Section 498-A IPC के लिए औपचारिक विवाह जरूरी नहीं, शादी का झांसा देकर साथ रहने और क्रूरता पर चलेगा मुकदमा: कलकत्ता हाईकोर्ट

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कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा कि Section 498-A IPC के तहत prosecution के लिए formal traditional marriage हमेशा अनिवार्य नहीं है। वैवाहिक स्थिति छिपाकर महिला को घरेलू संबंध में रखने और cruelty के prima facie evidence पर Section 482 CrPC में proceedings quash नहीं की जा सकतीं। Section 482 CrPC में FIR और Charge-Sheet quash करने … Read more

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला : Live-in Relationship में रहने वाली महिलाओं को भी मिलेगा धारा 498A का संरक्षण

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Live-in Relationship पर भी लागू होगी IPC की धारा 498A, सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला; ‘शादी जैसे रिश्ते’ में महिलाओं को मिलेगा क्रूरता कानून का संरक्षण सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसले में कहा कि IPC की धारा 498A अब उन Live-in Relationships पर भी लागू होगी जो ‘Relationship in the Nature of Marriage’ हैं। कोर्ट … Read more

झारखंड हाईकोर्ट: शादी का झूठा वादा कर 6 साल तक संबंध बनाने के आरोपी पर चलेगा रेप का मुकदमा, आरोप खत्म करने से इनकार

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आरोपी ने बाद में दूसरी महिला से शादी कर ली झारखंड हाईकोर्ट ने शादी का झूठा वादा कर लगभग छह वर्षों तक शारीरिक संबंध बनाने के आरोपी व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म के मुकदमे को रद्द करने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया आरोप दर्शाते हैं कि विवाह का वादा शुरुआत से … Read more

लिव-इन रिलेशनशिप में लंबे समय तक बने शारीरिक संबंध को माना जाएगा सहमति से बना संबंध, बाद में शादी से इनकार करना अपने आप में बलात्कार नहीं: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा है कि लंबे समय तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले वयस्कों के बीच बने शारीरिक संबंध सामान्यतः सहमति से माने जाएंगे। केवल बाद में शादी से इनकार करने मात्र से बलात्कार का अपराध सिद्ध नहीं होता। अदालत ने आरोपी की बरी होने के फैसले को बरकरार रखा। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण … Read more

लिव-इन और विवाह वादा केस पर सुप्रीम कोर्ट के सवाल, सहमति और भरोसे पर बहस

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सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी – “वह विवाह से पहले उसके साथ रहने क्यों चली गई?” सुप्रीम कोर्ट ने विवाह के झूठे वादे पर बलात्कार के आरोप वाले मामले में लिव-इन रिलेशनशिप, सहमति और भरोसे की प्रकृति पर सवाल उठाए, जमानत याचिका की सुनवाई में अहम टिप्पणियां। सुनवाई के दौरान कोर्ट की अहम टिप्पणी Supreme Court … Read more

‘पुलिस का काम जांच है, जोड़ों का पीछा नहीं’: Allahabad High Court की सख्त टिप्पणी

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहमति से साथ रह रहे जोड़े को परेशान करने पर पुलिस को फटकार लगाई। कहा—यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर गंभीर हमला है। हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी Allahabad High Court ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस का काम अपराधों की जांच करना है, न कि सहमति से साथ … Read more

तलाक बिना लिव-इन रिलेशनशिप में कानूनी रूप से नहीं: इलाहाबाद हाई कोर्ट सख्त

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“एक व्यक्ति की स्वतंत्रता वहां समाप्त हो जाती है जहां दूसरे व्यक्ति का वैधानिक अधिकार शुरू होता है।” इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति पहले से विवाहित है और तलाक नहीं हुआ है, तो वह किसी तीसरे व्यक्ति के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में कानूनी रूप से नहीं रह सकता और ऐसे मामलों … Read more

“कानून दिल टूटने को अपराध नहीं मानता”: कर्नाटक हाईकोर्ट ने रेप केस रद्द किया

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“बाद में मन बदल जाना, भावनात्मक असंगति, परिवार का विरोध या विवाह की अनिच्छा—इनसे यह साबित नहीं होता कि शुरुआत में आपराधिक इरादा था।” कर्नाटक हाईकोर्ट ने आपसी सहमति से बने रिश्ते के बाद दर्ज रेप केस को रद्द करते हुए कहा कि केवल शादी से इनकार कर देना IPC की धारा 376 के तहत … Read more

अंतरधार्मिक लिव-इन संबंध अपराध नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

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धर्म परिवर्तन तभी अपराध होगा जब वह बल, प्रलोभन, धोखाधड़ी, दबाव या विवाह/विवाह जैसे संबंध के माध्यम से कराया गया हो-इलाहाबाद हाईकोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अंतरधार्मिक लिव-इन संबंध न तो अवैध हैं और न दंडनीय। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना जबरन धर्म परिवर्तन के UCRA लागू नहीं होगा और साथी चुनना अनुच्छेद … Read more

शादी से पहले लिव-इन छिपाना धोखाधड़ी: झारखंड हाईकोर्ट ने विवाह रद्द किया, गुजारा भत्ता 30 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये

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झारखंड हाईकोर्ट ने अहम फैसला देते हुए कहा कि शादी से पहले लिव-इन रिलेशनशिप की जानकारी छिपाना धोखाधड़ी है। कोर्ट ने विवाह को शून्य घोषित करते हुए पत्नी के स्थायी गुजारा भत्ते को 30 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया। झारखंड हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण वैवाहिक विवाद में फैसला सुनाते हुए कहा है … Read more