‘मैरिटल बलात्कार’ धारा 376 और ‘दहेज प्रताड़ना कानून’ धारा 498A का इस्तेमाल हिसाब चुकता करने के लिए हो रहा है, सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई-

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Misuse of IPC SEC 376 & 498A – भारतीय दंड संहिता की धारा 498 A विवाहिता स्त्रियों के साथ ससुराल में क्रूरता के मामले में लगाई जाती है। दहेज उत्पीड़न और दहेज के लिए हत्याओं के मामलों को देखते हुए 1983 में आईपीसी में धारा 498A शामिल की गई थी। विगत दिनों न्यायमूर्ति एस. अब्दुल … Read more

Supreme Court में याचिका, पूछा क्या हिंदी राष्ट्रीय भाषा है? बॉम्बे हाईकोर्ट ने NDPS Act में गिरफ्तार याची से कहा “हां” और खारिज की जमानत अर्जी-

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में एक मामले में कहा था कि Article 22(5) अनुच्छेद 22(5) के तहत जरूरी है कि व्यक्ति को उसके Constitutional Rights मौलिक अधिकारों के बारे में उसी भाषा में जानकारी दी जाए वह उसके द्वारा अच्छी तरह समझी जाती हो। Supreme Court सर्वोच्च न्यायालय में हैदराबाद के एक तेलुगु भाषी … Read more

हिजाब पर क्यों मचा है बवाल, जाने विस्तार से संविधान प्रदत्त अधिकारों, सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट के लैंडमार्क फैसलों के माध्यम से, विस्तार में-

नियम अलग हैं और धर्म अलग। दोनों एक-दूसरे में हस्तक्षेप नहीं कर सकते। कर्नाटक में हिजाब को लेकर आखिर घमासान क्यों- ताजा विवाद की शुरुआत इस साल की शुरुआत में हुई जब कुछ सरकारी शिक्षण संस्थाओं में कुछ छात्राएं हिजाब पहनकर आने लगीं। संस्था ने जब इसकी अनुमति नहीं दी तो हिजाब के समर्थन में … Read more

Lucknow Bench Allahabad High Court द्वारा 102 वर्ष बाद ‘अलीगंज हनुमान मंदिर लखनऊ’ नई प्रशासन समिति की योजना प्रस्ताव को दी मंजूरी-

Lucknow Bench Allahabad High Court इलाहाबाद उच्च न्यायालय लखनऊ बेंच लखनऊ ने वृहस्पतिवार को ‘अलीगंज हनुमान मंदिर लखनऊ’ ‘Aliganj Hanuman Mandir Lucknow’ के लिए प्रबंधन की एक नई योजना को मंजूरी दी। न्यायमूर्ति एआर मसूदी ने मंदिर के मामलों का प्रबंधन करने वाले ट्रस्ट के धर्मार्थ उद्देश्य के साथ आध्यात्मिक विश्वास के महत्व पर प्रकाश … Read more

सुप्रीम कोर्ट: अगर शिकायत के साथ हलफनामा नहीं, तो मजिस्ट्रेट सीआरपीसी की धारा 156 (3) के तहत आवेदन पर सुनवाई नहीं कर सकता-

Supreme Court सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि अगर शिकायत के साथ हलफनामा नहीं है तो मजिस्ट्रेट दंड प्रक्रिया संहिता Criminal Procedure Code की धारा 156 (3) के तहत एक आवेदन पर सुनवाई नहीं कर सकता है। इस तरह की आवश्यकता के साथ, लोगों को पहली बार में मजिस्ट्रेट के अधिकार को लागू करने से … Read more

अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट: इतिहास में पहली बार इतने सारे दोषियों को सुनाई गई फांसी की सजा-

Ahmedabad Serial Blast 2008: गुजरात की विशेष अदालत ने जुलाई 2008 में अहमदाबाद में हुए सीरियल ब्लास्ट के 49 दोषियों में से 38 को फांसी की सजा सुनाई गई है। इतिहास में ये पहली बार है जब एक बार में इतने सारे दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई है। हालांकि, दोषियों की फांसी की … Read more

हाई कोर्ट का बड़ा निर्णय कहा, आपराधिक कानून को गणित की तरह लागू नहीं किया जा सकता, POCSO ACT में दी जमानत-

कोर्ट ने यह आदेश दो किशोरों द्वारा सामाजिक बंधनों को तोड़ने और प्रेम विवाह करने के मद्देनजर इस मामले को एक विशेष परिस्थिति मानते हुए दिया और उसके बाद पोक्सो अधिनियम POCSO ACT के तहत मामला दर्ज किया गया। POCSO ACT पॉक्सो एक्ट को लेकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Allahabad High Court) ने बड़ा फैसला लिया … Read more

हाई कोर्ट: आरोपी का वकील अदालत के सामने पेश नहीं होता है तो, निचली अदालत आरोपी के लिए एक वकील नियुक्त करने के लिए बाध्य है-

अदालत ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 13 (2) राज्य को मौलिक अधिकारों को छीनने वाले किसी भी कानून को बनाने से रोकता है। इस संदर्भ में, अदालत ने कहा कि POCSO Act की धारा 33(5) की निचली अदालत की व्याख्या Constitution संविधान के अनुच्छेद 13 के विपरीत है कर्नाटक हाई कोर्ट ने कहा है … Read more

जो इस्लाम को नहीं मानते, उन्हें मस्जिदों के लाउडस्पीकरों के शोर सुनने को नहीं करें मजबूर, हाईकोर्ट ने गुजरात सरकार से मांगा जवाब-

Gujrat High Court गुजरात उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को एक नोटिस जारी किया है। यह नोटिस एक जनहित याचिका के आधार पर जारी किया गया है जिसमें पूरे गुजरात के मस्जिदों में लाउडस्पीकरों के बजने पर रोक लगाने की मांग की गई है। इसके लिए कोर्ट ने सरकार से 10 मार्च 2022 तक जवाब … Read more

COLLEGIUM NEWS: सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के 10 अधिवक्ताओं को न्यायाधीशों के रूप में पदोन्नति करने की संस्तुति दी-

Collegium News

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 16 फरवरी को हुई बैठक में बॉम्बे उच्च न्यायालय के दस अधिवक्ताओं को न्यायाधीशों के रूप में पदोन्नत करने की संस्तुति की। पदोन्नति किए जाने वाले अधिवक्ता गण है एडवोकेट किशोर चंद्रकांत संत, एडवोकेट वाल्मीकि मेनेजेस एसए, एडवोकेट कमल रश्मि खाता, एडवोकेट शर्मिला उत्तमराव देशमुख, एडवोकेट अरुण रामनाथ पेडनेकर, एडवोकेट संदीप … Read more