दहेज हत्या केस में SC सख्त, हाई कोर्ट की जमानत रद्द; कहा—ऐसे अपराधों को हल्के में नहीं लें
Supreme Court सख्त, हाई कोर्ट की जमानत रद्द; कहा—ऐसे अपराधों को हल्के में नहीं लें
Supreme Court सख्त, हाई कोर्ट की जमानत रद्द; कहा—ऐसे अपराधों को हल्के में नहीं लें
धारा 304A में हर मामले में जेल जरूरी नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने 3 महीने की सजा को 3 लाख रुपये मुआवज़े में बदला सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि IPC की धारा 304A (BNS की धारा 106) के तहत हर मामले में जेल अनिवार्य नहीं। 13 वर्षीय बालक की सड़क दुर्घटना में मौत के मामले में … Read more
हज यात्रा कोई निरंकुश अधिकार नहीं, सज़ायाफ्ता अभियुक्त को नहीं मिली अस्थायी जमानत: इलाहाबाद हाईकोर्ट लखनऊ: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने धारा 304 आईपीसी में दोषसिद्ध एक अभियुक्त की हज यात्रा पर जाने के लिए मांगी गई अल्पकालिक जमानत की अर्जी को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि हज यात्रा का अधिकार पूर्ण या निरंकुश नहीं है, … Read more
दिल्ली हाई कोर्ट: सिर्फ तेज गति से वाहन चलाना लापरवाही का प्रमाण नहीं नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि केवल ‘तेज गति’ से वाहन चलाने मात्र से यह साबित नहीं होता कि चालक लापरवाही या उतावलेपन (रैश ड्राइविंग) से गाड़ी चला रहा था। इस टिप्पणी के साथ … Read more
सुप्रीम कोर्ट: आईपीसी की धारा 304 भाग II के तहत आरोपों को खारिज करते हुए आरोपियों की याचिका को मंजूरी सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को पलटा, आरोपियों को दी राहत। सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है, जिसमें आरोपियों की पुनरीक्षण याचिका को … Read more
Rash & Negligent Driving Case : सुप्रीम कोर्ट SUPREME COUER ने लापरवाही से गाड़ी चलाने Rash & Negligent Driving के एक मामले में एक आरोपी को दी गई सजा को यह देखते हुए रद्द कर दिया कि आरोपी ने मृतक की मां को मुआवजे के तौर पर एक लाख रुपये जमा कर दिए हैं। न्यायालय … Read more
सर्वोच्च न्यायालय ने धारा 302 के तहत एक व्यक्ति की दोषसिद्धि को धारा 304 आईपीसी के भाग 1 के तहत बदल दिया, जबकि यह देखा कि अपीलकर्ताओं द्वारा अचानक झगड़े के बाद आवेश में अचानक लड़ाई में बिना सोचे-समझे अपराध किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यह अपील छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय … Read more
सर्वोच्च न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 के तहत एक व्यक्ति की दोषसिद्धि को आईपीसी की धारा 304 के भाग I में बदल दिया। न्यायालय इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस निर्णय को चुनौती देने वाली एक आपराधिक अपील पर विचार कर रहा था, जिसमें उसने आईपीसी की धारा 302 के तहत दोषसिद्धि … Read more
शीर्ष अदालत ने कहा कि दहेज हत्या के मामले में परिवार के किसी सदस्य के साक्ष्य को केवल इस आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता कि वे इच्छुक गवाह हैं। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एस.वी.एन. भट्टी की बेंच ने याचिका पर सुनवाई करते हुए ये सवाल किया, “अगर दहेज हत्या के मामले में … Read more
सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि संदेह चाहे कितना भी मजबूत क्यों न हो, उचित संदेह से परे सबूत की जगह नहीं ले सकता। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि “जहां अभियोजन यह साबित करता है कि मृतक को आखिरी बार अपीलकर्ताओं के साथ देखा गया था और उसके तुरंत बाद मृतक की मृत्यु हो गई, तो … Read more