₹500 की घड़ी के विवाद में हुई हत्या: 29 साल बाद सुप्रीम कोर्ट ने खत्म किया मामला, दोषसिद्धि बरकरार, सजा घटाई

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दोषसिद्धि में कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा 1997 में ₹500 की घड़ी को लेकर हुए विवाद में एक व्यक्ति की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 29 साल बाद अंतिम फैसला सुनाया। अदालत ने दोषसिद्धि बरकरार रखते हुए जीवित बचे आरोपी की सजा को पहले से काटी गई … Read more

बिना कारण बताए रिहाई ठुकराना मनमाना: सुप्रीम कोर्ट ने MHA का आदेश किया रद्द

सुप्रीम कोर्ट

SC ने कहा कि केवल अपराध की गंभीरता के आधार पर remission से इनकार नहीं किया जा सकता सुप्रीम कोर्ट ने समयपूर्व रिहाई से इनकार करने वाले गृह मंत्रालय के आदेश को गैर-कारणयुक्त और मनमाना बताते हुए रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि केवल अपराध की गंभीरता के आधार पर remission से इनकार नहीं … Read more

पूनिया हत्याकांड: परिवार के आठ सदस्यों की हत्या की दोषी सोनिया ने खुद को बताया पीड़ित

supreme court of india

“मुझे फंसाया गया”: सुप्रीम कोर्ट में नई दलील हरियाणा के चर्चित पूनिया परिवार हत्याकांड में नया मोड़, दोषी सोनिया ने सुप्रीम कोर्ट में खुद को पीड़ित बताते हुए साजिश और जहर देने का आरोप लगाया। हरियाणा के बहुचर्चित पूनिया परिवार हत्याकांड में नया कानूनी मोड़ सामने आया है। परिवार के आठ सदस्यों की हत्या की … Read more

बदले में सिर कलम: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उम्रकैद बरकरार रखी

Allahabad high court

पूर्व नियोजित और नृशंस हत्या में कोई रियायत नहीं 1987 के पीलीभीत हत्याकांड में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तलवार से सिर कलम करने वाले आरोपी की उम्रकैद बरकरार रखी। कोर्ट ने कहा—पूर्व नियोजित और नृशंस हत्या में कोई रियायत नहीं। चार दशक पुराने खूनी संघर्ष में बड़ा फैसला सुनाते हुए Allahabad High Court ने बदले की … Read more

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: ‘बिना दोष सिद्धि की संभावना वाले मामलों में चार्जशीट न दायर करें’

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बिना मजबूत संदेह या दोष सिद्धि की वास्तविक संभावना के चार्जशीट दायर करना न्याय प्रणाली को बोझिल बनाता है। कोर्ट ने वॉयुरिज़्म के गलत आरोपों का सामना कर रहे एक व्यक्ति को discharged करते हुए राज्य को चेताया कि ‘बिना ठोस आधार’ मुकदमे नागरिकों के निष्पक्ष ट्रायल के अधिकार का … Read more

पत्नी की हत्या के मामले में आरोपी पति की सज़ा बरकरार: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ‘लास्ट सीन’ और असफल स्पष्टीकरण को माना निर्णायक

LKO HC

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2015 में पत्नी की हत्या के आरोपी पति की उम्रकैद की सज़ा बरकरार रखी। कोर्ट ने कहा कि मृतका का शव पति के साथ ‘लास्ट सीन’ के बाद तुरंत मिला और आरोपी कोई ठोस स्पष्टीकरण नहीं दे सका। धारा 106 साक्ष्य अधिनियम और परिस्थितिजन्य साक्ष्य को आधार बनाकर अपील खारिज की गई। … Read more

इलाहाबाद HC : 5 महीने की बच्ची से दुष्कर्म-हत्या के केस में मौत की सज़ा उम्रकैद में बदली, अपराध सिद्ध—पर ‘rarest of rare’ नहीं

lko HC

5 महीने की बच्ची से दुष्कर्म व हत्या: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मौत की सज़ा को उम्रकैद (बिना remission) में बदला इलाहाबाद हाई कोर्ट लखनऊ खंडपीठ ने 2020 के उस जघन्य केस में, जिसमें 5 महीने की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या का आरोप था, ट्रायल कोर्ट की मौत की सज़ा को उम्रकैद (natural life … Read more

1984 सिख दंगों का केस: कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार के खिलाफ फाइनल बहस 29 अक्टूबर से

राउज एवेन्यू कोर्ट

📄 दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 1984 सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामले में कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार के खिलाफ फाइनल आर्ग्युमेंट्स 29 अक्टूबर से शुरू करने का आदेश दिया। जानें पूरा मामला। 1984 सिख दंगों का केस: कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार के खिलाफ फाइनल बहस 29 अक्टूबर से नई … Read more

सुप्रीम कोर्ट: पुलिस स्टेशन में किए गए इकबाल-ए-जुर्म पर भरोसा नहीं, हत्या केस में सभी आरोपी बरी

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पुलिस स्टेशन में पुलिस अधिकारियों और अन्य लोगों के सामने किया गया इकबाल-ए-जुर्म (Extrajudicial Confession) सबूत नहीं माना जा सकता। अदालत ने कर्नाटक के एक हत्या मामले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया। 🚨 सुप्रीम कोर्ट: पुलिस स्टेशन में किए गए इकबाल-ए-जुर्म पर भरोसा नहीं, हत्या केस में सभी … Read more

न्यायालय जाने से रोकना है सबसे गंभीर आपराधिक अवमानना: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाई कोर्ट

Preventing from going to court is the most serious criminal contempt: Allahabad High Court 🧾 विधि संवाददाता इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी भी व्यक्ति को न्यायालय जाने से रोकना या डराना, आपराधिक अवमानना का सबसे गंभीर रूप है। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर ने एक जनहित याचिका Public Interest Litigation … Read more