सुप्रीम कोर्ट ने केस सुनवाई के क्रम में जमानत रद्द करने के लिए कुछ उदाहरणात्मक स्थितियां को बताया-

शीर्ष अदालत Supreme Court में एक जमानत पर सुनवाई के दौरान सीजेआई न्यायमूर्ति एन.वी. रमना, न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी और न्यायमूर्ति हिमा कोहली ने कुछ उदाहरणात्मक स्थितियों का उल्लेख किया जहां जमानत रद्द की जा सकती है। सर्वोच्च अदालत ने अपील की अनुमति देते हुए उच्च न्यायालय के फैसले को रद्द कर दिया था और दूसरे … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने POCSO ACT Sec 23 के तहत अपराध की जांच के लिए कोर्ट की अनुमति की आवश्यकता है या नहीं, इस पर सुनाया विभाजित फैसला-

कोर्ट के आदेश में लिखा, “चूंकि बेंच सहमत नहीं हो पाई है, रजिस्ट्री को निर्देश दिया जाता है कि वह मामले को एक उपयुक्त बेंच के समक्ष असाइनमेंट के लिए भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश के समक्ष पेश करे।” न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी की खंडपीठ ने पीड़ित की पहचान का खुलासा करने … Read more

IPC Sec 376 और 504, 506 के तहत अपराध CrPC की Sec 200 के तहत परीक्षण के उद्देश्य के लिए ‘एक ही परिणति के रूप में जुड़े कृत्यों की एक श्रृंखला’ के दायरे में नहीं आएगा : SC

सुप्रीम कोर्ट

बलात्कार का अपराध (भारतीय दंड संहिता की धारा 376) और दूसरा गाली-गलौज और धमकियां, जिससे अपमान और धमकाने का अपराध होता है (धारा 504/506 आईपीसी), चाक और पनीर की तरह होते हैं- न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की पीठ ने पाया कि भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और धारा 504 और 506 … Read more

3.57 लाख सोयाबीन किसानों के फसल बीमा क्लेम मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बीमा कंपनी को Rs. 200 करोड़ छः सप्ताह में जमा करने का दिया आदेश-

अदालत ने कंपनी को छह सप्ताह में सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में 200 करोड़ रुपये जमा करने के आदेश दिए हैं. राशि जमा ना करने पर हाईकोर्ट के आदेश पर लगी रोक हट जाएगी. उच्चतम न्यायलय ने बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस Bajaj Allianz General Insurance को महाराष्ट्र के उस्मानाबाद जिले के 3,57,287 किसानों को खरीफ सीजन … Read more

आर्म्स लाइसेंस ‘शस्त्र अधिनियम’ अंतरगर्त योग्य नहीं : HC ने याचिकाकर्ता को शस्त्र लाइसेंस जारी करने का दिया निर्देश-

जिला मजिस्ट्रेट और अतिरिक्त सचिव (अपील) द्वारा पारित आक्षेपित आदेशों को रद्द कर जिलाधिकारी को शस्त्र लिएसेन्स निर्गत करने का निर्देश दिया– गुजरात उच्च न्यायालय Gujarat high Court ने जिला मजिस्ट्रेट द्वारा पारित आदेशों को चुनौती देने वाली एक रिट याचिका की अनुमति दी जिसमें याचिकाकर्ता की हथियार लाइसेंस के लिए याचिका खारिज कर दी … Read more

‘शोले’ टाइटल का इस्तेमाल ‘ट्रेडमार्क उलंघन’ के अन्तर्गत है, यह वो प्रतिष्ठित फिल्म है, जिसने भारतीयों को आकर्षित किया है – हाई कोर्ट

Trademark Infringement

ट्रेड मार्क उलंघन Trademark Infringement के मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय Delhi High Court की न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह ने कहा कि प्रतिवादियों ने अपनी वेबसाइट के डोमेन नाम “www. sholay.com” के रूप में लोकप्रिय फिल्म “शोले” के नाम का इस्तेमाल किया था और अदालत ने प्रतिवादी पर लागत और नुकसान के रूप में 25 … Read more

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा 16 साल की लड़की कर सकती है अपनी मर्जी से शादी, जबकि सरकार ने कर रखी है उम्र 21 वर्ष-

देश में जहाँ लड़कियों के शादी की उम्र को 21 वर्ष 21 Years Age of Marriage करने के विधेयक को मंजूरी मिल चुकी है. हम देश को संविधान Constitution से चलाने पर प्रायः चर्चा करते रहते है. एक देश एक विधान का नारा बुलंद किया जाता रहा है. 18 वर्ष के नीचे यौन अपराधों को … Read more

हाई कोर्ट ने कहा IPC की Sec 498A, 354 के तहत अपराधों के दोषसिद्धि की संभावना धूमिल है, समझौता का हवाला देते हुए FIR रद्द की-

हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायलय Himanchal Pradesh High Court ने पति के खिलाफ इंडियन पीनल कोड Indian Penal Code की धारा 498A, 354 के तहत दर्ज प्राथमिकी FIR को पक्षों के बीच ‘निपटान’ के आधार पर खारिज करते हुए उन्हें ‘बिना नैतिक अधमता वाले छोटे अपराध’ करार दिया है। न्यायमूर्ति संदीप शर्मा की एकल जज बेंच … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने कहा: अगर आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवार ने सामान्य श्रेणी के उम्मीदवार से अधिक अंक प्राप्त किए है तो उसे सामान्य श्रेणी की सीट पर समायोजित किया जाएगा-

देश के सर्वोच्च न्यायलय Supreme Court ने फैसला सुनाया है कि आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवार जो अंतिम चयनित सामान्य श्रेणी के उम्मीदवार से अधिक अंक प्राप्त करते हैं, वे सामान्य श्रेणी में सीट / पद के हकदार हैं। न्यायमूर्ति एम आर शाह और न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना की पीठ ने कहा कि आरक्षित वर्ग के … Read more

Medical Insurance Policy पर सुप्रीम कोर्ट का लैंडमार्क निर्णय, कहा – “बीमा किया है ~ क्लेम देना ही होगा”

सर्वोच्च न्यायलय Supreme Court ने अपने दिए लैंडमार्क निर्णय Landmark Decision में कहा है कि एक बार बीमा Insurance करने के बाद बीमा कंपनी प्रस्तावक फार्म में उजागर की गई बीमित व्यक्ति की वर्तमान चिकित्सकीय स्थिति का हवाला देकर क्लेम देने से इन्कार नहीं कर सकती। न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना की पीठ … Read more