Graham Staines और उनके दो नाबालिग बेटों की 1999 हत्या के दोषी Dara Singh की Premature Release याचिका Odisha Sentence Review Board ने खारिज कर दी। Supreme Court ने फैसले को चुनौती देने के लिए दो सप्ताह का समय दिया।
करीब 27 साल से Custody में बंद Dara Singh को Supreme Court से चुनौती का मौका
Supreme Court ने 1999 में Australian missionary Graham Staines और उनके दो नाबालिग बेटों की हत्या के मामले में Life Imprisonment की सजा काट रहे Rabindra Kumar Pal alias Dara Singh को Odisha सरकार के Premature Release के फैसले को चुनौती देने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है।
Justice Manoj Misra और Justice Vijay Bishnoi की Bench को बताया गया कि State Sentence Review Board ने Dara Singh की Premature Release की मांग को अस्वीकार कर दिया है।
Board ने मामले के तथ्यों और परिस्थितियों के साथ-साथ अपराध की गंभीरता को भी अपने निर्णय में ध्यान में रखा।
Supreme Court ने मामले को अब तीन सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है।
26 साल से अधिक Life Sentence पूरी कर चुका है दोषी
Dara Singh लगभग 27 वर्षों से Custody में है और अपनी Life Sentence के 26 वर्ष से अधिक पूरे कर चुका है।
Odisha सरकार का ताजा निर्णय 31 अगस्त 2026 को State Sentence Review Board की Special Meeting में लिया गया।
यह बैठक Supreme Court के 19 अगस्त 2026 के आदेश के बाद हुई थी, जिसमें राज्य सरकार को Dara Singh की Premature Release Plea पर निर्णय लेने का निर्देश दिया गया था।
Premature Release Plea पहले भी 5 बार हो चुकी है खारिज
State Sentence Review Board के Proceedings के अनुसार Dara Singh की Premature Release Plea इससे पहले पांच बार खारिज की जा चुकी थी।
इनमें शामिल हैं:
- 24 नवंबर 2016
- 24 जून 2019
- 24 दिसंबर 2020
- 12 जनवरी 2022
- 20 फरवरी 2023
Board के अनुसार इन Rejections के पीछे अलग-अलग कारण रहे थे। इनमें क्षेत्र में सामाजिक प्रभाव, Social Ramifications और Communal Disturbance की आशंका जैसे कारणों पर विचार किया गया था।
2025 में District Authorities ने कुछ शर्तों के साथ Release की सिफारिश की थी
मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम मार्च 2025 में सामने आया था।
Keonjhar District Authorities ने अपनी Recommendation में कहा था कि सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए कुछ Conditions के साथ Dara Singh को Premature Release की अनुमति दी जा सकती है।
हालांकि, इसके बाद District Authorities ने 28 अगस्त 2026 को एक और Report प्रस्तुत की, जिसे State Sentence Review Board ने अपने ताजा निर्णय में ध्यान में रखा।
Dara Sena की कथित सभा का भी Board ने लिया संज्ञान
28 अगस्त 2026 की Report में बताया गया कि 15 अगस्त को Keonjhar District Jail के बाहर लगभग 200-250 लोगों की एक सभा हुई थी।
Report के अनुसार ये लोग Dara Sena से जुड़े हुए थे और सभा Dara Singh की प्रस्तावित Release के संबंध में आयोजित की गई थी।
Report में यह भी कहा गया कि सभा के दौरान कथित तौर पर उत्तेजक नारे लगाए गए।
हालांकि, State Sentence Review Board ने यह भी दर्ज किया कि District Authorities की नवीनतम Report में Premature Release को लेकर कोई Specific Recommendation नहीं दी गई थी।
Board ने Report को “inconclusive” माना।
Sentence Review Board ने Premature Release की Recommendation से किया इनकार
सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करने के बाद State Sentence Review Board ने इस स्तर पर Dara Singh की Premature Release की Recommendation करने से इनकार कर दिया।
Board ने अपने Proceedings में कहा:
“However, the report lacks specific recommendations and is inconclusive.”
इसके बाद Board ने निष्कर्ष दिया:
“The Board is therefore not inclined to recommend his premature release at this stage.”
इस तरह फिलहाल Dara Singh को Premature Release देने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी।
Supreme Court ने Odisha सरकार को निर्णय लेने के लिए किया था निर्देशित
यह घटनाक्रम Supreme Court के पिछले आदेशों की पृष्ठभूमि में सामने आया है।
19 अगस्त 2026 को Supreme Court ने Odisha सरकार को Dara Singh की Premature Release Plea पर निर्णय लेने का निर्देश दिया था।
इससे पहले Court ने State Authorities की ओर से निर्णय लेने में हो रही देरी पर नाराजगी भी व्यक्त की थी।
पिछली सुनवाई के दौरान Bench ने स्पष्ट किया था कि यदि Court द्वारा निर्धारित समय के भीतर निर्णय नहीं लिया गया तो संबंधित अधिकारी को Court के सामने बुलाया जा सकता है।
Court ने कहा था:
“You decide, otherwise we will summon the Secretary or whoever is the authority.”
State ने Supreme Court को बताया—Board ने फैसला ले लिया
गुरुवार की सुनवाई में Odisha सरकार की ओर से Supreme Court को State Sentence Review Board के निर्णय की जानकारी दी गई।
राज्य द्वारा निर्णय रिकॉर्ड पर रखे जाने के बाद Dara Singh की ओर से पेश वकील को दो सप्ताह का समय दिया गया, ताकि वह Premature Release Plea को खारिज किए जाने के निर्णय को चुनौती दे सकें।
Supreme Court ने मामले को तीन सप्ताह बाद सूचीबद्ध किया है।
1999 का Graham Staines Murder Case
Dara Singh 1999 के उस चर्चित हत्या मामले में Convict है जिसमें Australian missionary Graham Staines और उनके दो नाबालिग बेटों की हत्या हुई थी।
वर्तमान कार्यवाही का प्रश्न उनकी Premature Release से संबंधित है। Supreme Court ने इस चरण पर State Sentence Review Board के निर्णय को अंतिम रूप से सही या गलत घोषित नहीं किया है।
अब Dara Singh को Board के निर्णय को चुनौती देने के लिए दो सप्ताह का समय मिला है और अगली सुनवाई में Court इस चुनौती पर आगे विचार करेगा।
फैसले की मुख्य बातें
- Dara Singh लगभग 27 वर्षों से Custody में है।
- उसने Life Sentence के 26 वर्ष से अधिक पूरे कर लिए हैं।
- State Sentence Review Board ने 31 अगस्त 2026 को Premature Release की मांग खारिज की।
- उसकी Plea पहले पांच बार खारिज हो चुकी है।
- 2025 में District Authorities ने कुछ Conditions के साथ Release की Recommendation की थी।
- 28 अगस्त 2026 की नवीनतम Report में Keonjhar Jail के बाहर कथित 200-250 लोगों की सभा का उल्लेख किया गया।
- Board ने नवीनतम Report को Specific Recommendation के अभाव में Inconclusive माना।
- Board ने फिलहाल Premature Release की Recommendation करने से इनकार किया।
- Supreme Court ने Dara Singh को निर्णय को चुनौती देने के लिए दो सप्ताह का समय दिया।
- मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी।
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