बिहार मतदाता सूची में 65 लाख नाम हटाने पर सुप्रीम कोर्ट की चुनाव आयोग से जवाब-तलब

Supreme Court Of India

Supreme Court seeks response from Election Commission on removal of 65 lakh names from Bihar voter list 🧾विधि संवाददाता नई दिल्ली, 6 अगस्त 2025:सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बिहार में विशेष तीव्र पुनरीक्षण (SIR) के बाद तैयार की गई मसौदा मतदाता सूची से 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने के मामले में चुनाव आयोग … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश से सभी आपराधिक मामलों की सुनवाई छीनी

Supreme Court And Allahabad Hc

The Supreme Court has taken away the responsibility of hearing all criminal cases from the Allahabad High Court judge in a strong reprimand “कानून की घोर अज्ञानता” को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट के आदेश को बिना प्रतिवादियों को नोटिस दिए रद्द कर दिया। मामले को … Read more

आकस्मिक उपस्थिति भर से हिरासत नहीं दी जा सकती: एनडीपीएस केस में हिमाचल हाईकोर्ट से ज़मानत

himanchal p hc

Himachal High Court: In a drug case, mere presence cannot be linked to the crime 📰 आकस्मिक उपस्थिति भर से हिरासत नहीं दी जा सकती: एनडीपीएस केस में हिमाचल हाईकोर्ट से ज़मानत विधि संवाददाता हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 (NDPS Act) की धारा 21 और 29 के तहत … Read more

न्यायालय जाने से रोकना है सबसे गंभीर आपराधिक अवमानना: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाई कोर्ट

Preventing from going to court is the most serious criminal contempt: Allahabad High Court 🧾 विधि संवाददाता इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी भी व्यक्ति को न्यायालय जाने से रोकना या डराना, आपराधिक अवमानना का सबसे गंभीर रूप है। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर ने एक जनहित याचिका Public Interest Litigation … Read more

सुप्रीम कोर्ट की नसीहत: ‘बार-बेंच’ संबंध न टूटे, यतिन ओझा अवमानना मामले में माफ़ी ही पर्याप्त सज़ा

सुप्रीम कोर्ट

Supreme Court’s advice: Bar-bench relations should not be broken, apology is sufficient punishment in Yatin Ojha contempt case 📰 सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी: “जीवन में पछतावा ही सबसे बड़ी सज़ा है” — यतिन ओझा अवमानना मामला 🧾विधि संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने आज गुजरात हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष यतिन ओझा द्वारा दायर उस अपील … Read more

दया नियुक्ति अनंत अधिकार नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने 18 साल बाद की याचिका खारिज की

delhi high court

Mercy appointment not an eternal right: Delhi HC dismisses plea after 18 years 📰 विधि संवाददाता दिल्ली उच्च न्यायालय ने दया नियुक्ति (Compassionate Appointment) की मूल भावना को दोहराते हुए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में नियुक्ति की मांग वाली एक याचिका को खारिज कर दिया, जो याचिकाकर्ता ने अपने पिता की मृत्यु के लगभग … Read more

जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की याचिका पर 8 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट

The Supreme Court will hear the petition to restore the state status of Jammu and Kashmir on August 8 सुप्रीम कोर्ट 8 अगस्त को एक अहम याचिका पर सुनवाई करने जा रहा है, जिसमें केंद्र सरकार को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को पुनः राज्य का दर्जा देने के लिए निर्देश जारी करने की मांग की … Read more

यूपी पुलिस ने ‘गिरफ्तारी’ और ‘तलाशी’ के लिए जारी किए ‘नए दिशानिर्देश’

police-arrest

UP Police issued ‘new guidelines’ for ‘arrest’ and ‘search’ उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), राजीव कृष्णा, आईपीएस ने एक नया डीजी सर्कुलर (संख्या 25/2025) जारी किया है, जिसमें गिरफ्तारी और व्यक्तिगत तलाशी के लिए नए प्रारूपों का पालन करने का निर्देश दिया गया है । यह निर्देश इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा आपराधिक रिट याचिका … Read more

तेलंगाना उच्च न्यायालय: गोला-बारूद की बरामदगी मात्र से शस्त्र अधिनियम के तहत आरोप सिद्ध नहीं

High Court Of Telangana In Hyderabad

Telangana High Court: Mere recovery of ammunition does not prove charge under Arms Act तेलंगाना उच्च न्यायालय ने करण सजनानी बनाम तेलंगाना राज्य मामले में एक महत्वपूर्ण निर्णय दिया, जिसमें उसने शस्त्र अधिनियम, 1959 (अधिनियम) के तहत एक व्यक्ति को आरोपमुक्त कर दिया। याचिकाकर्ता के पास केवल गोला-बारूद की बरामदगी के आधार पर आरोप नहीं … Read more

Supreme Court का फैसला: वर्णांधता के कारण नौकरी से हटाना अनुचित, वैकल्पिक रोजगार देना होगा – संवैधानिक कर्तव्य की पुन: पुष्टि

supreme-court-of-india

Supreme Court’s decision: Dismissal from job due to colour blindness is unfair, alternative employment must be provided – constitutional duty reaffirmed सर्वोच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (TSRTC) को फटकार लगाते हुए उस अपीलकर्ता को वैकल्पिक रोजगार देने का निर्देश दिया, जिसे केवल वर्णांधता (कलर ब्लाइंडनेस) के आधार पर … Read more