FIR दर्ज न होने या सही जांच नहीं होने पर सीधे हाई कोर्ट का रुख करना सामान्य नियम नहीं: सुप्रीम कोर्ट

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BNSS में FIR और जांच के लिए निर्धारित प्रक्रिया Sujal Vishwas Attavar v. State of Maharashtra (2026) में सुप्रीम कोर्ट ने Sakiri Vasu फैसले पर भरोसा करते हुए कहा कि FIR दर्ज न होने या उचित जांच नहीं होने की शिकायत पर पहले BNSS में उपलब्ध वैधानिक उपाय अपनाने चाहिए। असाधारण परिस्थितियों को छोड़कर सीधे … Read more

दिल्ली हाईकोर्ट ने AISA नेता नेहा बोरा की याचिका खारिज की, ₹10,000 के बॉन्ड नोटिस को चुनौती देने पर राहत नहीं; मजिस्ट्रेट को सभी दस्तावेज देने का निर्देश

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BNSS की धारा 126 और 130 के तहत कार्यवाही को दी थी चुनौती दिल्ली हाईकोर्ट ने AISA नेता नेहा बोरा की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें शांति बनाए रखने के लिए ₹10,000 के निजी बॉन्ड और एक जमानतदार की मांग वाले नोटिस को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने मजिस्ट्रेट को कार्यवाही में … Read more

‘आप Gen Z नहीं हैं’: Cockroach Janta Party के नेताओं की उम्र पर दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी, याचिकाकर्ताओं ने ली याचिका वापस

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दिल्ली हाईकोर्ट में Cockroach Janta Party के नेताओं की उम्र को लेकर Gen Z पर हल्का-फुल्का संवाद हुआ। जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका में वैकल्पिक कानूनी उपाय पर भी सवाल उठाया। बाद में याचिकाकर्ताओं ने याचिका वापस ले ली। दिल्ली हाईकोर्ट में Cockroach Janta Party (CJP) के … Read more

FIR दर्ज कराने के लिए सीधे हाईकोर्ट नहीं जा सकते: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने Article 226 की याचिका खारिज की

इलाहाबाद हाई कोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि FIR दर्ज न होने पर पीड़ित को पहले BNSS की धारा 175(3) के तहत मजिस्ट्रेट से संपर्क करना होगा। Article 226 के तहत सीधे हाईकोर्ट आना उचित नहीं। FIR के लिए हाईकोर्ट को प्रथम मंच नहीं बनाया जा सकता इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पुलिस द्वारा FIR दर्ज … Read more

“Article 226/227 में Certiorari: हाईकोर्ट कब कर सकता है हस्तक्षेप?” – सुप्रीम कोर्ट

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सुप्रीम कोर्ट ने समझाया: ‘Certiorari’ में हाईकोर्ट कब दखल दे सकता है? दस्तावेजी सबूत नजरअंदाज करने पर हस्तक्षेप जायज सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट certiorari jurisdiction में सामान्य अपीलीय अदालत की तरह साक्ष्यों का पुनर्मूल्यांकन नहीं कर सकता, लेकिन महत्वपूर्ण दस्तावेजों की अनदेखी और perverse finding होने पर Articles 226 और 227 के तहत … Read more

दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: मातृत्व अवकाश के बाद सिर्फ पद और वेतन नहीं, महिला कर्मचारी की भूमिका और प्रमोशन के अधिकार भी सुरक्षित

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मातृत्व सुरक्षा का अर्थ केवल महिला कर्मचारी का वेतन और पदनाम बरकरार दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि मातृत्व सुरक्षा केवल वेतन और पद बनाए रखने तक सीमित नहीं है। मातृत्व अवकाश से लौटने वाली महिला को समान भूमिका, जिम्मेदारी, अधिकार और प्रमोशन की संभावनाएं भी मिलनी चाहिए। दिल्ली हाई कोर्ट ने मातृत्व अधिकारों को … Read more

सुप्रीम कोर्ट से पहले हाई कोर्ट जाएं: CJI सूर्यकांत ने कहा- लंबित मामलों के लिए विशेषज्ञ अदालतें और समयबद्ध ट्रायल जरूरी

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CJI सूर्यकांत: लंबित मामलों पर विशेषज्ञ अदालतें जरूरी CJI सूर्यकांत ने लंबित मामलों के लिए विशेषज्ञ अदालतों और समयबद्ध ट्रायल पर जोर दिया। कहा, राज्य से जुड़े मामलों में पहले हाई कोर्ट जाएं और तकनीक जज की सहायक बने। भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने कहा है कि देश की न्यायपालिका में लंबित मामलों … Read more

भोजशाला विवाद पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: ASI का 2003 आदेश रद्द, भोजशाला को माता सरस्वती का प्राचीन मंदिर और संस्कृत शिक्षा केंद्र माना

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प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट, 1991 लागू नहीं होगा मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद में बड़ा फैसला सुनाते हुए भोजशाला परिसर को संरक्षित स्मारक घोषित किया और इसे राजा भोज कालीन माता वाग्देवी (सरस्वती) के मंदिर एवं संस्कृत शिक्षा केंद्र के रूप में मान्यता दी। अदालत ने ASI के 2003 के उस … Read more

बच्चों की कस्टडी लड़ाई को Article 226 के तहत हेबियस कॉर्पस कार्यवाही में नहीं बदला जा सकता- HC

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अंतरराष्ट्रीय चाइल्ड कस्टडी विवाद में दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, हेबियस कॉर्पस याचिका खारिज दिल्ली हाईकोर्ट ने अमेरिका में मां के साथ रह रहे बच्चे की कस्टडी को लेकर दायर हेबियस कॉर्पस याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि बच्चों की कस्टडी लड़ाई को Article 226 के तहत हेबियस कॉर्पस कार्यवाही में नहीं बदला जा … Read more

हाईकोर्ट के आदेश को बताया “Atrocious”, एक वोट विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

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TVK विधायक को राहत, मामला एक पोस्टल बैलेट की कथित गड़बड़ी से जुड़ा सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के उस अंतरिम आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें TVK विधायक आर. श्रीनिवास सेतुपति को तमिलनाडु विधानसभा कार्यवाही में भाग लेने से रोका गया था। मामला एक पोस्टल बैलेट की कथित गड़बड़ी से जुड़ा है। Supreme … Read more