हाईकोर्ट का डीजीपी से प्रश्न, यदि पुलिस अभियुक्त के पूर्ण आपराधिक रिकॉर्ड कोर्ट को नहीं दे पाना रही है, तो उसे दुराचार या न्याय में हस्तक्षेप में से क्या कहेंगे-

सुनवाई में एसपी द्वारा कोर्ट को सूचित किया गया कि मामले में संबंधित एसएचओ के साथ-साथ जांच अधिकारी को कदाचार का दोषी पाया गया और उन पर क्रमशः 2,000 और 5,000, रुपये का जुर्माना लगाया गया। ग्वालियर बेंच मध्य प्रदेश हाईकोर्ट Gwalior Bench of Madhya Pradesh high Court ने हाल ही में मध्य प्रदेश राज्य … Read more

सीआरपीसी की धारा 167(2) के तहत एक अपरिहार्य अधिकार प्राप्त, डिफाल्ट जमानत अर्जी को खारिज करना उसका हनन-

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सुनवाई करते हुए कहा कि आपराधिक मामले में जांच के लिए अधिकतम अवधि (90 दिन) समाप्त होने के बाद और आरोपपत्र दाखिल करने से पहले आरोपी की ओर से दाखिल डिफाल्ट जमानत अर्जी को खारिज करना विधिक और मौलिक दोनों अधिकारों का हनन है। न्यायमूर्ति सैयद आफताब हुसैन रिजवी ने कहा … Read more

हाई कोर्ट ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को अवमानना के लिए किया वारण्ट जारी, तलब किये जाने पर भी उपस्थित नहीं हुए अधिकारी-

allahabad high court

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्णय को न मानने के एक मामले में बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव प्रताप सिंह बघेल के विरुद्ध जमानती वारंट जारी किया है. इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अपने दिये निर्णय का पालन न करने तथा तलब किए जाने पर उपस्थित न होने के एक मामले में बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव … Read more

जस्टिस पारदीवाला ने कहा ”भारत को परिपक्व और सुविज्ञ लोकतंत्र के रूप में वर्गीकृत नहीं किया जा सकता”, सोशल मीडिया को देश में अनिवार्य रूप से विनियमित करने की आवश्यकता-

जस्टिस जे.बी. पारदीवाला की एक टिप्पणी पर साल 2015 में 58 सदस्यों ने राज्यसभा के तत्कालीन सभापति और उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी से जस्टिस पारदीवाला के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की थी। जस्टिस जे.बी. पारदीवाला इसी वर्ष 2022 को मई के महीने में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। … Read more

रिटायर न्यायाधीश बी कमाल पाशा ने जजों की नियुक्ति प्रक्रिया पर उठाए सवाल, कहा कि यह पद किसी परिवार की संपत्ति नहीं-

कन्नूर के एडीएम की कथित अप्राकृतिक मौत के मामले में जांच राज्य से CBI को स्थानांतरित करने से इनकार - केरल उच्च न्यायालय

देश की न्यायालयों में जजों की नियुक्ति प्रकिया को लेकर बहस अब भी जारी है। केरल उच्च न्यायालय के रिटायर न्यायाधीश बी कमाल पाशा ने भी जजों की नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूरे न्यायाधीशों की चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह पद किसी परिवार की संपत्ति नहीं है, जिसे … Read more

कोर्ट में सबूत के तौर पर लाये बम में धमाका, हादसे में दो दरोगा समेत कई घायल, परिसर में दहसत-

बोंब ब्लास्ट पटना कोर्ट 1267845

Patna Civil Court Bomb Explosion – पटना व्यवहार कोर्ट में शुक्रवार की दोपहर को बम ब्लास्ट उस समय हुआ जब बम सबूत के तौर पर पेश किया जा रहा था। ब्लास्ट इतना जोरदार रहा कि पूरा कोर्ट परिसर सन्न रह गया। इसमें अगमकुआं थाने के दो दारोगा घायल हो गए। इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक … Read more

हाई कोर्ट के इतिहास का पहला मामला, जब एक वकील ने दूसरे वकील का फर्जी हस्ताक्षर और शपथ पत्र बनाकर जनहित याचिका दायर की, मुख्य न्यायधीश ने लिया सज्ञान –

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चिरमिरी सिविल कोर्ट के अधिवक्ता सत्येंद्र सिंह ने छत्तीशगढ़ उच्च न्यायलय में याचिका सुनवाई के दौरान शिकायत दर्ज कराई है कि चिरमिरी के वकील राजकुमार गुप्ता व उनके जूनियर ने उनका फर्जी हस्ताक्षर कर जनहित याचिका दायर की है। हाई कोर्ट के इतिहास का यह पहला मामला है जब एक वकील ने दूसरे वकील के … Read more

हाई कोर्ट ने चेक बाउंसिंग मामले में अवैध रूप से हथकड़ी लगाने के लिए विधि छात्र को ₹2 लाख का मुआवजा देने का दिया निर्देश-

आरोपी विधि छात्र ने पुलिस की इस हरकत के लिए 25 लाख रुपये के मुआवजे की मांग करते हुए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था- कर्नाटक हाई कोर्ट धारवाड़ पीठ Karnataka High Court Dharwad Bench ने पुलिस द्वारा एक आरोपी विधि छात्र Accused Law Student को हथकड़ी लगाने और कथित तौर से सार्वजनिक रूप से … Read more

दुष्‍कर्म के मामले में पटना उच्च न्यायलय का लैंडमार्क जजमेंट, कहा यदि पीड़िता द्वारा विरोध नहीं तो भी यह उसकी सहमति नहीं-

पटना उच्च न्यायलय Patna High Court ने दुष्‍कर्म के ही एक मामले में सुनवाई के दौरान एक विशेष टिप्पणी Special Comment की है, जिसके ऐसे मामलों में दूरगामी परिणाम होंगे। हाईकोर्ट ने कहा है कि अगर दुष्‍कर्म पीड़िता Rape Victim वारदात के दौरान प्रतिरोध नहीं करती है तो इसका अर्थ यह नहीं लेना चाहिए कि … Read more

अगर गाली गलौज एकांत में हुआ हो तो एस सी एस टी एक्ट के अंतर्गत कार्यवाही नहीं बनती है – हाई कोर्ट

कर्नाटक उच्च न्यायलय Karnataka High Court ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) संशोधन अधिनियम, 2015 के प्रावधानों के तहत एक आरोपी के खिलाफ शुरू की गई कार्यवाही को यह कहते हुए ख़ारिज कर दिया कि शिकायतकर्ता के साथ उसने कथित दुर्व्यवहार एक अपार्टमेंट के बेसमेंट तल में किया गया था, जो सार्वजनिक रूप … Read more