हाईकोर्ट: तथ्य छिपाकर अपील दाखिल करने पर वकील पर लगाया रुपया एक लाख का जुर्माना-

Madhya Pradesh High Court मध्यप्रदेश उच्च न्यायलय ने तथ्य छिपाकर अपील दायर करने पर टीकमगढ़ निवासी अधिवक्ता निर्मल लोहिया पर रूपये एक लाख का जुर्माना लगाया। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवि मलिमठ एवं न्यायमूर्ति पुरुषेन्द्र कौरव की खंडपीठ ने मध्य प्रदेश राज्य बार कौंसिल को अधिवक्ता के खिलाफ व्यावसायिक कदाचरण की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। … Read more

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि: जमानती अपराधों के मामलों में नहीं दी जा सकती है अग्रिम जमानत-

कोर्ट ने कहा कि याची पर गैर-जमानती अपराध करने का आरोप होना चाहिए, जो पहले से मौजूद तथ्यों से उपजा हुआ हो। याचिकाकर्ता के मन में उचित आशंका या विश्वास होना चाहिए कि उसे इस तरह के आरोप के आधार पर गिरफ्तार किया जाएगा। इलाहाबाद उच्च न्यायलय ने फैसला सुनाया कि जमानती अपराध के मामलों … Read more

इलाहाबाद हाई कोर्ट: बिना सुनवाई GST निर्धारित कर ब्याज सहित पेनाल्टी वसूलना, नैसर्गिक न्याय का उल्लघंन, लगाया 10 हजार का हर्जाना-

Allahabad High Court इलाहाबाद हाईकोर्ट ने Goods and Service Tax के तहत टैक्स निर्धारण Tax Assessment और पेनाल्टी Penality लगाने से पहले सुनवाई का मौका न देने को नैसर्गिक न्याय का उल्लघंन माना है। साथ ही ब्याज सहित टैक्स और पेनाल्टी वसूली आदेश की रद्द कर दिया। कोर्ट ने वाणिज्य विभाग Commertial Tax, बरेली को … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने कहा: अदालतों को किसी मामले के सभी मुद्दों पर न्यायिक निर्णय देना चाहिए न कि सिर्फ एक मुद्दे पर-

सर्वोच्च न्यायलय ने मंगलवार एक मामले कि सुनवाई करते हुए निचली अदालतों को आगाह किया कि मामलों का फैसला करने में शॉर्टकट की मानसिकता से बचें। जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ ने कहा कि निचली अदालतो द्वारा कुछ सवाल अनुत्तरित छोड़ने के बदले मुकदमे के हर पहलू पर पूरी तरह विचार … Read more

7800 करोड़ रोटोमैक ग्लोबल कंपनी बैंक घोटाले के मुख्य आरोपी राहुल कोठारी को हाईकोर्ट ने दी जमानत-

हाईकोर्ट

रोटोमैक ग्लोबल कंपनी द्वारा किये गए बैंक घोटालों के मुख्य आरोपी रोटोमैक ग्लोबल कंपनी कानपुर (Rotomac Global Company Kanpur) के मालिक राहुल कोठारी (Rahul Kothari) को इलाहाबाद उच्च न्यायलय से मिली बड़ी राहत मिली है. जस्टिस ओम प्रकाश सप्तम की एकल पीठ ने आदेश दिया है- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनकी सशर्त अंतरिम जमानत को मंजूर … Read more

उच्चतम बोली लगाने वाले को अपने पक्ष में नीलामी संपन्न कराने का कोई निहित अधिकार नहीं है: सुप्रीम कोर्ट

न्यायालय मौलिक अधिकारों के संरक्षक होने के नाते जहां मनमानी, तर्कहीनता, अतार्किकता, दुर्भावना और पूर्वाग्रह, यदि कोई हो, हस्तक्षेप करने के लिए बाध्य हैं, लेकिन साथ ही, न्यायालयों को बहुत संयम के साथ न्यायिक समीक्षा की शक्ति का प्रयोग करना चाहिए विशेष रूप से संविदात्मक और वाणिज्यिक मामलों में। Supreme Court of India सर्वोच्च न्यायलय … Read more

एक वकील जज के समान ही संवैधानिक नैतिकता और न्याय का संरक्षक होता है – सुप्रीम कोर्ट

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शीर्ष न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट या जिला मजिस्ट्रेट SARFAESI ACT की धारा 14 (1) के आदेश के निष्पादन में उनकी सहायता के लिए एक वकील आयुक्त की नियुक्ति कर सकते हैं। The seminal question involved in these cases is: whether it is open to the District Magistrate (DM) or the … Read more

हाईकोर्ट ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि आरोपियों को लाभ देने के लिए उचित धाराओं के तहत नहीं किया गया केस दर्ज-

उच्च न्यायालय ने शेयर मार्केट में पैसा लगाने से जुड़े करीब रुपये एक करोड़ [रु १०००००००/- ] के गबन के मामले में तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस अधिकारियों ने आरोपित को लाभ पहुंचाने की नीयत से आरबीआइ एक्ट व अन्य की धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध नहीं किया। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने शहडोल … Read more

सुप्रीम कोर्ट: मध्यस्थता- किसी पक्ष को धारा 37 के तहत मध्यस्थता अवार्ड को रद्द करने के लिए अतिरिक्त आधार उठाने से प्रतिबंधित नहीं किया गया है-

Supreme Court सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मध्यस्थता सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 37 के तहत मध्यस्थता अपील में किसी पक्ष को एक मध्यस्थता अवार्ड को रद्द करने के लिए एक अतिरिक्त आधार उठाने से केवल इसलिए प्रतिबंधित नहीं किया गया है कि उक्त आधार को धारा 34 के तहत मध्यस्थता अवार्ड रद्द करने की … Read more

सुप्रीम कोर्ट: NI Act Sec 138 में शिकायत में पहले प्रबंध निदेशक का नाम, इस कारण से ये नहीं माना जा सकता कि शिकायत कंपनी की ओर से नहीं की गई-

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Supreme Court सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि Negotiable Instrument Act Sec 138 नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत एक कंपनी की ओर से दायर की गई शिकायत एकमात्र कारण से खारिज करने के लिए उत्तरदायी नहीं है, क्योंकि इसमें कंपनी के नाम से पहले प्रबंध निदेशक का नाम बताया गया है। न्यायमूर्ति … Read more