सुप्रीम कोर्ट ने मंगेतर की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा बरकरार रखते हुए अनुच्छेद 161 के तहत क्षमादान मांगने की अनुमति दी

Supreme Court Of India

The Supreme Court upheld the sentence of life imprisonment in the case of murder of the fiancée and allowed him to seek pardon under Article 161 यह निर्णय शुभा बनाम कर्नाटक राज्य निर्णय दिनांक: 14 जुलाई 2025 भारतीय दंड न्यायशास्त्र और दया याचिका अधिकारों के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण निर्णय है, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय ने: … Read more

अंकिता भंडारी हत्याकांड: कोटद्वार की एडीजे कोर्ट ने पुलकित आर्य समेत तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई

ankita-bhandari-murder

अंकिता भंडारी हत्याकांड: कोटद्वार की एडीजे कोर्ट ने पुलकित आर्य समेत तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कोटद्वार की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ) कोर्ट ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए तीनों आरोपियों — पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता — को आजीवन कारावास … Read more

पटनागढ़ पार्सल बम कांड: आरोपी पुंजीलाल मेहर को कोर्ट ने सभी आरोपों में दोषी ठहराया, उम्रकैद की सजा

पटनागढ़ पार्सल बम कांड: आरोपी पुंजीलाल मेहर को कोर्ट ने सभी आरोपों में दोषी ठहराया, उम्रकैद की सजा

📦 पटनागढ़ पार्सल बम कांड: आरोपी पुंजीलाल मेहर को कोर्ट ने सभी आरोपों में दोषी ठहराया, उम्रकैद की सजा पटनागढ़ न्यायालय के सत्र न्यायाधीश ने 2018 के बहुचर्चित पार्सल बम विस्फोट कांड में आरोपी पुंजीलाल मेहर को हत्या, हत्या की कोशिश, साक्ष्य मिटाने और विस्फोटक अधिनियम के तहत दोषी करार दिया है। बुधवार को सुनाए … Read more

गवाहों के बयान दर्ज करने में देरी का लाभ अभियुक्त को नहीं मिलेगा: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट

गवाहों के बयान दर्ज करने में देरी का लाभ अभियुक्त को नहीं मिलेगा: सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने एक हत्या के मामले में यह स्पष्ट किया कि यदि गवाहों के बयान दर्ज करने में देरी हुई है, और इस देरी का समुचित स्पष्टीकरण दिया गया है, तो इसका लाभ अभियुक्त को नहीं दिया जा सकता। … Read more

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय: आजीवन कारावास निलंबन के लिए ठोस आधार आवश्यक

सुप्रीम कोर्ट

  सुप्रीम कोर्ट का निर्णय: आजीवन कारावास निलंबन के लिए ठोस आधार आवश्यक आजीवन कारावास की सज़ा के निलंबन के लिए बरी होने की संभावना के बारे में प्रथम दृष्टया निष्कर्ष आवश्यक: सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया है कि आजीवन कारावास की सजा के निलंबन के लिए यह देखा जाना आवश्यक है कि … Read more

सुप्रीम कोर्ट का आदेश: उच्च न्यायालय का पुनरीक्षण अधिकार क्षेत्र ट्रायल कोर्ट के आदेश से संबंधित होगा

सुप्रीम कोर्ट का आदेश: उच्च न्यायालय का पुनरीक्षण अधिकार क्षेत्र ट्रायल कोर्ट के आदेश से संबंधित होगा

  सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: धारा 319 CrPC के तहत पुनरीक्षण क्षेत्राधिकार पर महत्वपूर्ण व्याख्या सुप्रीम कोर्ट का आदेश: उच्च न्यायालय का पुनरीक्षण अधिकार क्षेत्र ट्रायल कोर्ट के आदेश से संबंधित होगा सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ, जिसमें जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा शामिल थे, ने एक महत्वपूर्ण अपील पर विचार किया। इस … Read more

सुप्रीम कोर्ट का फैसला: अभियोजन की विफलता को पूरा करने के लिए भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 106 लागू नहीं की जा सकती

सुप्रीम कोर्ट का फैसला: अभियोजन की विफलता को पूरा करने के लिए भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 106 लागू नहीं की जा सकती

सर्वोच्च अदालत ने एक मर्डर केस में बच्चे की गवाही के आधार पर पिता की दोषी ठहराया है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि गवाही देने को लेकर किसी मिनिमम एज की क्राइटेरिया नहीं है। इस मामले के सुनवाई के दौरान बच्चों की गवाही को मान्य करने के लिए कुछ दिशानिर्देश निर्धारित … Read more

परिस्थितिजन्य साक्ष्य वाले मामलों में उद्देश्यता महत्वपूर्ण: सुप्रीम कोर्ट ने व्यक्ति को किया बरी

सुप्रीम कोर्ट

  सुप्रीम कोर्ट ने एक व्यक्ति को बरी करते हुए दोहराया कि परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित मामलों में अभियोजन पक्ष के लिए उद्देश्य (मोटिव) का निर्धारण अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। अदालत आरोपी द्वारा दायर की गई आपराधिक अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उसने गुवाहाटी उच्च न्यायालय के उस निर्णय को चुनौती दी थी, … Read more

परिवार के तीन सदस्यों को उम्रकैद: 10 वर्षीय बच्ची की हत्या और शव छिपाने का दोष सिद्ध

court

बरेली जिले में एक हृदयविदारक घटना में माता-पिता और बुआ ने मिलकर 10 वर्षीय बच्ची की हत्या कर उसके शव को घर में ही छिपा दिया। इस अपराध का खुलासा तब हुआ जब बुआ के बेटे ने आरोपितों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई और कोर्ट में उनके खिलाफ गवाही दी। अपर सत्र न्यायाधीश-6 अरविंद कुमार … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के मामले में दोषसिद्धि को किया रद्द, “आंशिक रूप से विश्वसनीय और अविश्वसनीय” गवाही के लिए पुष्टि आवश्यक

सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के मामले में दोषसिद्धि को किया रद्द, "आंशिक रूप से विश्वसनीय और अविश्वसनीय" गवाही के लिए पुष्टि आवश्यक

  सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के एक मामले में दोषसिद्धि को रद्द करते हुए कहा कि किसी गवाह की गवाही, जो “आंशिक रूप से विश्वसनीय और आंशिक रूप से अविश्वसनीय” हो, उसे प्रमाणित किए बिना दोषसिद्धि बनाए नहीं रखी जा सकती। न्यायालय ने उन अपीलकर्ताओं को बरी कर दिया जिन्हें आईपीसी की धारा 147, 148, … Read more