लिव-इन और विवाह वादा केस पर सुप्रीम कोर्ट के सवाल, सहमति और भरोसे पर बहस

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सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी – “वह विवाह से पहले उसके साथ रहने क्यों चली गई?” सुप्रीम कोर्ट ने विवाह के झूठे वादे पर बलात्कार के आरोप वाले मामले में लिव-इन रिलेशनशिप, सहमति और भरोसे की प्रकृति पर सवाल उठाए, जमानत याचिका की सुनवाई में अहम टिप्पणियां। सुनवाई के दौरान कोर्ट की अहम टिप्पणी Supreme Court … Read more

‘पुलिस का काम जांच है, जोड़ों का पीछा नहीं’: Allahabad High Court की सख्त टिप्पणी

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहमति से साथ रह रहे जोड़े को परेशान करने पर पुलिस को फटकार लगाई। कहा—यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर गंभीर हमला है। हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी Allahabad High Court ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस का काम अपराधों की जांच करना है, न कि सहमति से साथ … Read more

तलाक बिना लिव-इन रिलेशनशिप में कानूनी रूप से नहीं: इलाहाबाद हाई कोर्ट सख्त

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“एक व्यक्ति की स्वतंत्रता वहां समाप्त हो जाती है जहां दूसरे व्यक्ति का वैधानिक अधिकार शुरू होता है।” इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति पहले से विवाहित है और तलाक नहीं हुआ है, तो वह किसी तीसरे व्यक्ति के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में कानूनी रूप से नहीं रह सकता और ऐसे मामलों … Read more

“कानून दिल टूटने को अपराध नहीं मानता”: कर्नाटक हाईकोर्ट ने रेप केस रद्द किया

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“बाद में मन बदल जाना, भावनात्मक असंगति, परिवार का विरोध या विवाह की अनिच्छा—इनसे यह साबित नहीं होता कि शुरुआत में आपराधिक इरादा था।” कर्नाटक हाईकोर्ट ने आपसी सहमति से बने रिश्ते के बाद दर्ज रेप केस को रद्द करते हुए कहा कि केवल शादी से इनकार कर देना IPC की धारा 376 के तहत … Read more

अंतरधार्मिक लिव-इन संबंध अपराध नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

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धर्म परिवर्तन तभी अपराध होगा जब वह बल, प्रलोभन, धोखाधड़ी, दबाव या विवाह/विवाह जैसे संबंध के माध्यम से कराया गया हो-इलाहाबाद हाईकोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अंतरधार्मिक लिव-इन संबंध न तो अवैध हैं और न दंडनीय। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना जबरन धर्म परिवर्तन के UCRA लागू नहीं होगा और साथी चुनना अनुच्छेद … Read more

शादी से पहले लिव-इन छिपाना धोखाधड़ी: झारखंड हाईकोर्ट ने विवाह रद्द किया, गुजारा भत्ता 30 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये

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झारखंड हाईकोर्ट ने अहम फैसला देते हुए कहा कि शादी से पहले लिव-इन रिलेशनशिप की जानकारी छिपाना धोखाधड़ी है। कोर्ट ने विवाह को शून्य घोषित करते हुए पत्नी के स्थायी गुजारा भत्ते को 30 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया। झारखंड हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण वैवाहिक विवाद में फैसला सुनाते हुए कहा है … Read more

मद्रास हाईकोर्ट: लिव-इन रिलेशनशिप में महिलाओं को ‘पत्नी’ जैसा दर्जा देकर सुरक्षा जरूरी

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मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाली महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अहम टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि ऐसे रिश्तों में महिलाओं को गंधर्व विवाह की तर्ज पर ‘पत्नी’ का दर्जा देकर संरक्षण मिलना चाहिए। मद्रास हाईकोर्ट: लिव-इन रिलेशनशिप में महिलाओं को ‘पत्नी’ जैसा दर्जा देकर सुरक्षा जरूरी मद्रास हाईकोर्ट … Read more