शेयर बाजार धोखाधड़ी मामले में पूर्व सेबी अध्यक्ष और शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश

शेयर बाजार धोखाधड़ी मामले में पूर्व सेबी अध्यक्ष और शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश

मुंबई की विशेष एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) अदालत ने शनिवार को कथित शेयर बाजार धोखाधड़ी और नियामक उल्लंघन के मामले में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने पूर्व सेबी अध्यक्ष माधवी पुरी बुच और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) व भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के पांच शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने का … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोज़र प्रकरण पर गुजरात प्रशासन के खिलाफ अवमानना याचिका पर सुनवाई से किया इनकार

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने आज गुजरात प्रशासन के खिलाफ अवमानना कार्यवाही की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। यह याचिका सुप्रीम कोर्ट के पूर्व आदेशों का कथित रूप से उल्लंघन कर संपत्तियों को गिराने के मामले में दायर की गई थी। हालांकि, जस्टिस बी.आर. गवई और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की पीठ ने याचिकाकर्ता … Read more

रणवीर इलाहाबादिया को सुप्रीम कोर्ट से राहत, गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण बढ़ा

रणवीर इलाहाबादिया को सुप्रीम कोर्ट से राहत, गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण बढ़ा

“हास्य एक ऐसा माध्यम है, जिसका आनंद पूरा परिवार ले सकता है। ऐसे कंटेंट का निर्माण नहीं होना चाहिए, जिससे किसी को शर्मिंदगी महसूस हो। गंदी भाषा का उपयोग करना कोई विशेष प्रतिभा नहीं है।” – सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को रणवीर इलाहाबादिया को बड़ी राहत देते हुए गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण की … Read more

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: दृष्टिहीन व्यक्ति भी बन सकते हैं जज

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक ऐतिहासिक निर्णय देते हुए कहा कि दृष्टिहीन व्यक्तियों को भी न्यायिक सेवाओं में नियुक्त किए जाने का अधिकार है। शीर्ष अदालत ने इस संबंध में मध्य प्रदेश न्यायिक सेवा नियमों को असंवैधानिक करार देते हुए निरस्त कर दिया, जिससे दृष्टिहीन व्यक्तियों को न्यायिक सेवाओं में शामिल होने से रोका … Read more

आरोपमुक्त व्यक्ति को पुनः अभियुक्त बना देना: न्यायिक रूप से एक नई मिसाल – सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट

यह टिप्पणी सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण निर्णय “सुदर्शन सिंह वजीर बनाम राज्य (एनसीटी दिल्ली)” की समीक्षा करती है। इस मामले का केंद्रीय प्रश्न यह था कि क्या किसी अदालत द्वारा आपराधिक कार्यवाही में आरोपमुक्ति (डिस्चार्ज) के आदेश को निलंबित (स्टे) किया जा सकता है, और यदि हां, तो किन परिस्थितियों में? इस प्रकरण … Read more

सुप्रीम कोर्ट का फैसला: वाणिज्यिक ऋण लेने वाला उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत “उपभोक्ता” नहीं

सुप्रीम कोर्ट

सर्वोच्च न्यायालय ने “द चीफ मैनेजर, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया एवं अन्य बनाम एडी ब्यूरो एडवरटाइजिंग प्राइवेट लिमिटेड एवं अन्य” (2025 INSC 288, दिनांक 28 फरवरी 2025) के मामले में यह स्पष्ट किया कि क्या एक वाणिज्यिक उद्देश्य से लिया गया परियोजना ऋण उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 (“अधिनियम”) के तहत “उपभोक्ता” की परिभाषा में आता … Read more

आईपीसी की धारा 411 के तहत चोरी की गई संपत्ति की पहचान साबित करने के दायित्व को स्पष्ट करना – सर्वोच्च न्यायालय

सुप्रीम कोर्ट

भारत के सर्वोच्च न्यायालय का महत्वपूर्ण निर्णय : सर्वोच्च न्यायालय का हिरालाल बाबूलाल सोनी बनाम महाराष्ट्र राज्य में निर्णय भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 411 के तहत चोरी की संपत्ति प्राप्त करने से संबंधित अपराधों के लिए एक महत्वपूर्ण दृष्टांत स्थापित करता है। यह मामला नकली टेलीग्राफिक ट्रांसफर (TTs) और संबंधित बैंक दस्तावेजों के माध्यम … Read more

एमआरटीपी अधिनियम आरक्षण की समाप्ति: सुप्रीम कोर्ट ने समयसीमा और भूस्वामी अधिकारों को बरकरार रखा

सुप्रीम कोर्ट

सरकारी निकायों की दीर्घकालिक निष्क्रियता के कारण आरक्षण स्वतः समाप्त हो जाता है और भूमि मालिक को संपत्ति विकसित करने या उपयोग करने का अधिकार – सर्वोच्च न्यायालय  “सुप्रीम कोर्ट का निर्णय: महाराष्ट्र क्षेत्रीय एवं नगर नियोजन अधिनियम के तहत आरक्षित भूमि पर अधिकारों की स्पष्टता” सर्वोच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा … Read more

सुप्रीम कोर्ट का फैसला: ओडिशा के नौकरी ‘अनुबंधित कर्मचारियों की पेंशन पात्रता’ पर महत्वपूर्ण दिशानिर्देश

सुप्रीम कोर्ट का फैसला: ओडिशा के नौकरी 'अनुबंधित कर्मचारियों की पेंशन पात्रता' पर महत्वपूर्ण दिशानिर्देश

सर्वोच्च न्यायालय ने 21 फरवरी 2025 को ओडिशा राज्य में नौकरी अनुबंधित कर्मचारियों (Job Contract Employees – JCEs) की पेंशन पात्रता से संबंधित मामला में विशेष रूप से यह निर्धारित किया कि उन्हें अन्य कर्मचारियों—विशेष रूप से “वर्क-चार्ज्ड” कर्मचारियों—की तुलना में कैसे अलग तरीके से माना जाना चाहिए। ओडिशा सरकार ने उच्च न्यायालय के उन … Read more

सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण आदेश: गिरफ्तारी के बारे में रिश्तेदारों को सूचित करना और गिरफ्तारी के आधार के बारे में जानकारी देना अनिवार्य

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी के बारे में व्यक्ति के रिश्तेदारों को सूचित करने से पुलिस या जांच एजेंसी को यह अधिकार नहीं मिलता कि वह गिरफ्तार व्यक्ति को उसके गिरफ्तारी के आधार के बारे में सूचित करने के अपने कानूनी और संवैधानिक दायित्व से छूट जाए। न्यायालय ने कहा, … Read more