छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 8 वर्षीय बेटे की कस्टडी पिता को सौंपी, कहा- बच्चे की इच्छा और कल्याण सर्वोपरि

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छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 8 वर्षीय बच्चे की कस्टडी पिता के पास बरकरार रखते हुए मां की अपील खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि बच्चे की इच्छा और उसका सर्वोत्तम हित (वेलफेयर) ही कस्टडी मामलों में सबसे महत्वपूर्ण मानदंड है। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने आठ वर्षीय बच्चे की कस्टडी उसके पिता के पास बरकरार … Read more

छिपी हुई ऑडियो रिकॉर्डिंग भी कोर्ट में सबूत हो सकती है, निजता का अधिकार पूर्ण नहीं: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट

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छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने कहा कि बिना जानकारी के रिकॉर्ड की गई बातचीत केवल निजता के आधार पर अदालत में अस्वीकार्य नहीं हो जाती। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य की स्वीकार्यता उसकी प्रासंगिकता, प्रामाणिकता और कानूनी आवश्यकताओं के आधार पर तय होगी। छिपी हुई ऑडियो रिकॉर्डिंग को केवल निजता के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता: छत्तीसगढ़ … Read more

लिव-इन रिलेशनशिप में लंबे समय तक बने शारीरिक संबंध को माना जाएगा सहमति से बना संबंध, बाद में शादी से इनकार करना अपने आप में बलात्कार नहीं: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा है कि लंबे समय तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले वयस्कों के बीच बने शारीरिक संबंध सामान्यतः सहमति से माने जाएंगे। केवल बाद में शादी से इनकार करने मात्र से बलात्कार का अपराध सिद्ध नहीं होता। अदालत ने आरोपी की बरी होने के फैसले को बरकरार रखा। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण … Read more

PMLA के तहत फ्रीज की गई संपत्ति का केवल नियंत्रण पर्याप्त नहीं, उनकी आर्थिक कीमत की सुरक्षा भी जरूरी-HC

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₹423 करोड़ के शेयर फ्रीज मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: संपत्ति ही नहीं, उसकी आर्थिक कीमत भी बचाना जरूरी छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने महादेव ऑनलाइन बुक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कहा कि PMLA के तहत फ्रीज की गई संपत्ति का केवल नियंत्रण बनाए रखना पर्याप्त नहीं है। बाजार से जुड़ी प्रतिभूतियों के मामले में … Read more

Doll और इशारों से दर्ज गवाही मान्य: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उम्रकैद बरकरार रखी

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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मूक-बधिर यौन उत्पीड़न पीड़िता की प्लास्टिक डॉल और इंटरप्रेटर के जरिए दर्ज गवाही को विश्वसनीय मानते हुए आरोपी की उम्रकैद बरकरार रखी। बिलासपुर: संवेदनशील मामलों में न्यायिक नवाचार को मान्यता देते हुए Chhattisgarh High Court ने एक अहम फैसले में मूक-बधिर यौन उत्पीड़न पीड़िता की गवाही को वैध ठहराया है। अदालत ने … Read more

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय: व्यभिचार में लिप्त तलाकशुदा पत्नी को नहीं मिलेगा भरण-पोषण

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छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय: व्यभिचार में लिप्त तलाकशुदा पत्नी को नहीं मिलेगा भरण-पोषण मामले का संक्षेप: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की एकलपीठ ने Resham Lal Dewangan v. Suman Dewangan (CRR No. 1322/2024 व CRR No. 58/2025) में फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि व्यभिचार (adultery) में लिप्त तलाकशुदा पत्नी को भरण-पोषण की मांग का … Read more

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 3244 दिन की देरी से दायर द्वितीय अपील को ठुकराया, कहा—वजह अस्पष्ट और अविश्वसनीय

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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 3244 दिन की देरी से दायर द्वितीय अपील को ठुकराया, कहा—वजह अस्पष्ट और अविश्वसनीय धारा 5, परिसीमा अधिनियम के तहत विलंब माफी | 11 वर्षों की देरी | द्वितीय अपील की अस्वीकृति रायपुर, अप्रैल 2025: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बद्री प्रसाद बनाम रामदास गोंड (एलआरएस के माध्यम से) एवं अन्य वाद में द्वितीय … Read more

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने आवारा मवेशियों की समस्या के खिलाफ कार्रवाई के लिए PIL पर सुनवाई की

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[ad_1] छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने हाल ही में संजय रजक द्वारा दायर एक जनहित याचिका Public Interst Litigation पर सुनवाई की, जिसमें राज्य सरकार को राज्य में राजमार्गों और सड़कों पर आवारा मवेशियों के खतरे को रोकने के लिए प्रभावी उपाय करने के निर्देश देने की मांग की गई थी। अदालत इस मुद्दे के समाधान … Read more

बैंक के पैनल में शामिल अधिवक्ता के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी के मामले को खारिज किया, क्योकि अन्य आरोपियों और उनके बीच कोई सक्रिय मिलीभगत नहीं – HC

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छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने भारतीय स्टेट बैंक के पैनल में शामिल अधिवक्ता के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी के मामले को खारिज कर दिया है। उच्च न्यायालय ने पाया कि अधिवक्ता और बैंक के साथ धोखाधड़ी करने वाले अन्य आरोपियों के बीच कोई सक्रिय मिलीभगत नहीं है। प्रस्तुत याचिका दंड प्रक्रिया संहिता,1973 की धारा 482 के तहत … Read more

अचानक झगड़े के बाद आवेश में लड़ाई में बिना किसी पूर्व विचार के अपराध : सुप्रीम कोर्ट ने IPC SEC 302 के तहत दोषसिद्धि को IPC SEC 304 में बदला

सर्वोच्च न्यायालय ने धारा 302 के तहत एक व्यक्ति की दोषसिद्धि को धारा 304 आईपीसी के भाग 1 के तहत बदल दिया, जबकि यह देखा कि अपीलकर्ताओं द्वारा अचानक झगड़े के बाद आवेश में अचानक लड़ाई में बिना सोचे-समझे अपराध किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यह अपील छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय … Read more