12 साल के एक लडके और नौ साल की लड़की के बीच हुई शादी को “अमान्य” घोषित – इलाहाबाद उच्च न्यायालय

इलाहाबाद हाई कोर्ट

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पारिवारिक न्यायालय के एक फैसले के खिलाफ अपील स्वीकार करते हुए 2004 में 12 साल के एक लडके और नौ साल की लड़की के बीच हुई शादी को “अमान्य” घोषित कर दिया है। साथ ही न्यायालय ने व्यक्ति को अपनी “पत्नी” को 25 लाख रुपये देने का आदेश दिया है। कोर्ट … Read more

नियुक्ति के स्रोत के आधार पर न्यायाधीशों के बीच अंतर करना मूल रूप से एकरूपता की भावना के खिलाफ : SUPREME COURT

Supreme Court

सर्वोच्च न्यायालय SUPREME COURT ने कहा कि जिला न्यायपालिका से नियुक्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को बार से पदोन्नत न्यायाधीशों के समान पेंशन PENSION सहित समान लाभ मिलेंगे। सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने कहा कि जिन स्रोतों से उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति … Read more

PENSION का भुगतान इनाम नहीं बल्कि एक आवर्ती घटना, इन्हें केवल प्रक्रियात्मक आधार पर खारिज नहीं किया जाना चाहिए – SC

SUPREME COURT

सर्वोच्च न्यायालय ने गुजरात उच्च न्यायालय द्वारा ‘विलंब के आधार’ पर अंतिम लाभ और पेंशन की मांग करने वाली याचिका को खारिज करने के आदेश को रद्द कर दिया है और मामले को गुण-दोष के आधार पर पुनर्विचार के लिए वापस भेज दिया है। दिनांक 24.01.2022 के आदेश द्वारा, गुजरात उच्च न्यायालय के विद्वान एकल … Read more

न्यायालय को मध्यस्थता समझौते के अस्तित्व की जांच तक ही सीमित रहना पड़ता, क्योकि गहराई से विचार करना उचित नहीं होता – SC

Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट Supreme Court ने याचिकाकर्ता जो संयुक्त राज्य अमेरिका के कानूनों के तहत विधिवत निगमित एक कंपनी है, ने मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 Arbitration and Conciliation Act, 1996 की धारा 11 की उप-धारा (6) और (12) के तहत इस न्यायालय के अधिकार क्षेत्र का आह्वान किया है पर सुनवाई की। याचिकाकर्ता जो संयुक्त … Read more

Muslim और Hindu समुदाय के बीच विवाह को धार्मिक संहिताओं के तहत अनुमति नहीं, विवाह Special Marriage Act Sec 4 के अनुसार मान्य नहीं – HC

Jabalpur Mp High Court november 24

Madhya Pradesh High Court Important Decision : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के Chief Justice सुरेश कुमार कैथ और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच ने इंदौर निवासी युवती और जबलपुर के हसनैन अंसारी की शादी से जुड़े मामले में अहम फैसला सुनाया है. कोर्ट ने सिंगल बेंच के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है, जो … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने सैन्य अधिकारियों को बरी करते हुए कहा की चूंकि IPC के तहत अपराध करने के आरोप स्थापित नहीं, अतः दंडित नहीं किया जा सकता

किसी क़ानून के किसी भी प्रावधान को निरर्थक या अनावश्यक नहीं बनाया जाना चाहिए और एक क़ानून को एक सुसंगत संपूर्ण के रूप में समझा जाना चाहिए - सुप्रीम कोर्ट

सर्वोच्च न्यायालय ने सशस्त्र बल न्यायाधिकरण के उस निर्णय को बरकरार रखते हुए, जिसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 304 भाग II के अंतर्गत वायुसेना अधिकारियों की दोषसिद्धि को पलट दिया गया था, कहा कि दोषमुक्ति का आदेश निर्दोषता की धारणा को और बढ़ाता है। न्यायालय ने कहा कि प्रतिवादी या किसी अन्य आरोपी द्वारा … Read more

कानूनी पेशेवरों के अलावा अन्य पेशेवरों को शामिल करने के सवालों पर विचार किया जा सकता – सर्वोच्च न्यायालय

supreme c of india

सर्वोच्च न्यायालय Supreme Court ने आज चिकित्सा पेशेवरों को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 Consumer Protection Act, 1986 (सीपीए) के दायरे में रखने वाले अपने फैसले को बड़ी पीठ के पास भेजने से इनकार कर दिया और कहा कि अधिनियम के तहत कानूनी पेशेवरों Legal Professionals के अलावा अन्य पेशेवरों को शामिल करने के सवालों पर … Read more

POCSO ACT का मुकदमा आपसी समझौते से खत्म नहीं किया जा सकता, शीर्ष अदालत ने राजस्थान HC के आदेश को खारिज करते हुए FIR को किया बहाल

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POCSO ACT: दलित नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के आरोपी शिक्षक को अब मुकदमे का सामना करना पड़ेगा। 2022 के इस मामले में राजस्थान हाई कोर्ट RAJUSTHAN HIGH COURT ने दोनों पक्षों में समझौते को आधार बना कर केस रद्द कर दिया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को गलत बताते हुए निरस्त कर दिया … Read more

अचानक झगड़े के बाद आवेश में लड़ाई में बिना किसी पूर्व विचार के अपराध : सुप्रीम कोर्ट ने IPC SEC 302 के तहत दोषसिद्धि को IPC SEC 304 में बदला

सर्वोच्च न्यायालय ने धारा 302 के तहत एक व्यक्ति की दोषसिद्धि को धारा 304 आईपीसी के भाग 1 के तहत बदल दिया, जबकि यह देखा कि अपीलकर्ताओं द्वारा अचानक झगड़े के बाद आवेश में अचानक लड़ाई में बिना सोचे-समझे अपराध किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यह अपील छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय … Read more

ऐतहासिक निर्णय: LMV लाइसेंस धारक भी 7500 किलोग्राम तक के परिवहन वाहनों को चला सकते हैं, सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट की पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने एक ऐतिहासिक फैसले में लाइट मोटर व्हीकल (एलएमवी) लाइसेंस धारकों को अब कानूनी तौर पर 7,500 किलोग्राम तक के बिना लदे वजन वाले परिवहन वाहन चलाने की अनुमति है। अपने लैंडमार्क निर्णय में कोर्ट ने “यह कानूनी सवाल दुर्घटना मामलों में बीमा कंपनियों की तरफ से … Read more