस्तृत जांच का निर्देश दिया। बिना आदेश मकान गिराने पर हाई कोर्ट सख्त पटना हाई कोर्ट ने बिना … Read more

बिना लिखित कारण बताए गिरफ्तारी गैरकानूनी, दोबारा गिरफ्तारी पर भी सुप्रीम कोर्ट ने लगाई न्यायिक निगरानी

supreme-court

दोबारा गिरफ्तारी के लिए कोर्ट की मंजूरी होगी आवश्यक सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी के कारण लिखित रूप में न बताना संविधान के अनुच्छेद 22 का उल्लंघन है और ऐसी गिरफ्तारी अवैध मानी जाएगी। दोबारा गिरफ्तारी के लिए पुलिस को मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति लेनी होगी। सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी से जुड़े संवैधानिक अधिकारों … Read more

POCSO केस में धारा 29-30 की धारणा ‘अटल’ नहीं, अभियोजन को पहले साबित करने होंगे अपराध के बुनियादी तथ्य: सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी को किया बरी

supreme_court

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि POCSO Act की धाराएं 29 और 30 के तहत कानूनी धारणा rebuttable है। अभियोजन को पहले अपराध के foundational facts साबित करने होंगे। विरोधाभासी और चिकित्सा-फोरेंसिक साक्ष्यों से मेल न खाने के कारण कोर्ट ने आरोपी को बरी किया। सुप्रीम कोर्ट ने POCSO Act के तहत आपराधिक मामलों में लागू … Read more

NSA हिरासत पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी: ‘अधिकारियों की मनमानी UP को Orwellian Dystopia में बदल सकती है’

aLLAHABAD hc

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी की ग्रेजुएट आकृति चौधरी की NSA हिरासत रद्द करते हुए राज्य की कार्रवाई पर सख्त टिप्पणी की और ₹5 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया। NSA के तहत हिरासत रद्द, हाईकोर्ट ने राज्य की कार्रवाई पर जताई नाराजगी इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा में फैक्ट्री श्रमिकों के विरोध-प्रदर्शन से जुड़े मामले … Read more

अनुच्छेद 21 पर व्यापक आदेश नहीं दे सकता न्यायालय; दिल्ली हाईकोर्ट ने PIL वापस लेने की दी अनुमति

delhi high court

अनुच्छेद 21 जनहित याचिका दिल्ली हाईकोर्ट दिल्ली हाईकोर्ट ने अनुच्छेद 21 के तहत विभिन्न मौलिक अधिकारों के व्यापक क्रियान्वयन की मांग वाली जनहित याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी। अदालत ने कहा कि याचिका में मांगी गई राहतें अत्यधिक व्यापक हैं और सीमित मुद्दों पर नई याचिका दायर की जा सकती है। क्या है … Read more

छिपी हुई ऑडियो रिकॉर्डिंग भी कोर्ट में सबूत हो सकती है, निजता का अधिकार पूर्ण नहीं: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने कहा कि बिना जानकारी के रिकॉर्ड की गई बातचीत केवल निजता के आधार पर अदालत में अस्वीकार्य नहीं हो जाती। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य की स्वीकार्यता उसकी प्रासंगिकता, प्रामाणिकता और कानूनी आवश्यकताओं के आधार पर तय होगी। छिपी हुई ऑडियो रिकॉर्डिंग को केवल निजता के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता: छत्तीसगढ़ … Read more

बालिग बेटी को घर लौटने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता: बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा- शादी, शिक्षा और रहने का फैसला उसका मौलिक अधिकार

Bombay High Court

बालिग महिला के अधिकार पर बॉम्बे हाई कोर्ट का फैसला बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा कि 21 वर्षीय बालिग महिला को उसके माता-पिता या राज्य उसकी इच्छा के विरुद्ध घर लौटने, शादी करने या शिक्षा छोड़ने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। अदालत ने कहा कि ये सभी निर्णय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत … Read more