इलाहाबाद उच्च न्यायालय-लखनऊ बेंच ने कहा कि केवल इसलिए कि वाद्कर्ता एक वकील है तो उसे आपराधिक कार्यवाही में ख़ास दर्जा नहीं प्राप्त हो जाएगा

मात्र वकील होने से आपराधिक कार्यवाही में कोई ख़ास दर्जा नहीं प्राप्त हो जाएगा

मात्र वकील होने से आपराधिक कार्यवाही में कोई ख़ास दर्जा नहीं प्राप्त हो जाएगा, उच्च न्यायालय-लखनऊ बेंच ने सेंट्रल बार एसोसिएशन लखनऊ से की अपील- इलाहाबाद उच्च न्यायालय-लखनऊ बेंच ने एक आपराधिक मामले में निष्पक्ष जांच की मांग वाली एक रिट पेटिशन का निपटारा करते हुए कहा कि केवल इसलिए कि वाद्कर्ता एक वकील है … Read more

शीर्ष अदालत ने कहा अगर अधिवक्ता केस हार जाये तो उस पर मुआवज़े के लिए उपभोक्ता फ़ोरम में मुक़दमा दायर नहीं चलाया जा सकता-

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प्रत्येक मुकदमे में, पार्टियों में से एक को हारना तय है, और ऐसे मामले में, जो पक्ष मुकदमे में हारेगा, वह सेवा में कमी का दावा करते हुए, मुआवजे के लिए उपभोक्ता मंच से संपर्क कर सकता है, जो कि बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। Supreme Court of India : सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है … Read more

शादी करने का झूठा वायदा करके पीडिता से बलात्कार करने वाले आरोपी का मुकदमा सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज –

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Supreme Court of INDIA सुप्रीम कोर्ट ने बलात्कार के आरोप में दर्ज एक एफआईआर को रद्द करते हुए कहा कि इस आशय का कोई आरोप नहीं है कि आरोपी द्वारा किया गया शादी का वादा शुरूआत से ही झूठा था। आरोपी की एफआईआर रद्द करने की मांग वाली याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दी … Read more

CBI ने 80 हजार रुपये घूस के साथ वकील को किया गिरफ्तार-

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सीबीआई CBI ने चंडीगढ़ के सेंट्रल गुड्स एंड सर्विस टैक्स (CGST) के सहायक आयुक्त के इशारे पर 80 हजार रुपये रिश्वत BRIBE लेते एक वकील को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार वकील ने बताया कि उसने यह रिश्वत Central Goods and Service Tax के सहायक आयुक्त राजीव कुमार महेरवाल के कहने पर ली है। … Read more

Evidence Act की धारा 106 उन मामलों पर लागू होगी जहां अभियोजन पक्ष उन तथ्यों को स्थापित करने में सफल रहा है – उच्चतम न्यायालय

सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि साक्ष्य अधिनियम, 1872 की धारा 106 के तहत अभियुक्त के भार को निभा पाने में विफलता परिस्थितिजन्य साक्ष्य द्वारा संचालित मामले में प्रासंगिक नहीं है, यदि अभियोजन पक्ष परिस्थितियों की एक कड़ी स्थापित करने में असमर्थ है। मा न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी और मा न्यायमूर्ति अभय एस. ओका की पीठ … Read more

शीर्ष अदालत ने धारा 113-ए भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत विवाहित महिला को आत्महत्या के लिए उकसाने के अनुमान को आकर्षित करने की शर्तें को स्पष्ट किया-

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मृतक के रिश्तेदार होने के आधार पर करीबी रिश्तेदारों / हितबद्ध गवाहों के साक्ष्य मूल्य को अस्वीकार नहीं किया जा सकता- शीर्ष अदालत ने कहा है कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 113-ए की प्रयोज्यता को आकर्षित करने के लिए, तीन शर्तों को पूरा करना आवश्यक है- महिला ने आत्महत्या की है ऐसी आत्महत्या उसकी … Read more

उच्च न्यायालय ने बार एसोसिएशन के चुनाव के दौरान हुए विवाद में दर्ज FIR को किया रद्द-

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दिल्ली उच्च न्यायालय ने द्वारका जिला न्यायालय में बार एसोसिएशन चुनाव के दौरान हुई हाथापाई के सिलसिले में 13 लोगों के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द कर दी है। इस मामले में शामिल पक्षों के बीच समझौते को देखते हुए प्राथमिकी रद्द की गई है। न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने याचिकाकर्ता-आरोपी द्वारा आश्वासन दिए जाने के बाद … Read more

‘न्याय को हमेशा काले गाउन और विस्तृत तर्कों की आवश्यकता नहीं होती, भविष्य मध्यस्थता का है’: जस्टिस रमना

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भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय आभासी मध्यस्थता ग्रीष्मकालीन स्कूल, 2021 के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने विवाद समाधान में मध्यस्थता की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने सशक्तिकरण और समाज में बदलाव लाने के एक उपकरण के रूप में शिक्षा के … Read more

क्या चश्मदीद गवाह की गवाही को इसलिए खारिज किया जा सकता है, क्योंकि वह पीड़ित का रिश्तेदार है-

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रिपोर्ट-राजेश कुमार गुप्ता,अधिवक्ता, वाराणसी दिनांक 18.8.1993 को माधव जी (मृतक) अपने बेटे के साथ खेत पर मौजूद थे, तब ही उन पर अमरा, काचरू, कारू, सुरताराम, लालू और भागीरथ ने हमला किया। मृतक के रोने की आवाज सुनकर कुछ लोग मौके पर पहुंचे और आरोपी भाग गए। मृतक के बेटे ने अपने पिता को एक बैलगाड़ी … Read more