महिला दिवस पर उच्च न्यायालय लखनऊ में संगोष्ठी आयोजित: ‘भारतीय संविधान के 75 वर्ष एवं महिला अधिवक्ताओं के लिए अनुकूल न्यायालय परिसर’ विषय पर विमर्श

महिला दिवस पर उच्च न्यायालय लखनऊ में संगोष्ठी आयोजित: ‘भारतीय संविधान के 75 वर्ष एवं महिला अधिवक्ताओं के लिए अनुकूल न्यायालय परिसर’ विषय पर विमर्श

अधिवक्ता परिषद अवध, उच्च न्यायालय इकाई, लखनऊ द्वारा 06 मार्च 2025 को महामना सभागार, उच्च न्यायालय लखनऊ में महिला दिवस के उपलक्ष्य में “भारतीय संविधान के 75 वर्ष: महिला अधिवक्ताओं के लिए न्यायालय परिसर में अनुकूल वातावरण का सतत प्रयास” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि, माननीय न्यायमूर्ति श्रीमती साधना … Read more

ये तभी सुधरेंगे….सुप्रीम कोर्ट ने भगवंत मान सरकार को लगाई फटकार, मुख्य सचिव को अवमानना नोटिस जारी

ये तभी सुधरेंगे....सुप्रीम कोर्ट ने भगवंत मान सरकार को लगाई फटकार, मुख्य सचिव को अवमानना नोटिस जारी

पेंशन लाभ योजना के कार्यान्वयन में पंजाब सरकार की लापरवाही सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब की भगवंत मान सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए राज्य के मुख्य सचिव को अवमानना मामले में नोटिस जारी किया है। अदालत ने पंजाब सरकार को आदेश दिया है कि वह 24 मार्च तक अपना जवाब दाखिल करे। यह मामला पंजाब … Read more

प्रदेश की सभी अदालतों में 5 और 6 मार्च को वकीलों का विरोध प्रदर्शन, अदालतों का कार्य ठप रहेगा

कलकत्ता हाईकोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं से बदसलूकी पर स्वतः संज्ञान मुख्य न्यायाधीश ने गठित की तीन जजों की विशेष पीठ, सुनवाई सप्ताहांत तक संभावित

हिमाचल प्रदेश राज्य समन्वय समिति ने 5 और 6 मार्च को राज्य की सभी अदालतों में काम न करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया है, और समिति के अध्यक्ष एल. आर. नड्डा ने इस कदम की पुष्टि करते हुए बताया कि पूरे राज्य से वकीलों के सुझाव प्राप्त हुए थे, … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने सामान्य भविष्य निधि योजना के तहत सेवानिवृत्ति लाभ प्रदान किया, कहा की जब उच्च न्यायालय ने समान श्रेणी के व्यक्तियों को राहत दे दी थी, तो उसे प्रोफेसर की याचिका खारिज नहीं करनी चाहिए थी

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के एक पूर्व प्रोफेसर की अपील को स्वीकार करते हुए निर्देश दिया कि उन्हें सामान्य भविष्य निधि, पेंशन और ग्रेच्युटी योजना के तहत सेवानिवृत्ति लाभ प्रदान किए जाएं। सर्वोच्च न्यायालय ने इस तथ्य पर ध्यान दिया कि उच्च न्यायालय ने समान स्थिति में रखे गए व्यक्तियों … Read more

सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी: ‘मियां-तियां’ और ‘पाकिस्तानी’ कहना गलत, लेकिन धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का अपराध नहीं

supreme court

सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में टिप्पणी करते हुए कहा है कि किसी व्यक्ति को ‘मियां-तियां’ और ‘पाकिस्तानी’ कहना भले ही अनुचित और अशोभनीय हो, लेकिन इसे भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 298 के तहत धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने वाला अपराध नहीं माना जा सकता। यह मामला वर्ष 2020 … Read more

सुप्रीम कोर्ट में असामान्य घटना: वकील ने आत्महत्या की धमकी दी, कोर्ट ने माफीनामा दाखिल करने का आदेश दिया

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को एक अप्रत्याशित घटना घटी, जब एक वकील ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई के दौरान धमकी दी कि यदि उसकी आपराधिक याचिका स्वीकार नहीं की गई तो वह आत्महत्या कर लेगा। मामला और न्यायालय की प्रतिक्रिया न्यायमूर्ति अभय एस. ओका और न्यायमूर्ति उज्जल भुयान की पीठ के समक्ष “रमेश … Read more

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय: मात्र हस्तलिपि विशेषज्ञ की राय पर दोषसिद्धि खतरनाक, पर्याप्त पुष्टिकरण आवश्यक

Supreme Court's decision

सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि केवल हस्तलिपि विशेषज्ञ की राय के आधार पर दोषसिद्धि देना उचित नहीं है, जब तक कि इसे पर्याप्त साक्ष्यों द्वारा पुष्ट न किया जाए। इस आधार पर, शीर्ष अदालत ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 120बी, 468 और 471 के तहत आरोपी की दोषसिद्धि … Read more

सोशल मीडिया पोस्ट ब्लॉक करने पर बिना नोटिस के कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से छह सप्ताह में मांगा जवाब सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। यह याचिका सोशल मीडिया अकाउंट्स या पोस्ट को बिना नोटिस जारी किए ब्लॉक करने की प्रक्रिया को चुनौती देती है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि … Read more

सुप्रीम कोर्ट: Custom Act और GST Act के तहत गिरफ्तारी की शक्ति वैध, न्यायालय ने शर्तों की विस्तृत व्याख्या की

GST Arrest यह शक्ति बिना आधार के प्रयोग नहीं की जा सकती।

मुख्य बिंदु- यह शक्ति बिना आधार के प्रयोग नहीं की जा सकती। गिरफ्तारी का आधार उचित प्रमाणों पर आधारित हो। यह स्पष्ट किया जाए कि अपराध संज्ञेय है या ग़ैर-संज्ञेय। धारा 104(4) के तहत सूचीबद्ध अपराधों के अलावा अन्य मामलों में गिरफ्तारी से पहले मजिस्ट्रेट की अनुमति ली जाए। अधिकारी को गिरफ्तारी के समय सभी … Read more

दिल्ली हाईकोर्ट: सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा सर्वोपरि, दोषी की सजा बरकरार

दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने क्रिमिनल प्रोसीजर कोड (CrPC) की धारा 397 और 401 के तहत दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए, ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए दोषी की सजा की पुष्टि की। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांत शर्मा ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में वास्तविक प्रगति करनी है, … Read more