BCI का बड़ा कदम: 16 अगस्त को महिला वकीलों के सह-विकल्प पर राज्यों में बैठक

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BCI महिला वकील सह-विकल्प

BCI ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 16 अगस्त को स्टेट बार काउंसिल के निर्वाचित सदस्यों की बैठक बुलाकर चार महिला वकीलों के नाम सुझाने का निर्देश दिया।

बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट के 4 अगस्त के आदेश के बाद सभी स्टेट बार काउंसिल के निर्वाचित सदस्यों को 16 अगस्त को बैठक कर चार महिला वकीलों के नाम सुझाने का निर्देश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद BCI ने बुलाई बैठक

बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने सभी स्टेट बार काउंसिल के निर्वाचित सदस्यों को 16 अगस्त को परामर्श बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया है। बैठक में बार काउंसिल में महिला सदस्यों के प्रस्तावित सह-विकल्प (Co-option) पर विचार किया जाएगा और इसके लिए चार योग्य महिला अधिवक्ताओं के नामों की पहचान की जाएगी।

यह कदम सुप्रीम कोर्ट के 4 अगस्त के आदेश के बाद उठाया गया है। यह आदेश Yogmaya M G v. Union of India & Ors. मामले में पारित किया गया था।

चार महिला अधिवक्ताओं का पैनल तैयार करने का निर्देश

BCI ने कहा है कि प्रत्येक स्टेट बार काउंसिल के निर्वाचित सदस्य मिलकर योग्य महिला अधिवक्ताओं के नामों पर विचार-विमर्श करेंगे। इसके बाद चार महिला अधिवक्ताओं का एक पैनल तैयार कर उनकी सिफारिश की जाएगी।

BCI के अनुसार, बैठक में हुई चर्चा, उसके निष्कर्ष और जहां उचित समझा जाए वहां निर्वाचित सदस्यों के विचारों को भी पैनल के साथ संबंधित स्टेट बार काउंसिल के सचिव द्वारा संबंधित हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भेजा जाएगा।

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महिला वकीलों के चयन में इन बातों का रखा जाएगा ध्यान

BCI ने महिला अधिवक्ताओं के नामों पर विचार करते समय कई महत्वपूर्ण मानदंडों को ध्यान में रखने के लिए कहा है। इनमें अधिवक्ताओं की पेशेवर प्रतिष्ठा, वरिष्ठता, ईमानदारी और अनुभव प्रमुख हैं।

इसके अलावा भौगोलिक और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को भी ध्यान में रखने का निर्देश दिया गया है। विशेष रूप से उन क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने पर जोर दिया गया है, जिनका वर्तमान में बार काउंसिल में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है।

हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भेजा जाएगा पैनल

BCI ने कहा कि चार महिला अधिवक्ताओं के पैनल का उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार परामर्श प्रक्रिया को प्रभावी बनाना है। इससे महिला सदस्यों के सह-विकल्प की प्रक्रिया निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से पूरी की जा सकेगी।

निर्वाचित सदस्यों की बैठक के बाद संबंधित स्टेट बार काउंसिल के सचिव को विचार-विमर्श के परिणाम को जल्द से जल्द संबंधित हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश तक पहुंचाना होगा।

16 अगस्त की बैठक सुनिश्चित करने का निर्देश

BCI ने सभी स्टेट बार काउंसिल के सचिवों को निर्देश दिया है कि वे इस संचार को तत्काल सभी निर्वाचित सदस्यों के सामने रखें और 16 अगस्त को बैठक आयोजित करने की व्यवस्था करें।

बैठक में लिए गए निर्णय और विचार-विमर्श के परिणाम को भी संबंधित हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को शीघ्र भेजने के लिए कहा गया है।

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BCI ने लोकतांत्रिक भागीदारी पर दिया जोर

BCI ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने निर्वाचित सदस्यों को बार संस्थाओं की सदस्यता को आकार देने की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से अपनी भूमिका निभाने का अवसर दिया है।

परिषद ने कानूनी पेशे में लोकतांत्रिक भागीदारी, संस्थागत जिम्मेदारी और व्यवस्थित प्रशासन के महत्व पर भी जोर दिया।

यह संचार बार काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रधान सचिव श्रीमंत सेन की ओर से जारी किया गया है और संबंधित स्टेट बार काउंसिल के सचिवों के माध्यम से सभी निर्वाचित सदस्यों को भेजा गया है।

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