आयोग ने कहा कि शैक्षणिक सेवाएं शुरू होने से पहले ‘नो रिफंड पॉलिसी’ लागू नहीं हो सकती
गुरुग्राम जिला उपभोक्ता आयोग ने GD Goenka Signature School को 24 घंटे के भीतर रद्द किए गए दो बच्चों के प्रवेश की ₹90,000 फीस लौटाने का आदेश दिया। आयोग ने कहा कि शैक्षणिक सेवाएं शुरू होने से पहले ‘नो रिफंड पॉलिसी’ लागू नहीं हो सकती।
24 घंटे में एडमिशन रद्द होने पर स्कूल को फीस लौटाने का आदेश
गुरुग्राम जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने GD Goenka Signature School, सोहना रोड को सेवा में कमी (Deficiency in Service) का दोषी ठहराते हुए एक महिला को उसके दो बच्चों के प्रवेश के लिए जमा कराई गई ₹90,000 की प्रवेश एवं पंजीकरण फीस वापस करने का आदेश दिया है।
आयोग ने यह भी निर्देश दिया कि स्कूल शिकायतकर्ता को ₹20,000 मानसिक पीड़ा एवं असुविधा के लिए मुआवजा तथा ₹11,000 वाद व्यय (Litigation Costs) के रूप में अदा करे।
आयोग ने कहा- प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू नहीं हुई थी
आयोग की पीठ, जिसमें अध्यक्ष संजीव जिंदल तथा सदस्य ज्योति सिवाच और खुशविंदर कौर शामिल थीं, ने 15 जुलाई के आदेश में कहा कि स्कूल ने न तो बच्चों का इंटरव्यू लिया था और न ही प्रवेश प्रक्रिया के लिए आवश्यक दस्तावेज, जैसे स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट, जन्म प्रमाणपत्र और पिछली कक्षाओं की मार्कशीट आदि मांगी थीं।
आयोग ने कहा कि शिकायतकर्ता ने फीस जमा करने के अगले ही दिन, यानी 24 घंटे के भीतर, प्रवेश रद्द करने और पूरी राशि लौटाने का अनुरोध कर दिया था। उस समय तक स्कूल द्वारा कोई भी शैक्षणिक सेवा शुरू नहीं हुई थी। ऐसे में फीस लौटाने से इनकार करना गंभीर सेवा में कमी है।
आर्थिक परिस्थितियों के कारण बदल गया स्थानांतरण का निर्णय
शिकायतकर्ता अपने परिवार के साथ गुरुग्राम के सेक्टर-92 स्थित क्रिसेंट पार्क से सोहना स्थानांतरित होने की योजना बना रही थीं। प्रस्तावित नए घर के पास स्थित होने के कारण उन्होंने अपने दोनों बच्चों का प्रवेश GD Goenka Signature School में कराने का निर्णय लिया।
उन्होंने स्कूल जाकर दोनों बच्चों के लिए ₹5,000-₹5,000 पंजीकरण शुल्क तथा ₹40,000-₹40,000 प्रवेश शुल्क जमा कराया। इस प्रकार कुल ₹90,000 स्कूल को अदा किए गए।
कोविड के कारण बदली योजना, अगले ही दिन मांगा रिफंड
शिकायतकर्ता के अनुसार, कोविड-19 महामारी के दौरान उत्पन्न वित्तीय कठिनाइयों के कारण उनका सोहना स्थानांतरित होने का कार्यक्रम रद्द हो गया।
इसके चलते उन्होंने 30 जनवरी 2021, यानी फीस जमा करने के अगले ही दिन, दोनों बच्चों का प्रवेश रद्द करने और पूरी फीस वापस करने का अनुरोध किया।
उनका आरोप था कि स्कूल ने यह कहते हुए रिफंड देने से साफ इनकार कर दिया कि उसकी “नो रिफंड पॉलिसी” है। इसके बाद उन्होंने सेवा में कमी का आरोप लगाते हुए उपभोक्ता आयोग में शिकायत दायर की।
स्कूल ने ‘नो रिफंड पॉलिसी’ का दिया हवाला
स्कूल ने अपने बचाव में कहा कि उसकी प्रवेश और पंजीकरण फीस स्पष्ट रूप से गैर-वापसी योग्य (Non-Refundable) थी।
स्कूल का तर्क था कि शिकायतकर्ता ने फीस जमा करते समय इस शर्त को स्वीकार किया था। इसलिए रिफंड से इनकार करना पूरी तरह वैध और नियमों के अनुरूप था तथा इसमें किसी प्रकार की सेवा में कमी नहीं है।
आयोग ने खारिज किया स्कूल का तर्क
आयोग ने पाया कि शिकायतकर्ता ने भुगतान रसीदें, रिफंड मांगने से संबंधित ई-मेल और कानूनी नोटिस जैसे दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत कर अपने दावे को साबित कर दिया।
इसके विपरीत, स्कूल ऐसा कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका जिससे शिकायतकर्ता के दावों को गलत साबित किया जा सके।
आयोग ने कहा कि भले ही भुगतान संबंधी दस्तावेजों में फीस को गैर-वापसी योग्य बताया गया हो, लेकिन उस समय तक न तो शैक्षणिक सत्र शुरू हुआ था और न ही स्कूल ने कोई शैक्षणिक सेवा प्रदान की थी।
ऐसी स्थिति में स्कूल किसी ऐसी सेवा के बदले फीस अपने पास नहीं रख सकता जो उसने दी ही नहीं।
24 घंटे के भीतर रद्द हुआ प्रवेश, फीस रोकना अनुचित
आयोग ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि शिकायतकर्ता ने फीस जमा करने के 24 घंटे के भीतर ही प्रवेश रद्द करने का अनुरोध कर दिया था।
जब न तो कक्षाएं शुरू हुई थीं, न प्रवेश प्रक्रिया पूरी हुई थी और न ही स्कूल ने कोई सेवा प्रदान की थी, तब फीस लौटाने से इनकार करना सेवा में स्पष्ट कमी माना जाएगा।
फैसले से क्या संदेश मिला?
यह फैसला स्पष्ट करता है कि शैक्षणिक संस्थान केवल “नो रिफंड पॉलिसी” का हवाला देकर फीस अपने पास नहीं रख सकते, यदि उन्होंने अभी तक कोई शैक्षणिक सेवा प्रदान ही नहीं की है।
आयोग ने दोहराया कि उपभोक्ताओं के अधिकार अनुचित अनुबंधीय शर्तों से ऊपर हैं। यदि प्रवेश समय रहते रद्द कर दिया जाए और संस्थान ने कोई सेवा शुरू न की हो, तो फीस रोकना उचित नहीं माना जाएगा और इसे सेवा में कमी माना जा सकता है।
Tags
#GDGoenka #SchoolFeeRefund #ConsumerCommission #ConsumerRights #EducationLaw #AdmissionFee #NoRefundPolicy #DeficiencyInService #LegalNews #Gurugram #SchoolAdmission #उपभोक्ता_अधिकार #स्कूल_फीस #फीस_रिफंड #शिक्षा_कानून #कानूनी_समाचार #गुरुग्राम #एडमिशन_फीस
