बार-बार जजों के अलग होने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- वकीलों की चाल के आगे न झुकें; याचिका पर रोजाना सुनवाई के निर्देश

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सीजेआई सूर्यकांत की पीठ ने कहा कि किसी भी दबाव या वकीलों की रणनीति के कारण जज सुनवाई से अलग न हों और मामले की रोजाना सुनवाई की जाए पूर्व न्यायिक अधिकारी अमरीश कुमार जैन की सेवा समाप्ति से जुड़ी याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चार जजों के खुद को अलग करने के … Read more

आरक्षित फैसलों में देरी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, हाई कोर्टों के लिए 3 महीने की समयसीमा तय

सुप्रीम कोर्ट

Reserved Judgments में देरी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, हाई कोर्टों के लिए 3 महीने की समयसीमा तय सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्टों में आरक्षित फैसलों Reserved Judgments के लंबित रहने पर चिंता जताते हुए फैसला सुनाने के लिए अधिकतम 3 महीने की समयसीमा तय की। अदालत ने पारदर्शिता, जवाबदेही और न्यायिक दक्षता सुनिश्चित करने के … Read more

वकीलों के बहिष्कार से सुनवाई ठप: High Court में 39 जज बैठे, नहीं पहुंचा कोई वकील

राजस्थान हाईकोर्ट

Supreme Court of India पहले ही स्पष्ट दिशा निर्देश – न्यायिक कार्य को बाधित नहीं किया जाना चाहिए राजस्थान हाईकोर्ट में वकीलों के बहिष्कार के चलते असामान्य स्थिति। 39 जज सुनवाई को तैयार, लेकिन एक भी वकील पेश नहीं हुआ—कोर्ट ने जताई नाराजगी। हाईकोर्ट में असामान्य स्थिति Rajasthan High Court में शनिवार को अभूतपूर्व स्थिति … Read more

लंबित मामलों पर जजों को दोष देना गलत, वकीलों की लंबी बहस और स्थगन भी देरी का बड़ा कारण: जस्टिस अमानुल्लाह

जस्टिस अमानुल्लाह

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह ने कहा कि लंबित मामलों के लिए केवल जज जिम्मेदार नहीं, बल्कि वकीलों की लंबी बहस और स्थगन भी देरी का बड़ा कारण हैं। भारत में बढ़ते लंबित मामलों को लेकर जारी बहस के बीच Justice Ahsanuddin Amanullah ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि न्यायिक देरी … Read more

सुप्रीम कोर्ट में 3500+ PIL लंबित, 42 साल पुराना मामला भी अधूरा, बढ़ता न्यायिक बोझ चिंता का विषय

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सुप्रीम कोर्ट में 3,500 से अधिक जनहित याचिकाएं लंबित, 698 मामले 10 साल से ज्यादा पुराने। 42 साल पुरानी PIL भी अब तक लंबित, बढ़ता न्यायिक बोझ चिंता का विषय। भारत की सर्वोच्च अदालत Supreme Court of India में जनहित याचिकाओं (PIL) का बढ़ता बोझ अब गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। संवैधानिक व्याख्या … Read more

फैसले रोके रखना ‘चिह्नित बीमारी’, खत्म करना ज़रूरी: सुप्रीम कोर्ट

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सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट द्वारा महीनों तक फैसले सुरक्षित रखकर सार्वजनिक न करने की प्रवृत्ति पर कड़ी टिप्पणी की। CJI सूर्यकांत ने इसे न्यायपालिका की ‘चिह्नित बीमारी’ बताते हुए समय पर न्याय सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया। समय पर न्याय की अनिवार्यता को रेखांकित करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को हाई कोर्ट द्वारा … Read more