डीके शिवकुमार को बड़ी राहत: टैक्स चोरी केस में कोर्ट ने दी विदेश यात्रा की अनुमति
बेंगलुरु कोर्ट ने कर्नाटक कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार को 2017 के टैक्स चोरी मामले में दो साल के लिए विदेश यात्रा की अनुमति दी। अदालत ने ‘समानता के सिद्धांत’ का हवाला दिया।
कर्नाटक के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और संभावित मुख्यमंत्री चेहरे D K Shivakumar को बेंगलुरु की एक अदालत से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने 2017 के टैक्स चोरी मामले में उन्हें दो वर्षों की अवधि के लिए विदेश यात्रा की अनुमति दे दी है।
कोर्ट ने यह राहत “समानता के सिद्धांत” (Principle of Parity) के आधार पर दी, क्योंकि इसी मामले में एक सह-आरोपी को पहले ही विदेश जाने की अनुमति दी जा चुकी थी।
कोर्ट ने स्वीकार किया डीके शिवकुमार का आवेदन
यह आदेश बेंगलुरु के 12वें अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट K N Shivakumar ने पारित किया।
डीके शिवकुमार इस मामले में आरोपी नंबर-1 हैं। उन्होंने अदालत में आवेदन दाखिल कर विभिन्न देशों की यात्रा की अनुमति मांगी थी। अदालत ने उनके आवेदन को स्वीकार करते हुए कहा कि विदेश यात्रा के लिए बताए गए कारण उचित प्रतीत होते हैं।
“व्यक्तिगत और सरकारी कार्यों के लिए यात्रा जरूरी”
15 मई को पारित आदेश में अदालत ने कहा:
“ऐसा प्रतीत होता है कि डीके शिवकुमार को अपनी व्यक्तिगत क्षमता में व्यवसाय के विकास और सुधार के लिए तथा अपने विभागों से जुड़ी विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं के संबंध में विदेश यात्रा करनी पड़ सकती है।”
अदालत ने विशेष रूप से लघु सिंचाई और बेंगलुरु विकास से जुड़े कार्यों का उल्लेख किया, जो शिवकुमार के सरकारी दायित्वों का हिस्सा हैं।
सह-आरोपी को पहले मिल चुकी थी अनुमति
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि इसी मामले में आरोपी नंबर-3 Sunil Kumar Sharma को पहले ही आठ महीने की अवधि के लिए विदेश यात्रा की अनुमति दी जा चुकी है।
कोर्ट ने कहा कि समान परिस्थितियों में डीके शिवकुमार को इस लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता।
कोर्ट ने ‘समानता के सिद्धांत’ का दिया हवाला
अदालत ने अपने आदेश में A V Vinoda and Others v State of Karnataka मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि समान मामलों में समान व्यवहार किया जाना चाहिए।
कोर्ट ने कहा:
“यदि किसी वादी को राहत दी जाती है, तो समान परिस्थितियों वाले अन्य व्यक्तियों को भी वही राहत मिलनी चाहिए, जब तक कोई उचित अपवाद मौजूद न हो।”
अदालत ने यह भी कहा कि आयकर विभाग डीके शिवकुमार के मामले में ऐसा कोई विशेष कारण नहीं बता पाया, जिसके आधार पर उन्हें राहत से वंचित किया जाए।
आयकर विभाग ने समय सीमा पर जताई आपत्ति
मामले में शिकायतकर्ता Income Tax Department की ओर से पेश विशेष लोक अभियोजक ने विदेश यात्रा की अनुमति का गंभीर विरोध नहीं किया।
हालांकि उन्होंने दो वर्षों की अवधि पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इतनी लंबी अनुमति जमानत की शर्तों को कमजोर कर सकती है।
इसके बावजूद अदालत ने माना कि निर्धारित शर्तों के साथ अनुमति दी जा सकती है।
किन देशों की यात्रा की अनुमति?
अदालत ने डीके शिवकुमार को अगले दो वर्षों के दौरान अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, रूस, यूरोपीय देशों और अरब देशों की यात्रा की अनुमति दी है।
हालांकि कोर्ट ने कुछ शर्तें भी लगाई हैं। इनमें प्रत्येक विदेश यात्रा का पूरा विवरण समय-समय पर जांच एजेंसी को उपलब्ध कराना शामिल है।
2017 के टैक्स चोरी मामले से जुड़ा विवाद
डीके शिवकुमार लंबे समय से आयकर विभाग और प्रवर्तन एजेंसियों की जांच का सामना कर रहे हैं। 2017 का यह मामला कथित टैक्स चोरी और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है।
हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि विदेश यात्रा की अनुमति देने का अर्थ यह नहीं है कि मामले की सुनवाई या जांच पर कोई असर पड़ेगा।
राजनीतिक और कानूनी दृष्टि से अहम फैसला
यह फैसला ऐसे समय आया है जब कर्नाटक की राजनीति में डीके शिवकुमार की भूमिका को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, अदालत द्वारा “समानता के सिद्धांत” का प्रयोग करते हुए राहत देना यह दर्शाता है कि न्यायालय समान परिस्थितियों में आरोपियों के साथ एक जैसा व्यवहार सुनिश्चित करना चाहता है।
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