व्यभिचार के प्रथम दृष्टया सबूत हों तो अंतरिम भरण-पोषण नहीं; सुप्रीम कोर्ट ने तय किया महत्वपूर्ण कानूनी सिद्धांत

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि रिकॉर्ड पर उपलब्ध साक्ष्यों से पत्नी के व्यभिचार का प्रथम दृष्टया मामला बनता है तो BNSS की धारा 144 (पूर्व CrPC धारा 125) के तहत अंतरिम भरण-पोषण स्वतः नहीं दिया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल आरोप पर्याप्त नहीं, बल्कि प्रथम दृष्टया ठोस साक्ष्य आवश्यक हैं। वैवाहिक … Read more

पत्नी नौकरीपेशा हो तब भी भरण-पोषण से इंकार नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 125 का उद्देश्य पत्नी को सम्मानजनक जीवन देना है। गाजियाबाद परिवार न्यायालय के 15,000 रुपये मासिक भरण-पोषण आदेश को चुनौती देने वाली पति की पुनरीक्षण याचिका खारिज। प्रयागराज: Allahabad High Court ने स्पष्ट किया है कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 125 केवल पत्नी को आर्थिक संकट … Read more

अच्छी नौकरीपेशा पत्नी को मेंटेनेंस नहीं—इलाहाबाद हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला

इलाहाबाद हाई कोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा कि यदि पत्नी अच्छी नौकरी करती है और अपनी ज़रूरतें खुद पूरी कर सकती है, तो वह CrPC धारा 125 के तहत मेंटेनेंस की हकदार नहीं है। कोर्ट ने फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द करते हुए कहा कि पत्नी ने आय और योग्यता छुपाई, इसलिए वह गुज़ारा … Read more

इलाहाबाद हाईकोर्ट का सख्त आदेश — सपा सांसद मोहिबुल्ला नदवी चौथी पत्नी को दें ₹30,000 मासिक भत्ता

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद मोहिबुल्ला नदवी को अपनी चौथी पत्नी को हर महीने ₹30,000 गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया। अदालत ने कहा—पति होने के नाते पत्नी के भरण-पोषण की जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता। हाईकोर्ट ने कहा — “भरण-पोषण अधिकार है, कृपा नहीं” “चौथी पत्नी को दें ₹30 हजार गुजारा … Read more

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय: व्यभिचार में लिप्त तलाकशुदा पत्नी को नहीं मिलेगा भरण-पोषण

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय: व्यभिचार में लिप्त तलाकशुदा पत्नी को नहीं मिलेगा भरण-पोषण मामले का संक्षेप: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की एकलपीठ ने Resham Lal Dewangan v. Suman Dewangan (CRR No. 1322/2024 व CRR No. 58/2025) में फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि व्यभिचार (adultery) में लिप्त तलाकशुदा पत्नी को भरण-पोषण की मांग का … Read more

सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय: पहली शादी जारी रहने के बावजूद पत्नी को मिला भरण-पोषण का अधिकार

सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय: पहली शादी जारी रहने के बावजूद पत्नी को मिला भरण-पोषण का अधिकार

यह निर्णय उन महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण नज़ीर है, जो विवाह विवादों में फंसकर आर्थिक रूप से असहाय हो जाती हैं। न्यायालय ने कहा की – यह मामला लिव-इन रिलेशनशिप का नहीं है CrPC 125 | Maintenance Rights | Supreme Court Judgment सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक महिला को भरण-पोषण का अधिकार दिया, … Read more

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने तलाकशुदा पुरुष द्वारा भुगतान की जाने वाली भरण-पोषण राशि को दो गुना किया

इलाहाबाद हाई कोर्ट ALLAHABAD HIGH COURT ने एक याचिका को स्वीकार करते हुए कहा कि एक मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाली महिला के लिए 2500 रुपये की मामूली रकम में एक वक्त का खाना भी जुटा पाना लगभग असंभव है। न्यायमूर्ति मनोहर नारायण मिश्र की एकल पीठ ने शिल्पी शर्मा की ओर से … Read more

परित्याग बिना किसी उचित कारण के : सुप्रीम कोर्ट ने तलाक आदेश द्वारा विवाह को भंग कर दिया, पति-पत्नी को भरण-पोषण भत्ता के रूप में ₹30 लाख देने का निर्देश दिया

सर्वोच्च न्यायालय ने हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 13(1)(ib) के तहत तलाक का आदेश पारित किया है, क्योंकि पत्नी ने फिर से साथ रहने की इच्छा नहीं दिखाई और पति ने बिना किसी उचित कारण के पति को छोड़ दिया। न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति उज्जल भुयान की खंडपीठ ने कहा, “इसलिए, कम … Read more

Unique Order On Breakup After A Live-In Relationship: ‘लंबे समय तक ‘Live-In Relationship’ में रहने वाली महिला भरण-पोषण की हकदार’

Unique Order On Breakup After A Live-In Relationship: मध्‍य प्रदेश हाईकोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा कि किसी व्यक्ति के साथ लंबे समय तक लिव-इन-रिलेशन में रहने वाली महिला को भी अलग होने पर भरण-पोषण लेने का हक है, भले ही वे कानूनी रूप से विवाहित न हों। हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी शैलेश … Read more

सीआरपीसी की धारा 125 के तहत बहू अपने सास-ससुर से भरण-पोषण का दावा नहीं कर सकती: कर्नाटक उच्च न्यायालय

कर्नाटक हाई कोर्ट ने वक्फ बोर्ड को विवाह और तलाक प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार देने वाले सरकारी आदेश पर सवाल उठाया

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने कहा कि अपने सास-ससुर के ख़िलाफ़ एक बहू सीआरपीसी की धारा 125 के तहत भरण-पोषण का दावा नहीं कर सकती। एक मृत व्यक्ति (दिवंगत पति) की पत्नी और बच्चों ने सीआरपीसी की धारा 125 के तहत याचिका दायर की थी। सास-ससुर (दिवंगत पति के माता-पिता) से भरण-पोषण अनुदान की मांग करना। … Read more