गोधरा कांड के बाद हुए दंगे में 35 आरोपियों को बरी करते हुए कोर्ट ने कहा की, वो कुछ झूठी-धर्मनिरपेक्ष मीडिया और राजनेताओं के प्रोपगेंडा का शिकार हुए-
सत्र न्यायालय के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं थे, वो कुछ झूठी-धर्मनिरपेक्ष मीडिया और राजनेताओं के प्रोपगेंडा का शिकार हुए। आरोपियों में कई डॉक्टर, प्रोफेसर, शिक्षक और व्यवसायी शामिल हैं। गुजरात के पंचमहल जिले के हलोल कोर्ट की एक सत्र अदालत ने 2002 के गोधरा कांड के बाद हुए दंगों के मामलों … Read more