इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आजम खान को सीधे जमानत देने या याचिका पर गुण-दोष के आधार पर फैसला करने के बजाय इलाहाबाद हाईकोर्ट में शीघ्र सुनवाई और अंतरिम राहत पर विचार करने का रास्ता अपनाया। दिए गए विवरण में याचिका के “सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर” होने का उल्लेख बाकी घटनाक्रम से मेल नहीं खाता; इसलिए इसे बिना पुष्टि के तथ्य के रूप में शामिल नहीं किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने ईडी के नए मनी लॉन्ड्रिंग मामले में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार करते हुए इसे इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर कर दिया। हाईकोर्ट को 16 नवंबर को सुनवाई कर उसी दिन अंतरिम राहत पर विचार करने का अनुरोध किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज नए मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया। हालांकि, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने उनकी याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर करने का निर्देश दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध किया कि मामले को 16 नवंबर को एक खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए। पीठ ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट उसी दिन आजम खान की अंतरिम राहत, यानी जमानत की मांग पर आदेश पारित करने पर विचार करे।
कपिल सिब्बल ने ईडी की कार्रवाई को बताया दुर्भावनापूर्ण
आजम खान की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि एजेंसी ने दुर्भावनापूर्ण तरीके से उन्हें दोबारा गिरफ्तार किया।
सिब्बल ने अदालत को बताया कि जब आजम खान को अन्य मामले में जेल से रिहा किया जाने वाला था, उसी समय ईडी ने उन्हें नए धनशोधन मामले में गिरफ्तार कर लिया।
उन्होंने दलील दी कि कार्रवाई का उद्देश्य आजम खान को आगामी चुनाव के दौरान जेल में रखना है। सिब्बल ने कहा, “वे सिर्फ इतना चाहते हैं कि मैं चुनाव के दौरान जेल में रहूं।”
जौहर ट्रस्ट से जुड़े मामले में 31 अक्टूबर को हुई गिरफ्तारी
आजम खान के वकील के अनुसार, 78 वर्षीय सपा नेता को जौहर ट्रस्ट से जुड़े धनशोधन मामले में 1 नवंबर को गाजियाबाद की विशेष अदालत में पेश किया गया था।
ईडी ने उन्हें 31 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी कथित दोहरे पैन कार्ड मामले में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को रामपुर जेल से जमानत पर रिहा किए जाने के तुरंत बाद हुई।
याचिका हाईकोर्ट को ट्रांसफर, 16 नवंबर को सुनवाई का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम टिप्पणी किए बिना याचिका को इलाहाबाद हाईकोर्ट भेजने का निर्देश दिया। पीठ ने हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दिया कि मामले को मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखा जाए, ताकि 16 नवंबर को खंडपीठ के सामने सुनवाई सुनिश्चित की जा सके।
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से यह भी अनुरोध किया कि वह उसी दिन आजम खान की अंतरिम राहत की मांग पर विचार करे।
इस तरह सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल आजम खान को जमानत नहीं दी है, बल्कि उनकी याचिका पर शीघ्र सुनवाई और अंतरिम राहत के अनुरोध पर निर्णय लेने की जिम्मेदारी इलाहाबाद हाईकोर्ट को सौंप दी है।
कानूनी स्थिति: सुप्रीम कोर्ट ने ईडी की गिरफ्तारी को वैध या अवैध घोषित नहीं किया है। गिरफ्तारी को चुनौती देने और अंतरिम राहत की मांग पर अब इलाहाबाद हाईकोर्ट विचार करेगा। India News+2
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