सार्वजनिक क्षेत्रों में महिलाओं की तस्वीरें लेना, ताक-झांक करना IPC Sec 354C के तहत अपराध नहीं: केरल हाईकोर्ट

kerala-high-court

केरल उच्च न्यायालय ने कानून के अनुसार ताक-झांक की सीमाओं को स्पष्ट करते हुए कहा है कि सार्वजनिक क्षेत्रों में महिलाओं की तस्वीरें लेना, जहाँ वे उचित रूप से गोपनीयता की अपेक्षा नहीं करती हैं, भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 354सी के तहत अपराध नहीं माना जाता है, जो ताक-झांक से संबंधित है। मामला … Read more

किसी व्यक्ति को निशाना बनाए बिना, धमकाने के लिए बंदूक चलना, हत्या का प्रयास नहीं – हाई कोर्ट

धोखाधड़ी और जालसाजी के एक कथित मामले में 4 डॉक्टरों को बरी करते हुए HC ने कहा कि जांच की डिग्री और मूल्यांकन की प्रक्रिया उच्च स्तर पर होनी चाहिए

राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर ने फैसला सुनाया है कि किसी व्यक्ति को निशाना बनाए बिना, धमकाने के लिए बंदूक चलाने की घटना हत्या के प्रयास के रूप में योग्य नहीं है। न्यायालय ने अपीलकर्ता के खिलाफ हत्या के प्रयास के आरोप तय करने को चुनौती देने वाली अपील पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। … Read more

सौ करोड़ के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का जनता को मिले पूरा लाभ, हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान ले मुख्य सचिव को दिया ये निर्देश

himanchal p hc

हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने शिमला जिले के चमियाना अस्पताल के उपयोग से संबंधित मुद्दे पर स्वतः संज्ञान लिया है। न्यायालय ने मुख्य सचिव को अस्पताल के भविष्य पर चर्चा करने के लिए 11 नवंबर, 2024 को सभी हितधारकों की बैठक बुलाने का निर्देश दिया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति सत्येन … Read more

8 साल में 9 व्यक्तियों के खिलाफ बलात्कार के लिए 7 एफआईआर : सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सैन्य अधिकारी की याचिका पर जारी किया नोटिस

Supreme-Court

अभियोजन पक्ष की शिकायत पर 8 साल में 9 व्यक्तियों के खिलाफ बलात्कार के लिए 7 एफआईआर: सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सैन्य अधिकारी की याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें कथित ‘सेक्सटॉर्शन रैकेट’ द्वारा बलात्कार के मामले को खारिज करने की मांग की गई थी सुप्रीम कोर्ट ने आज सेवानिवृत्त सेना अधिकारी कैप्टन राकेश वालिया … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी मदरसा बोर्ड एक्ट – 2004 को संवैधानिक घोषित किया, हाई कोर्ट का निर्णय निरस्त

Supreme court of india

सर्वोच्च न्यायालय ने दोहराया है कि संविधान के मूल ढांचे के उल्लंघन के लिए किसी क़ानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती नहीं दी जा सकती। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम, 2004 को इस आधार पर असंवैधानिक माना है कि यह धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत और संविधान के अनुच्छेद 14 और 21ए … Read more

मद्रास हाईकोर्ट ने कहा की ‘हिंदू विवाह अधिनियम’ के अनुसार पति को बच्चे को देखने का पूरा अधिकार, भले ही वो अलग-अलग रह रहे हों

मद्रास हाईकोर्ट का फैसला: हिंदू और ईसाई के बीच हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह वैध नहीं

मद्रास हाईकोर्ट ने एक वैवाहिक विवाद के मामले में अलग रह रहे पति जो बच्ची का पिता है को राहत प्रदान की. हाई कोर्ट ने पिता को अपनी बच्ची से मिलने का मौका प्रदान किया. पति-पत्नि विवाद के बाद अलग रह रहे हैं. इस मामले में बच्ची अपनी मां के साथ रह रही है और … Read more

आगरा नगर निगम को यमुना नदी प्रदूषित करने के मामले में 58.39 करोड़ रुपये पर्यावरणीय मुआवजा देने का आदेश – SC

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आगरा नगर निगम को यमुना नदी प्रदूषित करने के मामले में 58.39 करोड़ रुपये पर्यावरणीय मुआवजा देने का आदेश दिया है. आगरा के चिकित्सक डॉ. संजय कुलश्रेष्ठ ने एनजीटी में याचिका दायर की थी, जिस पर नगर निगम पर जुर्माना लगाया गया था. इसके खिलाफ नगर निगम ने सुप्रीम कोर्ट … Read more

‘फर्जी मैरिज सर्टिफिकेट बनाने वाले संस्था या व्यक्ति विशेष के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही करने का आदेश’- इलाहाबाद हाईकोर्ट

समाजवादी पार्टी के सांसद जिया-उर-रहमान बर्क के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की याचिका खारिज - इलाहाबाद हाई कोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फर्जी विवाह प्रमाण पत्रों के आधार पर सुरक्षा की गुहार लगाने वाले जोड़ों को दस्तावेज उपलब्ध कराने वालों पर कड़ा रुख अपनाया है. फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर सुरक्षा की गुहार लगाने वाले प्रेमी युगलों के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार किया है. हाईकोर्ट ने फर्जी कागजात उपलब्ध … Read more

यूट्यूबर फेलिक्स जेराल्ड ने पुलिस से मांगा 1 करोड़ का मुआवजा, दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल

दिल्ली हाई कोर्ट

यूट्यूबर फेलिक्स जेराल्ड ने तमिलनाडु पुलिस पर मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर आरोप लगाते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में 1 करोड़ रुपये का मुआवजा मांगा है। उनका कहना है कि पुलिस ने उन्हें गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिया, जिसमें उनके अधिकारों का हनन हुआ है। जस्टिस मनोज कुमार ओहरी की बेंच ने याचिका पर … Read more

दहेज उत्पीड़न सेक्शन 498A के मामलों में अकसर बढ़ा-चढ़ाकर आरोप लगाए जाते हैं जो प्रायः सबूतविहीन होते है – सुप्रीम कोर्ट

36679551 Supreme Court Of India Sc

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सेक्शन 498ए के तहत दहेज उत्पीड़न का केस में कई बार जो आरोप लगाए जाते हैं, उसके कोई सबूत तक नहीं होते, लेकिन उन्हें सजा मिलने लगती है। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि हम पाते हैं कि अपीलकर्ता के खिलाफ इस मामले में कोई सबूत नहीं है, जिससे यह माना … Read more