FIR दर्ज कराने के लिए सीधे हाईकोर्ट नहीं जा सकते: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने Article 226 की याचिका खारिज की

इलाहाबाद हाई कोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि FIR दर्ज न होने पर पीड़ित को पहले BNSS की धारा 175(3) के तहत मजिस्ट्रेट से संपर्क करना होगा। Article 226 के तहत सीधे हाईकोर्ट आना उचित नहीं। FIR के लिए हाईकोर्ट को प्रथम मंच नहीं बनाया जा सकता इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पुलिस द्वारा FIR दर्ज … Read more

“Article 226/227 में Certiorari: हाईकोर्ट कब कर सकता है हस्तक्षेप?” – सुप्रीम कोर्ट

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सुप्रीम कोर्ट ने समझाया: ‘Certiorari’ में हाईकोर्ट कब दखल दे सकता है? दस्तावेजी सबूत नजरअंदाज करने पर हस्तक्षेप जायज सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट certiorari jurisdiction में सामान्य अपीलीय अदालत की तरह साक्ष्यों का पुनर्मूल्यांकन नहीं कर सकता, लेकिन महत्वपूर्ण दस्तावेजों की अनदेखी और perverse finding होने पर Articles 226 और 227 के तहत … Read more

दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: मातृत्व अवकाश के बाद सिर्फ पद और वेतन नहीं, महिला कर्मचारी की भूमिका और प्रमोशन के अधिकार भी सुरक्षित

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मातृत्व सुरक्षा का अर्थ केवल महिला कर्मचारी का वेतन और पदनाम बरकरार दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि मातृत्व सुरक्षा केवल वेतन और पद बनाए रखने तक सीमित नहीं है। मातृत्व अवकाश से लौटने वाली महिला को समान भूमिका, जिम्मेदारी, अधिकार और प्रमोशन की संभावनाएं भी मिलनी चाहिए। दिल्ली हाई कोर्ट ने मातृत्व अधिकारों को … Read more

सुप्रीम कोर्ट से पहले हाई कोर्ट जाएं: CJI सूर्यकांत ने कहा- लंबित मामलों के लिए विशेषज्ञ अदालतें और समयबद्ध ट्रायल जरूरी

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CJI सूर्यकांत: लंबित मामलों पर विशेषज्ञ अदालतें जरूरी CJI सूर्यकांत ने लंबित मामलों के लिए विशेषज्ञ अदालतों और समयबद्ध ट्रायल पर जोर दिया। कहा, राज्य से जुड़े मामलों में पहले हाई कोर्ट जाएं और तकनीक जज की सहायक बने। भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने कहा है कि देश की न्यायपालिका में लंबित मामलों … Read more

भोजशाला विवाद पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: ASI का 2003 आदेश रद्द, भोजशाला को माता सरस्वती का प्राचीन मंदिर और संस्कृत शिक्षा केंद्र माना

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प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट, 1991 लागू नहीं होगा मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद में बड़ा फैसला सुनाते हुए भोजशाला परिसर को संरक्षित स्मारक घोषित किया और इसे राजा भोज कालीन माता वाग्देवी (सरस्वती) के मंदिर एवं संस्कृत शिक्षा केंद्र के रूप में मान्यता दी। अदालत ने ASI के 2003 के उस … Read more

बच्चों की कस्टडी लड़ाई को Article 226 के तहत हेबियस कॉर्पस कार्यवाही में नहीं बदला जा सकता- HC

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अंतरराष्ट्रीय चाइल्ड कस्टडी विवाद में दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, हेबियस कॉर्पस याचिका खारिज दिल्ली हाईकोर्ट ने अमेरिका में मां के साथ रह रहे बच्चे की कस्टडी को लेकर दायर हेबियस कॉर्पस याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि बच्चों की कस्टडी लड़ाई को Article 226 के तहत हेबियस कॉर्पस कार्यवाही में नहीं बदला जा … Read more

हाईकोर्ट के आदेश को बताया “Atrocious”, एक वोट विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

सुप्रीम कोर्ट

TVK विधायक को राहत, मामला एक पोस्टल बैलेट की कथित गड़बड़ी से जुड़ा सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के उस अंतरिम आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें TVK विधायक आर. श्रीनिवास सेतुपति को तमिलनाडु विधानसभा कार्यवाही में भाग लेने से रोका गया था। मामला एक पोस्टल बैलेट की कथित गड़बड़ी से जुड़ा है। Supreme … Read more

पुलिस सुरक्षा ‘स्टेटस सिंबल’ नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने CRPF सुरक्षा की मांग ठुकराई

इलाहाबाद हाईकोर्ट

पुलिस सुरक्षा किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा का प्रतीक नहीं इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस सुरक्षा कोई मौलिक या वैधानिक अधिकार नहीं है। विकास चौधरी की CRPF सुरक्षा की मांग खारिज करते हुए कोर्ट ने स्पष्ट किया—खतरे का आकलन प्रशासन का दायित्व, न कि न्यायालय का। Allahabad High Court ने स्पष्ट किया है कि पुलिस … Read more

इलाहाबाद हाईकोर्ट: चार्जशीट और संज्ञान रिकॉर्ड पर न हों तो BNSS 528 के तहत FIR क्वैश नहीं

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि BNSS की धारा 528 (पूर्व धारा 482 CrPC) के तहत FIR तभी क्वैश (FIRQuashing) की जा सकती है जब चार्जशीट व संज्ञान कोर्ट रिकॉर्ड पर हों। Pradnya Pranjal Kulkarni फैसले का हवाला देते हुए कोर्ट ने आवेदन को गैर-रक्षित व अमान्य बताते हुए खारिज कर दिया। इलाहाबाद हाईकोर्ट: चार्जशीट और … Read more

राजस्व अधिकारियों द्वारा दिए गए आदेश या प्रविष्टि, जो पक्षों के अधिकारों का निर्धारण करने में सक्षम हैं, का सम्मान किया जाना चाहिए और उन्हें प्रभावी बनाया जाना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि जहां राजस्व अधिकारी सिविल न्यायालयों के समान शक्तियों का प्रयोग करके पक्षों के अधिकारों का निर्धारण करने में सक्षम हैं, वहां कोई भी आदेश या प्रविष्टि जो अंतिम रूप ले लेती है, उसका सम्मान किया जाना चाहिए और उसे प्रभावी बनाया जाना चाहिए। न्यायालय ने भूमि पर कब्जे और कब्जे … Read more