मद्रास हाई कोर्ट ने कहा: लोग वीआईपी संस्कृति से ‘हाताश’ हो गए हैं, खासतौर पर मंदिरों में, श्रद्धालुओं को होती है परेशानी, जिससे वो दुखी होकर कोसते हैं-

न्यायमूर्ति ने सुनवाई के दौरान कहा कि भगवान अकेले “VIP” हैं। परिवार के सदस्यों के लिए होनी चाहिए लेकिन उनके रिश्तेदारों के लिए नहीं। कुछ लोग विशेष दर्शन के हकदार हैं इसका कोई तर्क नहीं हो सकता। मंदिर परिसरों को बंद करने से श्रद्धालुओं को परेशानी होती है। वीआईपी धार्मिक पाप करता है, जिसे भगवान … Read more

POCSO आरोपी मुवक्किलों को झूठे बयान देने की सलाह पर आरोपी ‘वकील’ के खिलाफ केस रद्द करने से हाई कोर्ट का इनकार, छह महीने कारावास की सजा बरकरार-

जबलपुर बेंच – मध्य प्रदेश हाई कोर्ट Jabalpur Bench Madhya Pradesh High Court ने हाल ही में एक वकील द्वारा दायर एक पुनरीक्षण याचिका को खारिज कर दिया, जिस पर बलात्कार के आरोपी मुवक्किलों और अभियोक्ता को पुलिस और अदालतों से भौतिक तथ्यों को छिपाने की सलाह देने का आरोप लगाया गया था। विशेष न्यायाधीश … Read more

इलाहाबाद हाई कोर्ट: बिना सुनवाई GST निर्धारित कर ब्याज सहित पेनाल्टी वसूलना, नैसर्गिक न्याय का उल्लघंन, लगाया 10 हजार का हर्जाना-

Allahabad High Court इलाहाबाद हाईकोर्ट ने Goods and Service Tax के तहत टैक्स निर्धारण Tax Assessment और पेनाल्टी Penality लगाने से पहले सुनवाई का मौका न देने को नैसर्गिक न्याय का उल्लघंन माना है। साथ ही ब्याज सहित टैक्स और पेनाल्टी वसूली आदेश की रद्द कर दिया। कोर्ट ने वाणिज्य विभाग Commertial Tax, बरेली को … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने कहा: अदालतों को किसी मामले के सभी मुद्दों पर न्यायिक निर्णय देना चाहिए न कि सिर्फ एक मुद्दे पर-

सर्वोच्च न्यायलय ने मंगलवार एक मामले कि सुनवाई करते हुए निचली अदालतों को आगाह किया कि मामलों का फैसला करने में शॉर्टकट की मानसिकता से बचें। जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ ने कहा कि निचली अदालतो द्वारा कुछ सवाल अनुत्तरित छोड़ने के बदले मुकदमे के हर पहलू पर पूरी तरह विचार … Read more

सुप्रीम कोर्ट: कोर्ट द्वारा आरोपी के बरी होने का ये अर्थ नहीं कि नियोक्ता आप पर अनुशासनात्मक कार्यवाही नहीं कर सकता-

शीर्ष अदालत ने 29 नवंबर, 2017 को कर्नाटक उच्च न्यायलय की कलबुर्गी पीठ के एक फैसले के खिलाफ कर्नाटक सरकार द्वारा अपील को स्वीकार करते हुए यह टिप्पणी की। कर्नाटक उच्च न्यायलय ने बीजापुर जिले के एक ग्राम लेखाकार उमेश की अनिवार्य सेवानिवृत्ति के फैसले को रद्द कर दिया था। उस पर रिश्वत लेने का … Read more

कोर्ट ने भेजा भगवन शिव को नोटिस, सुनवाई में शामिल नहीं होने पर 10 हजार का जुर्माना, तो क्या पेश होंगे भगवान शिव-

shiv ji ko notice

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले की तहसीलदार अदालत ने भगवान शिव समेत 10 लोगों को नोटिस जारी कर तलब किया है। रायगढ़ के कहुआकुंडा क्षेत्र वार्ड 25 में सरकारी जमीन और तालाब में कब्जे को लेकर तहसीलदार ने नोटिस संख्या रा प्र क….. अ- 68/2021-2022 में भगवान समेत सभी को चेतावनी भी दी है। सुनवाई में … Read more

एक गलत आदेश देने मात्रा से न्यायिक अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्यवाही नहीं, केवल संदेह “कदाचार” का गठन नहीं कर सकता : सुप्रीम कोर्ट

राजस्थान उच्च न्यायालय ने घूसखोरी के मामले में एक अभियुक्त को जमानत मंजूर करने के लिए एक न्यायिक अधिकारी (Judicial officer) को नौकरी से बर्खास्त कर दिया था। शीर्ष न्यायालय (Supreme Court) ने अपने फैसले में कहा कि महज संदेह के आधार पर कदाचार स्थापित नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही इसने राजस्थान हाई … Read more

काम करने के दौरान तनाव के कारण हुई मौत पर एम्लॉयर को मुआयजा देना ही पड़ेगा: बॉम्बे हाईकोर्ट

Bombay High Court बॉम्बे उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक नियोक्ता (Employer) को एक ट्रक ड्राइवर के परिजनों को Compensation मुआवजा देने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि काम करने के दौरान तनाव के कारण अंततः ट्रक ड्राइवर की मृत्यु हो गई। न्यायमूर्ति एनजे जमादार ने कहा कि मृतक ड्राइवर को पड़े दिल … Read more

कुछ अराजकतत्वों के काला कोट पहनकर अनैतिक कार्य करने से पूरे अधिवक्ता समाज की छवि पर विपरीत प्रभाव पड़ता है, होगी सख्त कार्यवाही: यूपी बार काउंसिल

काला कोट पहनकर वकालत करने वालो पर उत्तर प्रदेश बार कौंसिल ने बेहद ही सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। यूपी बार काउंसिल के अनुसार वकील के रूप में ठेकेदारी, गैर इरादतन कब्जा करने आदि अराजकता फैलाने वाले दर्जनभर लोगों का पंजीकरण रद किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश के हर जिला बार के माध्यम से … Read more

महिला के अंडरपैंट पर पुरुष अंग को रगड़ना भी रेप के समान, हाई कोर्ट ने दिया फैसला-

मेघालय हाई कोर्ट (Meghalaya High Court) की बेंच ने कहा कि अंडरपैंट पहनी महिला के प्राइवेट पार्ट के ऊपर पुरुष के अंग की कोई भी हरकत उसे सजा दिलाने के लिए काफी है। खासकर महिला के प्राइवेट पार्ट पर कुछ भी रगड़ना आईपीसी की धारा 375 (बी) के तहत पेनिट्रेशन के समान माना जाएगा। भले … Read more