Sambhal School Case: इस्लामिक प्रार्थना और मुस्लिम पोशाक के आरोप में निलंबित शिक्षक को Allahabad HC से राहत, जांच 15 दिन में पूरी करने का आदेश

इलाहाबाद हाई कोर्ट

Allahabad High Court ने संभल के सरकारी स्कूल में छात्रों से कथित इस्लामिक प्रार्थना और मुस्लिम पोशाक पहनाने के मामले में निलंबित शिक्षक Mohd. Anzar Ahmad को राहत दी। Court ने जांच पूरी होने तक suspension पर रोक लगाई और 15 दिन में departmental inquiry पूरी करने का निर्देश दिया। Sambhal School Case में निलंबित … Read more

Section 498-A IPC के लिए औपचारिक विवाह जरूरी नहीं, शादी का झांसा देकर साथ रहने और क्रूरता पर चलेगा मुकदमा: कलकत्ता हाईकोर्ट

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कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा कि Section 498-A IPC के तहत prosecution के लिए formal traditional marriage हमेशा अनिवार्य नहीं है। वैवाहिक स्थिति छिपाकर महिला को घरेलू संबंध में रखने और cruelty के prima facie evidence पर Section 482 CrPC में proceedings quash नहीं की जा सकतीं। Section 482 CrPC में FIR और Charge-Sheet quash करने … Read more

BCCI और राज्य क्रिकेट संघ National Sports Governance Act 2025 के दायरे से बाहर क्यों? सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब

Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट ने BCCI और राज्य क्रिकेट संघों से पूछा कि वे National Sports Governance Act 2025 के दायरे में क्यों नहीं आ सकते। कोर्ट ने पदाधिकारियों की सेवा शर्तों को लेकर भी जवाब मांगा। BCCI और State Cricket Associations पर सुप्रीम कोर्ट का सवाल सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और प्रदेश … Read more

Marital Rape Exception पर सुप्रीम कोर्ट करेगा संवैधानिक जांच, IPC Section 375 और BNS Section 63 पर उठे गंभीर सवाल

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सुप्रीम कोर्ट ने Marital Rape Exception की संवैधानिक वैधता की जांच करने पर सहमति जताई है। कोर्ट IPC Section 375 और BNS Section 63 के तहत विवाह के भीतर गैर-सहमति वाले यौन संबंधों को rape से बाहर रखने वाले प्रावधानों की समीक्षा करेगा। Marital Rape Exception की Constitutional Validity पर सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार … Read more

FIR दर्ज कराने के लिए सीधे हाईकोर्ट नहीं जा सकते: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने Article 226 की याचिका खारिज की

इलाहाबाद हाई कोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि FIR दर्ज न होने पर पीड़ित को पहले BNSS की धारा 175(3) के तहत मजिस्ट्रेट से संपर्क करना होगा। Article 226 के तहत सीधे हाईकोर्ट आना उचित नहीं। FIR के लिए हाईकोर्ट को प्रथम मंच नहीं बनाया जा सकता इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पुलिस द्वारा FIR दर्ज … Read more

जिला न्यायपालिका की Retirement Age 60 से 62 वर्ष होगी: सुप्रीम कोर्ट ने 7 राज्यों को नियम बदलने का दिया निर्देश

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“The judicial service is not service in the sense of ‘employment’. The Judges are not employees.” सुप्रीम कोर्ट ने जिला न्यायपालिका के न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने का निर्देश दिया। 7 राज्यों में 60 वर्ष की आयु पर Performance Assessment अनिवार्य होगा। अनुभवी न्यायिक अधिकारियों को बनाए रखने पर … Read more

NSA हिरासत पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी: ‘अधिकारियों की मनमानी UP को Orwellian Dystopia में बदल सकती है’

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी की ग्रेजुएट आकृति चौधरी की NSA हिरासत रद्द करते हुए राज्य की कार्रवाई पर सख्त टिप्पणी की और ₹5 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया। NSA के तहत हिरासत रद्द, हाईकोर्ट ने राज्य की कार्रवाई पर जताई नाराजगी इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा में फैक्ट्री श्रमिकों के विरोध-प्रदर्शन से जुड़े मामले … Read more

AI से गढ़े गए फर्जी केस लॉ पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, ₹425 करोड़ की कस्टम्स पेनल्टी रद्द

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फर्जी केस लॉ और AI हॉलुसिनेशन पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट ने प्राकृतिक हीरों को लैब-ग्रोन डायमंड बताने के मामले में ₹425 करोड़ की कस्टम्स पेनल्टी रद्द कर दी। कोर्ट ने AI से गढ़े फर्जी केस लॉ पर सख्त टिप्पणी की। फर्जी केस लॉ और AI हॉलुसिनेशन पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त … Read more

चुनाव याचिका खारिज नहीं की जा सकती: Form-25 में कमी पर सुप्रीम कोर्ट ने बताई Certiorari और Section 86 की सीमा

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Form-25 में कमी पर चुनाव याचिका खारिज नहीं की जा सकती: सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि Form-25 के attestation में कमी होने पर पूरी चुनाव याचिका को Section 86 के तहत अनिवार्य रूप से खारिज नहीं किया जा सकता। भ्रष्ट आचरण के आरोप हटाए जा सकते हैं, लेकिन स्वतंत्र चुनावी आधारों पर सुनवाई … Read more

“Article 226/227 में Certiorari: हाईकोर्ट कब कर सकता है हस्तक्षेप?” – सुप्रीम कोर्ट

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सुप्रीम कोर्ट ने समझाया: ‘Certiorari’ में हाईकोर्ट कब दखल दे सकता है? दस्तावेजी सबूत नजरअंदाज करने पर हस्तक्षेप जायज सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट certiorari jurisdiction में सामान्य अपीलीय अदालत की तरह साक्ष्यों का पुनर्मूल्यांकन नहीं कर सकता, लेकिन महत्वपूर्ण दस्तावेजों की अनदेखी और perverse finding होने पर Articles 226 और 227 के तहत … Read more