गिरफ्तारी से पहले हिरासत का समय भी 24 घंटे की सीमा में शामिल होगा: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट

मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए बिना 24 घंटे से अधिक हिरासत पर तत्काल रिहाई का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 22(2) के तहत गिरफ्तार व्यक्ति को 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की समय-सीमा वास्तविक हिरासत शुरू होने से गिनी जाएगी, न कि पुलिस द्वारा औपचारिक गिरफ्तारी … Read more

आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से तत्काल जमानत नहीं, याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर; 16 नवंबर को अंतरिम राहत पर विचार करने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आजम खान को सीधे जमानत देने या याचिका पर गुण-दोष के आधार पर फैसला करने के बजाय इलाहाबाद हाईकोर्ट में शीघ्र सुनवाई और अंतरिम राहत पर विचार करने का रास्ता अपनाया। दिए गए विवरण में याचिका के “सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर” होने का उल्लेख बाकी घटनाक्रम से मेल नहीं … Read more

दिल्ली विरोध प्रदर्शनों में पुलिस ज्यादती की जांच: सुप्रीम कोर्ट ने हाई-पावर्ड कमेटी को एक महीने में प्रारंभिक रिपोर्ट देने का निर्देश दिया

यदि अभियुक्त का पीड़ित की हत्या करने का कोई इरादा नहीं, तब भी IPC Sec 301 के तहत द्वेष के हस्तांतरण का सिद्धांत लागू होता है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली विरोध प्रदर्शनों के दौरान कथित पुलिस ज्यादती की जांच कर रही हाई-पावर्ड कमेटी को एक महीने में प्रारंभिक तथ्य-जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि कमेटी शिकायतों का इंतजार करते हुए जांच अनिश्चितकाल तक लंबित न रखे। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली विरोध प्रदर्शनों के दौरान कथित … Read more

रोहिंग्या नरसंहार मामले में 19 नवंबर को फैसला सुनाएगा ICJ, म्यांमार की राज्य के रूप में जिम्मेदारी पर होगा निर्णय

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अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) में मामला किसी व्यक्ति के आपराधिक मुकदमे का नहीं, बल्कि रोहिंग्या समुदाय के खिलाफ कथित नरसंहार अंतरराष्ट्रीय न्यायालय 19 नवंबर 2026 को गाम्बिया बनाम म्यांमार मामले में फैसला सुनाएगा। मामला 2017 में रोहिंग्या समुदाय के खिलाफ कथित नरसंहार और Genocide Convention के उल्लंघन से जुड़ा है। फैसला अंतिम होगा और इसके खिलाफ … Read more

चेक बाउंस मामले में दोषसिद्धि के बाद भी अपराध का समझौता संभव: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने OTS भुगतान पर आरोपी को किया बरी

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नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 147 के तहत हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 147 के तहत दोषसिद्धि के बाद भी चेक बाउंस का अपराध कंपाउंड किया जा सकता है। बैंक के साथ One Time Settlement के तहत भुगतान के बाद कोर्ट ने आरोपी की दोषसिद्धि रद्द कर उसे बरी … Read more

अतिरिक्त स्थायी अधिवक्ता (क्रिमिनल) को ‘मास्टर के इशारे पर काम करने वाला’ बताने के आरोप पर रत्ना सिंह के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही की मंजूरी

साकेत कोर्ट के CJM के आदेश के बाद शुरू हुआ विवाद

साकेत कोर्ट के CJM के आदेश के बाद शुरू हुआ विवाद दिल्ली सरकार के अतिरिक्त स्थायी अधिवक्ता अमोल सिन्हा ने Cockroach Janta Party की नेता रत्ना सिंह के सोशल मीडिया पोस्ट को प्रथम दृष्टया न्यायपालिका की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर हमला मानते हुए उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के लिए सहमति दी … Read more

पड़ोसी की निजता में दखल देने वाले तरीके से CCTV कैमरा नहीं लगाया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

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“कोई भी निजी CCTV कैमरा इस तरह स्थापित और उसकी दिशा निर्धारित नहीं की जा सकती, जिससे पड़ोसी की निजता में हस्तक्षेप हो।” इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपने निजी CCTV कैमरे को इस तरह नहीं लगा सकता, जिससे पड़ोसी के घर की निजता प्रभावित हो। कोर्ट ने जिला मजिस्ट्रेट को शिकायत … Read more

‘हवाई यात्रा नहीं करनी है तो मत कीजिए’, 700% तक किराया बढ़ने की याचिका पर तत्काल सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

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ईरान संघर्ष और कच्चे तेल की कीमतों का हवाई किराए पर असर दिवाली के दौरान घरेलू हवाई किराए में 700 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का दावा करने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा, “हवाई यात्रा न करें।” इस बीच केंद्र ने नए विमानन नियम अधिसूचित … Read more

FIR दर्ज न होने या सही जांच नहीं होने पर सीधे हाई कोर्ट का रुख करना सामान्य नियम नहीं: सुप्रीम कोर्ट

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BNSS में FIR और जांच के लिए निर्धारित प्रक्रिया Sujal Vishwas Attavar v. State of Maharashtra (2026) में सुप्रीम कोर्ट ने Sakiri Vasu फैसले पर भरोसा करते हुए कहा कि FIR दर्ज न होने या उचित जांच नहीं होने की शिकायत पर पहले BNSS में उपलब्ध वैधानिक उपाय अपनाने चाहिए। असाधारण परिस्थितियों को छोड़कर सीधे … Read more

पति की मौत के बाद गैराज में रहने को मजबूर महिला को दिल्ली हाई कोर्ट से राहत, सास को साझा घर में जगह देने का निर्देश

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हाई कोर्ट ने घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 के तहत एक विधवा महिला को बड़ी अंतरिम राहत दिल्ली हाई कोर्ट ने पूर्वी दिल्ली में गैराज में रह रही एक विधवा महिला को अंतरिम राहत देते हुए सास को परिवार के घर में एक फ्लोर पर रहने की जगह देने का निर्देश दिया। … Read more