सुप्रीम कोर्ट: मध्यस्थता- किसी पक्ष को धारा 37 के तहत मध्यस्थता अवार्ड को रद्द करने के लिए अतिरिक्त आधार उठाने से प्रतिबंधित नहीं किया गया है-

Supreme Court सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मध्यस्थता सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 37 के तहत मध्यस्थता अपील में किसी पक्ष को एक मध्यस्थता अवार्ड को रद्द करने के लिए एक अतिरिक्त आधार उठाने से केवल इसलिए प्रतिबंधित नहीं किया गया है कि उक्त आधार को धारा 34 के तहत मध्यस्थता अवार्ड रद्द करने की … Read more

सुप्रीम कोर्ट: NI Act Sec 138 में शिकायत में पहले प्रबंध निदेशक का नाम, इस कारण से ये नहीं माना जा सकता कि शिकायत कंपनी की ओर से नहीं की गई-

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Supreme Court सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि Negotiable Instrument Act Sec 138 नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत एक कंपनी की ओर से दायर की गई शिकायत एकमात्र कारण से खारिज करने के लिए उत्तरदायी नहीं है, क्योंकि इसमें कंपनी के नाम से पहले प्रबंध निदेशक का नाम बताया गया है। न्यायमूर्ति … Read more

is Cryptocurrency Legal in India? 30% कर के बाद आपको लगता होगा कि क्रिप्टोकरेंसी लीगल है, तो जाने विस्तार से –

is Cryptocurrency Legal in India – FINANCE MINISTER OF INDIA ने इतना तो साफ हो गया है कि भारत में अब वर्चुअल एसेट (Virtual Asset) से होने वाली कमाई पर 30% टैक्स लगेगा. इतना ही नहीं, क्रिप्टोकरेंसी के हर एक ट्रांजैक्शन (Transaction) पर अलग से 1% TDS (Tax deduction at source) सरकार को देना होगा. … Read more

Arbitration Act: धारा 34 के आवेदन में संशोधन कब किया जा सकता है? जानिए उच्च न्यायालय का निर्णय-

Madras High Court मद्रास हाई कोर्ट ने दिए अपने निर्णय में कहा कि यदि संशोधनों द्वारा पेश किए गए नए आधार मध्यस्थता अधिनियम की धारा 34 के तहत मध्यस्थ पुरस्कार को रद्द करने के लिए दायर याचिका के चरित्र को नहीं बदलते हैं, तो उच्च न्यायालय अपनी विवेकाधीन शक्तियों का उपयोग करने की ऐसे आवेदन … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने कहा: बैंक/पोस्ट ऑफिस कर्मचारियों द्वारा धोखाधड़ी कृत्य किए जाने पर वैकल्पिक रूप से बैंक/पोस्ट ऑफिस ही उत्तरदायी होगा-

Supreme Court of INDIA उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि डाकघर धोखाधड़ी के कारण हुए नुकसान के लिए अपने अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का हकदार है। यह उल्लेख करते हुए कि किसी डाकघर या बैंक को उनके कर्मचारियों द्वारा की गई धोखाधड़ी या गलतियों के लिए उत्तरदायी ठहराया जा सकता है, शीर्ष अदालत … Read more

श्रम मंत्रालय ने ‘सामाजिक सुरक्षा संहिता’ के तहत कर्मचारी मुआवजा नियमों पर मांगे सुझाव-

श्रम और रोजगार मंत्रालय ने सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत कर्मचारी के मुआवजे से संबंधित मसौदा नियमों के लिए संबंधित पक्षों से सुझाव और आपत्तियां मांगी है. साथ ही अधिसूचना की तारीख से 45 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां देना जरूरी है. मालूम हो कि सामाजिक सुरक्षा संहिता-2020 के मसौदा नियमों को तीन … Read more

‘Money Circulating Schemes’ & ‘Pyramid Schemes’ पर ग्राहकों से ठगी पर लगेगी लगाम, ‘डायरेक्ट सेलिंग’ इंडस्ट्री के लिए नए नियम जारी-

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने उपभोक्ता संरक्षण (सीधी बिक्री) नियम, 2021 की अधिसूचना जारी कर दी है. राज्य सरकारें सीधी बिक्री से जुड़ी इकाइयों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एक व्यवस्था बनाएंगी.– केंद्र सरकार ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 94 के साथ पठित धारा 101 की उप-धारा (2) के खंड (जेडजी) … Read more

बॉम्बे हाईकोर्ट: हत्या, डकैती आदि अपराधों की तुलना में सफेदपोश अपराध अधिक गंभीर हैं-

कोर्ट कर देनदारियो से बचने के लिए नकली चालान के माध्यम से कथित रूप से धोखाधड़ी करने के लिए आपराधिक कार्यवाही रद्द करने की मांग वाली मेसर्स गणराज इस्पात प्रा. लि निदेशको द्वारा दी गई दलीलो पर सुनवाई कर रहा था औरंगाबाद बेंच – बॉम्बे हाईकोर्ट, ने हाल ही में देखा कि सफेद कॉलर अपराध … Read more

सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण व्याख्या भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 420, और 477ए और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत-

प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति एनवी रमना, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 420, और 477A और धारा 13(2) के साथ पठित धारा 13(2) (1)(डी) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के के तहत दोषी ठहराए गए एक आरोपी द्वारा दायर अपील की अनुमति देते हुए ये टिप्पणियां कीं। 13 … Read more

सुप्रीम कोर्ट: हाईकोर्ट Article 226 के तहत बैंक को कर्जदार को OTS देने का निर्देश देने वाला आदेश नहीं कर सकता पारित-

Supreme Court सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि हाई कोर्ट संविधान के अनुच्छेद 226 Article 226 of Indian Constitution के तहत किसी वित्तीय संस्थान/बैंक को कर्जदार को सकारात्मक तरीके से एकमुश्त निपटान (ओटीएस) का लाभ देने का निर्देश देने वाला आदेश पारित नहीं कर सकता। न्यायमूर्ति एम आर शाह और न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना … Read more