बिना सबूत पत्नी पर पाबंदी नहीं: तेलंगाना हाई कोर्ट ने फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द किया

High Court Of Telangana In Hyderabad

तलाक केस में बिना ठोस सबूत पत्नी को पति से दूर रहने का आदेश नहीं दिया जा सकता

तलाक के बाद पत्नी की मौत पर मुआवजा किसे? इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अहम आदेश दिया

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Hindu Succession Act, 1956 के तहत यदि किसी महिला की बिना वसीयत मृत्यु होती है, तो उसकी संपत्ति पहले उसकी संतान और पति को जाती है इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि आपसी सहमति से तलाक के बाद पत्नी की मृत्यु होने पर बकाया समझौता राशि उसकी मां को मिलेगी, पति का दावा खारिज। हाई … Read more

मुस्लिम महिला के भरण-पोषण मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट का अहम फैसला, दूसरा निकाह वैध नहीं

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तलाक की डिक्री नहीं, तलाक की तारीख महत्वपूर्ण: इलाहाबाद हाईकोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुस्लिम महिला के भरण-पोषण मामले में बड़ा फैसला देते हुए कहा कि तलाक की डिक्री घोषणात्मक होती है और तलाक की प्रभावी तारीख उच्चारण की तारीख मानी जाएगी, मामला फैमिली कोर्ट को पुनर्विचार के लिए वापस। मुस्लिम महिला के भरण-पोषण मामले में … Read more

पुणे फैमिली कोर्ट: शारीरिक संबंध बनाने से इनकार पर शादी निरस्त

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विवाह केवल औपचारिक रिश्ता नहीं, वैवाहिक दायित्वों पर आधारित संस्था पुणे फैमिली कोर्ट Pune Family Court ने पति द्वारा वैवाहिक संबंध बनाने से इनकार स्वीकार करने के बाद हिंदू विवाह अधिनियम के तहत शादी को निरस्त कर दिया। अदालत ने कहा—विवाह केवल औपचारिक रिश्ता नहीं, वैवाहिक दायित्वों पर आधारित संस्था है। महाराष्ट्र के Pune से … Read more

पत्नी नौकरीपेशा हो तब भी भरण-पोषण से इंकार नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 125 का उद्देश्य पत्नी को सम्मानजनक जीवन देना है। गाजियाबाद परिवार न्यायालय के 15,000 रुपये मासिक भरण-पोषण आदेश को चुनौती देने वाली पति की पुनरीक्षण याचिका खारिज। प्रयागराज: Allahabad High Court ने स्पष्ट किया है कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 125 केवल पत्नी को आर्थिक संकट … Read more

पत्नी के कथित व्यभिचार के आरोप में पितृत्व जांच के लिए DNA टेस्ट वैध: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट

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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के उस आदेश को सही ठहराया, जिसमें पति को यह जानने के लिए DNA टेस्ट कराने की अनुमति दी गई थी कि वह बच्चे का जैविक पिता है या नहीं। कोर्ट ने कहा कि जब मामला बच्चे की वैधता नहीं बल्कि पत्नी के कथित व्यभिचार से जुड़ा हो, तो DNA … Read more

केरल हाईकोर्ट की टिप्पणी: इस्लाम में बहु विवाह तभी मान्य जब सभी पत्नियों के साथ न्याय संभव हो

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केरल हाईकोर्ट ने कहा कि इस्लाम में बहु विवाह तभी मान्य है जब पति सभी पत्नियों के साथ न्याय और भरण-पोषण की क्षमता रखे। अदालत ने कुरान की आयतों का हवाला देते हुए बहु विवाह को अपवाद बताया और राज्य को परित्यक्त महिलाओं की सुरक्षा का निर्देश दिया। केरल हाईकोर्ट की टिप्पणी: इस्लाम में बहु … Read more