सुप्रीम कोर्ट का फैसला: सास पर दहेज उत्पीड़न का आरोप गलत, पड़ोसी की गवाही निर्णायक

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सुप्रीम कोर्ट ने दहेज उत्पीड़न मामले में सास को बरी किया। पड़ोसी की गवाही को महत्व देते हुए अदालत ने कहा कि दहेज का कोई प्रमाण नहीं था। जानिए इस अहम फैसले के बारे में। Supreme Court’s decision: Allegation of dowry harassment on mother-in-law is wrong, neighbour’s testimony is decisive सुप्रीम कोर्ट का अहम निर्णय: … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने कहा: उच्च न्यायालय मजिस्ट्रेट के समक्ष लंबित घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 12 के तहत कार्यवाही को रद्द कर सकते हैं

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  सुप्रीम कोर्ट ने कहा: उच्च न्यायालय मजिस्ट्रेट के समक्ष लंबित घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 12 के तहत कार्यवाही को रद्द कर सकते हैं सुप्रीम कोर्ट ने कहा: घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत दायर आवेदन को रद्द करने के लिए उच्च न्यायालय को धारा 482 CrPC (या धारा 528 BNSS) के तहत अंतर्निहित अधिकार … Read more

अप्राकृतिक सेक्स: सहमति है तो अपराध नहीं, पत्नी की इच्छा के विरुद्ध हो तो धारा 377 के तहत दंडनीय — इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट

अप्राकृतिक सेक्स: सहमति है तो अपराध नहीं, पत्नी की इच्छा के विरुद्ध हो तो धारा 377 के तहत दंडनीय — इलाहाबाद हाईकोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि यदि बालिग पत्नी की सहमति से पति द्वारा अप्राकृतिक यौन संबंध बनाए जाते हैं, तो इसे भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा … Read more

“दहेज मृत्यु मामलों में ‘मृत्यु से ठीक पहले’ की शर्त पर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला”

"दहेज मृत्यु मामलों में 'मृत्यु से ठीक पहले' की शर्त पर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला"

दहेज मृत्यु मामलों में ‘मृत्यु से ठीक पहले’ की आवश्यकता की पुनःपुष्टि यह टिप्पणी भारत के सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय करण सिंह बनाम हरियाणा राज्य गृह विभाग (2025 INSC 133) के प्रभावों का विश्लेषण करती है। अपीलकर्ता करण सिंह को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 304-बी और 498-A के तहत सत्र न्यायालय द्वारा दोषी … Read more

क्रूरता और दहेज हत्या में एक व्यक्ति को बरी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर प्रकाश डाला कि उसने IPC Sec 304-B के तहत अपराध के तत्वों को बार-बार समझाया गया फिर भी ट्रायल कोर्ट वही गलतियाँ दुहरा रहे हैं

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सर्वोच्च न्यायालय ने क्रूरता और दहेज हत्या के एक मामले में एक व्यक्ति को बरी कर दिया और इस बात पर प्रकाश डाला कि उसने धारा 304-बी आईपीसी के तहत अपराध के तत्वों को बार-बार समझाया है, लेकिन ट्रायल कोर्ट वही गलतियाँ कर रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने सुझाव दिया कि राज्य न्यायिक अकादमियों को … Read more

दहेज मामले में फंसने से स्वच्छ छवि वाले उम्मीदवार को नौकरी के लिए अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता – Allahabad High Court

इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला: अलगाव की अवधि में आपसी सहमति से तलाक के लिए समझौता 'साथ रहने' का संकेत नहीं

इलाहाबाद हाईकोर्ट Allahabad High Court ने हाल ही में एक मामले की सुनवाई की और अपने फैसले में कहा कि किसी अभ्यर्थी को सरकारी पद Government Job पर नियुक्ति देने से सिर्फ इसलिए इनकार नहीं किया जा सकता कि उसे दहेज के मामले Dowry Case में उसका नाम या उसे फंसाया गया है. याचिकाकर्ता बाबा … Read more

अतुल सुभाष आत्महत्या: दहेज और घरेलू हिंसा कानूनों के दुरुपयोग को उजागर करते हुए SUPREME COURT में PIL दायर की गई; सुधार की मांग की गई

ATUL SUBHASH SUCIDE CASE SUPREME COURT

ATUL SUBHASH SUCIDE CASE : भारतीय संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर एक जनहित याचिका (PIL) ने दहेज और घरेलू हिंसा कानूनों के कथित दुरुपयोग के बारे में गंभीर चिंता जताई है, जिसमें दावा किया गया है कि झूठे मामलों के कारण विवाहित पुरुषों को उत्पीड़न और दुखद मौतें हो रही हैं। सुप्रीम कोर्ट … Read more

दहेज निषेध अधिनियम ‘जिला मजिस्ट्रेट की मंजूरी के बिना किसी भी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा नहीं चलाया जा सकता’ – पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय

व्यक्ति पहले से ही शादीशुदा और उसके बच्चे भी हैं, ऐसे 'लिव इन रेलशनशिप' मामलों में संरक्षण देने से 'द्वी विवाह' हो समर्थन मिलेगा और भारतीय मूल्यों का हनन होगा

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने दहेज निषेध अधिनियम, 1961 की धारा 4 के तहत दर्ज मामले में कार्यवाही को रद्द करते हुए कहा कि जिला मजिस्ट्रेट की पूर्व स्वीकृति के बिना अधिनियम के तहत किए गए किसी भी अपराध के संबंध में किसी भी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। संक्षिप्त तथ्य- … Read more

दहेज उत्पीड़न के एक मामले में ‘मजिस्ट्रेट’ को कड़ी फटकार, हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि वह अपना काम करने में गंभीर नहीं – बॉम्बे हाईकोर्ट

Bombay High Court

बॉम्बे हाईकोर्ट ने दहेज उत्पीड़न के एक मामले में मुकदमे में तेजी लाने के निर्देश देने वाले अपने 2021 के आदेश का पालन न करने के लिए एक मजिस्ट्रेट को कड़ी फटकार लगाई है, जिसमें कहा गया है कि गैर-अनुपालन के लिए उनके बहाने “कमजोर” थे। न्यायमूर्ति ए एस गडकरी और न्यायमूर्ति नीला गोखले की … Read more

हाईकोर्ट ने कहा कि दहेज मांगना अपराध, लेकिन कम दहेज के लिए ताना मारना अपने आप में दंडनीय अपराध नहीं, आपराधिक शिकायतें कीं खारिज

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हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि परिवार के सदस्यों के खिलाफ आरोप स्पष्ट होने चाहिए, जिसमें आपराधिक मुकदमा चलाने के लिए प्रत्येक सदस्य द्वारा निभाई गई विशिष्ट भूमिका पर प्रकाश डाला जाना चाहिए। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में दहेज से जुड़े एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि दहेज मांगना अपराध, … Read more