नाबालिग का हाथ पकड़ना ‘क्रिमिनल फोर्स’, फिर भी आरोपी बरी—हाई कोर्ट ने बताया क्यों

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दिल्ली हाई कोर्ट ने माना कि नाबालिग का हाथ पकड़ना IPC धारा 354 के तहत अपराध है, लेकिन आरोप तय न होने के कारण आरोपी की बरी बरकरार रखी। हाई कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला Delhi High Court ने एक अहम निर्णय में स्पष्ट किया कि रात में एक अजनबी द्वारा नाबालिग लड़की का हाथ पकड़ना … Read more

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: राज्य सरकार CBI द्वारा जांचे गए मामलों में बरी के खिलाफ अपील नहीं कर सकती, लालू प्रसाद यादव केस के सिद्धांत की फिर पुष्टि

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार CBI द्वारा जांचे गए मामलों में बरी के खिलाफ अपील नहीं कर सकती। अदालत ने लालू प्रसाद यादव केस (2010) के सिद्धांत को दोहराते हुए स्पष्ट किया कि CrPC की धारा 378 के तहत अपीलीय अधिकार केवल केंद्र सरकार के पास है। 📰 सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: … Read more

मृतका के मृत्यु पूर्व कथन पर भरोसा करते हुए वर्ष 1992 में अपनी पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी पति को बरी करने के फैसले को दिया पलट -HC

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गुजरात उच्च न्यायालय ने मृत्यु पूर्व कथन पर भरोसा करते हुए वर्ष 1992 में अपनी पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी पति को बरी करने के फैसले को पलट दिया। यह अपील दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (इसके बाद, “संहिता”) की धारा 378 (1) (3) के तहत विद्वान अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश और पीठासीन अधिकारी, … Read more

कष्टप्रद और अवांछित अभियोजन के खिलाफ सुरक्षा और मुकदमे में अनावश्यक रूप से घसीटे जाने से सुरक्षा उच्च न्यायालयों का कर्तव्य है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कष्टप्रद और अवांछित अभियोजन के खिलाफ सुरक्षा और मुकदमे में अनावश्यक रूप से घसीटे जाने से सुरक्षा उच्च न्यायालयों का कर्तव्य है। अदालत इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ अपील पर फैसला कर रही थी, जिसने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, लखनऊ के उस आदेश को बरकरार रखा था, जिसमें चोरी … Read more