बिना लिखित कारण बताए गिरफ्तारी गैरकानूनी, दोबारा गिरफ्तारी पर भी सुप्रीम कोर्ट ने लगाई न्यायिक निगरानी

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दोबारा गिरफ्तारी के लिए कोर्ट की मंजूरी होगी आवश्यक सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी के कारण लिखित रूप में न बताना संविधान के अनुच्छेद 22 का उल्लंघन है और ऐसी गिरफ्तारी अवैध मानी जाएगी। दोबारा गिरफ्तारी के लिए पुलिस को मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति लेनी होगी। सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी से जुड़े संवैधानिक अधिकारों … Read more

आकृति चौधरी NSA हिरासत मामला: नोएडा DM की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा, पूछा- ‘उन्हें अकेले कैसे जिम्मेदार ठहराया जा सकता है?’

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सुप्रीम कोर्ट ने गौतमबुद्ध नगर की DM मेधा रूपम की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा है। याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ है, जिसमें आकृति चौधरी की NSA हिरासत रद्द कर ₹5 लाख मुआवजा DM के वेतन से वसूलने का निर्देश दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने बहुस्तरीय प्रशासनिक प्रक्रिया के बीच DM … Read more

इलाहाबाद HC ने चाणक्य के ‘अर्थशास्त्र’ का उल्लेख करते हुए न्याय और दंड के सिद्धांत पर दिया जोर, कहा- ‘बचाव का प्रभावी अवसर न देना प्राकृतिक न्याय का उल्लंघन’

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PNB अधिकारी की बर्खास्तगी रद्द, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- विभागीय जांच में कर्मचारी को निष्पक्ष और प्रभावी बचाव का अवसर मिलना जरूरी इलाहाबाद हाईकोर्ट ने PNB अधिकारी की 2012 की बर्खास्तगी रद्द करते हुए कहा कि संबंधित दस्तावेज और मूल रिकॉर्ड उपलब्ध न कराना, महत्वपूर्ण गवाहों से जिरह का अवसर न देना और बचाव साक्ष्य … Read more

सुप्रीम कोर्ट: अदालत में रकम जमा करना मात्र ‘भुगतान’ नहीं, बिना शर्त निकासी संभव हो तभी डिक्री/अवार्ड की संतुष्टि

सुप्रीम कोर्ट ने ईशा फाउंडेशन के पर्यावरण स्वीकृति विवाद पर सुनवाई 28 फरवरी तक टाली

SC ने विधि आयोग से अदालतों और ट्रिब्यूनलों में जमा रकम के प्रबंधन, निवेश, ब्याज, निकासी और वितरण से संबंधित मौजूदा व्यवस्थाओं पर एक व्यापक और समान कानूनी ढांचा तैयार करने को कहा सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अदालत या ट्रिब्यूनल में डिक्री या मध्यस्थता अवार्ड की रकम जमा करना अपने आप में भुगतान नहीं … Read more

मेरठ सेंट्रल मार्केट मामला: ‘अवैध निर्माण अवैध ही रहता है, 5 साल बाद हो या 50 साल बाद कार्रवाई होगी’—सुप्रीम कोर्ट

उल्देपुर क्षेत्र में बड़ी संख्या में अवैध कॉलोनियों के विकसित होने पर भी सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया

मेरठ सेंट्रल मार्केट मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अवैध निर्माण और अवैध कॉलोनियों पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई देर से भी हो सकती है। कोर्ट ने जोन-1 के 16,726 निर्माणों को सील करने और उल्देपुर की अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। Merrut के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट … Read more

बिक्री समझौता होने मात्र से मकान मालिक-किरायेदार संबंध समाप्त नहीं होता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

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किरायेदार पहले से काबिज था तो समझौते के बाद कब्जा जारी रहना ‘आंशिक पालन’ में मिला कब्जा नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि बिक्री समझौता होने मात्र से मकान मालिक-किरायेदार संबंध समाप्त नहीं होता। पहले से काबिज किरायेदार को कब्जा जारी रहने के आधार पर बिक्री समझौते के आंशिक पालन में मिला कब्जा … Read more

POCSO केस में धारा 29-30 की धारणा ‘अटल’ नहीं, अभियोजन को पहले साबित करने होंगे अपराध के बुनियादी तथ्य: सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी को किया बरी

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि POCSO Act की धाराएं 29 और 30 के तहत कानूनी धारणा rebuttable है। अभियोजन को पहले अपराध के foundational facts साबित करने होंगे। विरोधाभासी और चिकित्सा-फोरेंसिक साक्ष्यों से मेल न खाने के कारण कोर्ट ने आरोपी को बरी किया। सुप्रीम कोर्ट ने POCSO Act के तहत आपराधिक मामलों में लागू … Read more

POCSO केस में 20 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र को जमानत, नाबालिग से शादी का दबाव न बनाने की शर्त पर हाईकोर्ट ने मांगा हलफनामा

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मद्रास हाईकोर्ट ने POCSO मामले में 20 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र को जमानत दी। आरोपी ने हलफनामा देकर कहा कि वह पीड़िता के कानूनी रूप से विवाह योग्य उम्र हासिल करने से पहले उससे शादी के लिए दबाव या प्रभाव नहीं डालेगा। मद्रास हाईकोर्ट ने POCSO मामले में आरोपी 20 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र को जमानत देते … Read more

जाति प्रमाणपत्र जांच में रंग-रूप और भाषा को आधार नहीं बनाया जा सकता: मद्रास हाईकोर्ट ने विजिलेंस कमेटी का फैसला रद्द किया

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मद्रास हाईकोर्ट ने अनुसूचित जाति समुदाय के दावे से जुड़े मामले में तिरुवन्नामलाई जिला स्तरीय विजिलेंस कमेटी का आदेश रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि जाति की पहचान तय करने में व्यक्ति के रंग-रूप और भाषा जैसी विशेषताओं को आधार नहीं बनाया जा सकता। मद्रास हाईकोर्ट ने तिरुवन्नामलाई जिला स्तरीय विजिलेंस कमेटी के उस … Read more

पति के कर्ज की वसूली के लिए विधवा की FD से काटे ₹19.90 लाख, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने SBI को लगाई फटकार

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‘बैंक ग्राहकों के धन के संरक्षक हैं’ इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने SBI द्वारा मृतक पति के व्यक्तिगत ऋण की वसूली के लिए विधवा पत्नी की FD से ₹19.90 लाख डेबिट करने पर कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने रकम ब्याज समेत लौटाने और ₹1 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ … Read more