इलाहाबाद हाईकोर्ट: चार्जशीट और संज्ञान रिकॉर्ड पर न हों तो BNSS 528 के तहत FIR क्वैश नहीं

Allahabad High Court Landmark

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि BNSS की धारा 528 (पूर्व धारा 482 CrPC) के तहत FIR तभी क्वैश (FIRQuashing) की जा सकती है जब चार्जशीट व संज्ञान कोर्ट रिकॉर्ड पर हों। Pradnya Pranjal Kulkarni फैसले का हवाला देते हुए कोर्ट ने आवेदन को गैर-रक्षित व अमान्य बताते हुए खारिज कर दिया। इलाहाबाद हाईकोर्ट: चार्जशीट और … Read more

SC/ST एक्ट विवाद वाले मामलों में समझौते पर कार्यवाही रद्द हो सकती है: इलाहाबाद हाईकोर्ट का अहम फैसला

इलाहाबाद हाईकोर्ट

SC/ST एक्ट विवाद वाले मामलों में समझौते पर कार्यवाही रद्द हो सकती है: इलाहाबाद हाईकोर्ट का अहम फैसला इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि SC/ST एक्ट का मामला जातिगत आधार पर नहीं है और विवाद निजी प्रकृति का है, तो पक्षकारों के स्वैच्छिक समझौते पर कार्यवाही रद्द की जा सकती है। कोर्ट ने पुलिस … Read more

चेक स्वयं एक भुगतान का वादा है, Contract Act के तहत समय-सीमा से बाहर ऋण को भी मान्य किया जा सकता है: SC

Cheque Bouncing Case:

👉 चेक स्वयं एक भुगतान का वादा है, Contract Act के तहत समय-सीमा से बाहर ऋण को भी मान्य किया जा सकता है: SC Cheque itself is a promise to pay, out-of-time loan can also be validated under Contract Act: SC 📌सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चेक बाउंस मामलों में ऋण समय-सीमा से बाहर है … Read more

घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत कार्यवाही को समाप्त करने के लिए हाईकोर्ट को CrPC की धारा 482 के तहत अधिकार है: सुप्रीम कोर्ट

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  ⚖️ घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत कार्यवाही को समाप्त करने के लिए हाईकोर्ट को CrPC की धारा 482 के तहत अधिकार है: सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 482 (बीएनएसएस की धारा 528 के समतुल्य) के तहत हाईकोर्ट्स को यह अधिकार … Read more

“मर्दानगी पर सवाल अपमानजनक, लेकिन आत्महत्या के लिए उकसावा नहीं”: सुप्रीम कोर्ट ने 306 IPC के तहत आरोप खारिज किए

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“मर्दानगी पर सवाल अपमानजनक, लेकिन आत्महत्या के लिए उकसावा नहीं”: सुप्रीम कोर्ट ने 306 IPC के तहत आरोप खारिज किए सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि किसी व्यक्ति की मर्दानगी पर सवाल उठाना या उसे नपुंसक कहकर अपमानित करना, चाहे जितना भी अपमानजनक क्यों न हो, अपने-आप में आत्महत्या के लिए … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया – CrPC की धारा 197(1) का संरक्षण केवल उन्हीं लोक सेवकों को, जिन्हें केंद्र या राज्य सरकार नियुक्त करती है

सुप्रीम कोर्ट

  सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया – CrPC की धारा 197(1) का संरक्षण केवल उन्हीं लोक सेवकों को, जिन्हें केंद्र या राज्य सरकार नियुक्त करती है मामला: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो बनाम रमेश चंदर दीवान सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में यह स्पष्ट किया है कि दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 197(1) का संरक्षण केवल … Read more

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वकील और डॉक्टर के खिलाफ दर्ज केस किया रद्द, कहा – “बदले की भावना से लगाए गए आरोप”

इलाहाबाद हाईकोर्ट

  ⚖️ इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वकील और डॉक्टर के खिलाफ दर्ज केस किया रद्द, कहा – “बदले की भावना से लगाए गए आरोप” मामला: 🔸 रमेश कुमार श्रीवास्तव व अन्य बनाम राज्य सरकार (तथा अन्य) 🔸 न्यूट्रल सिटेशन: 2025:AHC-LKO:19831 🔸 पीठ: न्यायमूर्ति श्री प्रकाश सिंह की एकल पीठ 🔸 धारा: CrPC की धारा 482 के … Read more

गुजरात हाईकोर्ट: 1.25 करोड़ रुपये की ठगी के आरोप में साध्वी जयश्रीगिरि गुरु जगदीशगिरि की याचिका खारिज, FIR रद्द करने से इनकार

गुजरात हाईकोर्ट: 1.25 करोड़ रुपये की ठगी के आरोप में साध्वी जयश्रीगिरि गुरु जगदीशगिरि की याचिका खारिज, FIR रद्द करने से इनकार

गुजरात हाईकोर्ट: 1.25 करोड़ रुपये की ठगी के आरोप में साध्वी जयश्रीगिरि गुरु जगदीशगिरि की याचिका खारिज, FIR रद्द करने से इनकार गुजरात हाईकोर्ट एकल न्यायाधीश पीठ के समक्ष साध्वी जयश्रीगिरि गुरु जगदीशगिरि (‘साध्वी’) द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें उन्होंने भारतीय दंड संहिता, 1860 (IPC) की धारा 406, 420 और 506(1) के तहत … Read more

ओडिशा हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: विवाह के झूठे वादे पर बलात्कार का आरोप खारिज

ओडिशा हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: विवाह के झूठे वादे पर बलात्कार का आरोप खारिज

ओडिशा उच्च न्यायालय के एक महत्वपूर्ण फैसले की चर्चा की गई है, जिसमें अदालत ने नौ वर्षों तक संबंध में रहने के बाद विवाह का वादा पूरा न करने के आधार पर लगाए गए बलात्कार के आरोपों को खारिज कर दिया। ओडिशा उच्च न्यायालय ने एक मामले में एक व्यक्ति के खिलाफ बलात्कार के आरोपों … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने गोंडा जिले में दर्ज आपराधिक मामले की सुनवाई पर रोक लगाई, हाईकोर्ट के आदेश को बताया त्रुटिपूर्ण

सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने गोंडा जिले में दर्ज एक आपराधिक मामले में ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगा दी, यह टिप्पणी करते हुए कि केवल आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल हो जाने के आधार पर याचिका खारिज करना हाईकोर्ट की त्रुटि थी। न्यायमूर्ति बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति ए.जी. मसीह की पीठ ने स्पष्ट किया कि … Read more