पत्नी को परेशान करने पर अधिवक्ता पति को झटका, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने याचिका खारिज कर 15 लाख का जुर्माना लगाया

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याचिकाकर्ता पति पर गंभीर टिप्पणी करते हुए 15 लाख रुपये का भारी हर्जाना भी लगाया इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भरण-पोषण मामले में पति की याचिका को दुर्भावनापूर्ण बताते हुए खारिज किया और तथ्यों को छिपाने पर 15 लाख रुपये का हर्जाना लगाया। हाई कोर्ट का कड़ा रुख: ‘दुर्भावनापूर्ण याचिका’ Allahabad High Court ने एक अधिवक्ता … Read more

तलाक बिना लिव-इन रिलेशनशिप में कानूनी रूप से नहीं: इलाहाबाद हाई कोर्ट सख्त

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“एक व्यक्ति की स्वतंत्रता वहां समाप्त हो जाती है जहां दूसरे व्यक्ति का वैधानिक अधिकार शुरू होता है।” इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति पहले से विवाहित है और तलाक नहीं हुआ है, तो वह किसी तीसरे व्यक्ति के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में कानूनी रूप से नहीं रह सकता और ऐसे मामलों … Read more

पत्नी नौकरानी नहीं, जीवनसाथी है – पति भी घर के काम में हाथ बंटाए – SC

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आप किसी नौकरानी से शादी नहीं कर रहे हैं – सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पत्नी द्वारा खाना न बनाना या घरेलू काम कम करना क्रूरता नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने कहा कि शादी नौकरानी से नहीं बल्कि जीवनसाथी से होती है और पति को भी घरेलू कामों में योगदान देना चाहिए। … Read more

व्यभिचार के आरोपों की जांच के लिए नाबालिग बच्ची का डीएनए टेस्ट वैध: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने तलाक याचिका में नाबालिग बच्ची के डीएनए टेस्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए कहा कि यह जांच व्यभिचार के आरोपों की सच्चाई जानने के लिए है, न कि बच्ची की वैधता पर सवाल उठाने के लिए। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में फैमिली कोर्ट द्वारा नाबालिग बच्ची के … Read more

बाल अभिरक्षा में सिर्फ ‘वेलफेयर’ ही नहीं निर्णायक, अन्य कारक भी अहम: सुप्रीम कोर्ट

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बच्चों की कस्टडी तय करते समय केवल ‘बाल कल्याण’ ही नहीं, बल्कि माता-पिता की आर्थिक क्षमता, जीवन स्तर, शिक्षा और बच्चों की सुविधा जैसे कारकों पर भी विचार जरूरी है। हाईकोर्ट का आदेश रद्द कर मामला पुनर्विचार के लिए लौटाया गया। सुप्रीम कोर्ट ने दो नाबालिग बच्चों की अभिरक्षा (custody) … Read more