इंडियन इम्पोर्टर, ‘समुद्री मार्ग माल ढुलाई भाड़ा’ पर अलग से IGST का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी नहीं – सुप्रीम कोर्ट

न्यायमूर्ति डॉ. डी.वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने माना है कि सीआईएफ (लागत, बीमा और माल ढुलाई) अनुबंध CIF (Cost, Insurance, and Freight) Contract में शिपिंग लाइन द्वारा सेवाओं की आपूर्ति के लिए एक भारतीय आयातक पर अलग कर लगाना धारा 8 का उल्लंघन होगा। न्यायालय ने पाया कि भारतीय आयातक समग्र … Read more

हाई कोर्ट ने कहा कि छंटनी और पुनर्नियोजन प्रक्रिया के उल्लंघन में बर्खास्त किए गए कर्मचारी, इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट एक्ट धारा 25G और 25H के तहत बहाली के हकदार है –

gujrat high court

गुजरात उच्च न्यायलय Gujarat High Court ने कहा है कि जहां औद्योगिक विवाद अधिनियम Industrial Dispute Act की धारा 25 (जी) और 25 (एच) के तहत प्रदान की गई छंटनी और पुन:रोजगार की प्रक्रिया के उल्लंघन में एक कर्मचारी की सेवा समाप्त की जाती है, वहां बहाली के आदेश पालन होना चाहिए। न्यायमूर्ति बीरेन वैष्णव … Read more

कॉपीराइट उलंघन धारा 63, 65 और ट्रेडमार्क एक्ट धारा 103, 104 मामले में आरोप दर्ज, हाई कोर्ट ने राहत देने से किया इंकार-

इलाहाबाद उच्च न्यायलय ने आगरा के प्रसिद्ध पंछी पेठा के ब्रांडनेम का इस्तेमाल करने के आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया। इलाहाबाद उच्च न्यायलय ने कॉपीराइट एक्ट मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी को राहत देने से इनकार करते हुए याचिका खारिज कर दी है। मामले में आगरा के प्रसिद्व पंक्षी पेठा के … Read more

‘शोले’ टाइटल का इस्तेमाल ‘ट्रेडमार्क उलंघन’ के अन्तर्गत है, यह वो प्रतिष्ठित फिल्म है, जिसने भारतीयों को आकर्षित किया है – हाई कोर्ट

Trademark Infringement

ट्रेड मार्क उलंघन Trademark Infringement के मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय Delhi High Court की न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह ने कहा कि प्रतिवादियों ने अपनी वेबसाइट के डोमेन नाम “www. sholay.com” के रूप में लोकप्रिय फिल्म “शोले” के नाम का इस्तेमाल किया था और अदालत ने प्रतिवादी पर लागत और नुकसान के रूप में 25 … Read more

Medical Insurance Policy पर सुप्रीम कोर्ट का लैंडमार्क निर्णय, कहा – “बीमा किया है ~ क्लेम देना ही होगा”

सर्वोच्च न्यायलय Supreme Court ने अपने दिए लैंडमार्क निर्णय Landmark Decision में कहा है कि एक बार बीमा Insurance करने के बाद बीमा कंपनी प्रस्तावक फार्म में उजागर की गई बीमित व्यक्ति की वर्तमान चिकित्सकीय स्थिति का हवाला देकर क्लेम देने से इन्कार नहीं कर सकती। न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना की पीठ … Read more

Cheque Bounce Cases: सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ते चेक अनादर मामले को देखते हुए दिया विशेष कोर्ट बनाने का आदेश

Cheque Bounce Cases: Supreme Court Orders Formation of Special Court Amid Rising Dishonour Incidents शीर्ष अदालत Supreme Court ने चेक बाउंस Cheque Bounce Cases के बढ़े हुए मामले को सुनने के लिए विशेष कोर्ट Special Court बनाने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने पांच राज्यों- महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, दिल्ली और यूपी के पांच जिलों में … Read more

सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला: NI Act, Sec 138 में किसी व्यक्ति को चेक बाउंसिंग के अपराध में केवल इसलिए दोषी नहीं ठहराया जा सकता है क्योंकि वह उस फर्म का पार्टनर या गांरटर था-

138 ni act

चेक बाउंस Cheque Bouncing के मामलों में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट Supreme Court ने सुनवाई करते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला Landmark Judgment सुनाया कि आपराधिक दायित्व नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट NI Act की धारा 138 किसी व्यक्ति पर सिर्फ इसलिए नहीं लगाया जा सकता है क्योंकि वह एक फर्म में भागीदार है जिसने ऋण लिया था … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने कहा: NI Act की Sec 138 उन मामलों में भी लागू होती है जहां चेक आहरण के बाद और प्रस्तुति से पहले ऋण लिया जाता है-

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कर्ज लेने के बाद जारी किया गया पोस्ट डेटेड चेक ‘कर्ज’ की परिभाषा के दायरे में आएगा। केवल चेक Cheque को एक प्रतिभूति Security के रूप में लेबल करने मात्र से कानूनी रूप से लागू करने योग्य ऋण या देयता को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किए गए एक इंस्ट्रूमेंट … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने बिटकॉइन घोटाले के 20 हजार करोड़ रुपये के आरोपी को फटकार लगाते हुए ईडी के साथ जानकारी साझा करने को कहा-

“सुप्रीम कोर्ट की गरिमा को बनाए रखना होगा। हम कोई तीस हजारी कोर्ट नहीं हैं।” ज्ञात हो की वर्ष 2018 में यह 2 हजार करोड़ का गेन बिटकॉइन घोटाला मामला अब 20 हजार करोड़ रुपये का हो चुका है। इसमें आरोपी अमित भारद्वाज के भाई अजय भारद्वाज ने अपने खिलाफ दर्ज मुकदमों को रद्द करने … Read more

दिल्ली उच्च न्यायलय ने निचली अदालत के निर्णय को बरकरार रखा कहा: चेक बाउंस मामले में गंभीर परिणाम भुगतने होंगे-

निचली अदालत (Lower Court) के फैसले को बरकरार रखते हुए चेक बाउंस से जुड़े एक मामले में दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने सख्त आदेश दिया है। न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर (Hon’ble Justice Rajnish Batnagar) की पीठ ने कहा कि यदि नोटिस जारी करने और अवसर देने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया तो गंभीर … Read more