शीर्ष अदालत ने पटना उच्च न्यायलय के निर्णय को ठहराया सही, केंद्र और राज्य सरकार का बचा करीब तीन हजार करोड़ राजस्व-

सर्वोच्च अदालत द्वारा पटना उच्च न्यायलय के उस निर्णय पर अपनी मुहर लगा दी है, जिससे केंद्र व राज्य सरकार को तकरीबन तीन हज़ार करोड़ रुपए से अधिक की राजस्व की बचत हुई है। विगत 4 जनवरी, 2022 को शीर्ष अदालत ने पटना उच्च न्यायलय द्वारा 22 अप्रैल, 2019 को सुनाए गए एक अहम निर्णय … Read more

COVID के कारण देरी: उच्च न्यायलय ने विज्ञापित आयु सीमा से अधिक आयु होने के बाद भी लॉ स्नातक को जज भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने की दी अनुमति –

मुस्लिम पुरुष को एक से ज्यादा शादियों का रजिस्ट्रेशन नहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका खारिज

Bombay High Court बॉम्बे उच्च न्ययालय ने मुंबई के एक लॉ स्नातक Law Graduate को अंतरिम राहत देते हुए निर्धारित विज्ञापित आयु सीमा से अधिक आयु होने के बाद भी सिविल जज (जूनियर डिवीजन) / न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) Civil Judge (Junior Division)/Judicial Magistrate (First Class) के पद के लिए चल रही भर्ती प्रक्रिया में … Read more

वकीलों पर छापेमारी: सुप्रीम कोर्ट ने पूछा क्या लोग वकीलों के पास नहीं जा सकते? और वर्दीधारी व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर मुहर लगा देंगे?

सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों को उनके कानूनी अधिकारों का प्रयोग करने से रोकने और स्थानीय अदालत के अधिकार क्षेत्र के अभियुक्त को बाहर ले जाने की हालिया प्रवृत्ति की निंदा की। “वकीलों पर छापेमारी की यह नई प्रवृत्ति वास्तव में क्या है? और आरोपियों को अदालत के अधिकार क्षेत्र से बाहर ले जाना?” AIADMK के … Read more

आपराधिक मामलों के संदर्भ में सर्वाधिक प्रचलित शब्द ज़मानत Bail है, जानिए क्या है “जमानत” का कानून!

आपराधिक मामलों के संदर्भ में सर्वाधिक प्रचलित शब्द ज़मानत होता है। जब भी कोई व्यक्ति किसी प्रकरण में अभियुक्त बनाया जाता है और अन्वेषण (Investigation), जांच (Inquiry) और विचारण (Trial) के लंबित रहते हुए उस व्यक्ति को कारावास में रखा जाता है तब ज़मानत शब्द, उस अभियुक्त के लिए सबसे अधिक उपयोग में लाया जाता … Read more

उच्च न्यायलय ने कहा ‘शॉपिंग मॉल कार पार्किंग फीस नहीं ले सकते है’-

केरल उच्च न्यायलय ने शुक्रवार को लुलु इंटरनेशनल शॉपिंग मॉल द्वारा अपने ग्राहकों से पार्किंग पैसा लेने का आरोप लगाने वाली दो याचिकाओं पर फैसला कि माल द्वारा प्रथम दृष्टया पार्किंग फीस लेना उचित नहीं है। न्यायमूर्ति पी.वी. कुन्हीकृष्णन ने इस सवाल पर कलामास्सेरी नगर पालिका से स्पष्ट जवाब मांगा और मामले को दो सप्ताह … Read more

तलाक के वक्त किसे मिलेगी पालतू जानवर की कस्टडी, स्पेन ने बनाया नया कानून-

स्पेन ने पालतू जानवरों को जीवित प्राणी माना जानवरों के कल्याण पर गौर करेंगी अदालतें कई मामलों में मिल सकेगी साझा कस्टडी  मैड्रिड – आज के समय में पालतू जानवरों को भी फैमिली मेंबर Family Member जैसा लाड-प्यार मिलता है. उनकी पसंद-नापसंद का पूरा ख्याल रखा जाता है. लेकिन जब परिवार बिखरता है, तो इनके … Read more

बिशप फ्रैंको मुलक्कल 105 दिन बाद 14 बार नन के साथ बलात्कार केस में कोर्ट से बरी-

केरल नन रेप केस (Nun’s Rape In Kerala) में फैसला सुनाते हुए जिला अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने बिशप फ्रैंको मुलक्कल को बरी कर दिया है। 105 दिनों तक चले इस मुक़दमे में अब जा कर फैसला आया है और जिला अदालत के न्यायाधीश जी गोपकुमार ने कहा कि बिशप को सबूतों के अभाव में मुक्त … Read more

वाराणसी से वाडिप्पट्टि तक ‘गायें पवित्र’ हैं, कोई उनका मजाक उड़ाने की हिम्मत नहीं कर सकता – हाईकोर्ट

उच्च न्यायलय ने कहा कि देशभर में राष्ट्रीय सुरक्षा ‘परम पवित्र गाय’ है. अदालत ने एक व्यक्ति के खिलाफ दर्ज पुलिस की प्राथमिकी(FIR) रद्द करते हुए यह टिप्पणी की. अदालत ने कहा, ‘प्राथमिकी(FIR) दर्ज करना ही बेतुका और कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है. इसे रद्द किया जाता है.’ अदालत ने पश्चिम बंगाल में टैगोर, तमिल … Read more

देश की न्यायप्रणाली पर हावी हो रही ट्रोल आर्मी ? न्यायाधीशों को सता रहा बदनामी व् ट्रोल होने का डर-

एक लाइन में कहें तो ये घटना भारत की न्यायिक व्यवस्था और लोकतंत्र के लिए बहुत ही खतरनाक ट्रेंड की शुरुआत है. क्योंकि अगर ट्रोल आर्मी हमारे देश की अदालतों और जजों पर हावी हो जाएगी, उन्हें बदनामी और अपमान का डर दिखाएगी, तो न्याय बचेगा ही नहीं. जब कोई विवाद तमाम कोशिशों के बाद … Read more

अभियुक्त के पास अगर नहीं है ज़मानतदार तब कानून में क्या है प्रावधान, जानिए विस्तार से केस विवरण के साथ –

CRPC BAIL

ज़मानत के लिए गिड़गिड़ाना तथा किसी व्यक्ति से अपने प्रकरण में प्रतिभू बनने हेतु निवेदन करना अपनी गरिमा एवं प्रतिष्ठा को ठेंस पहुंचाने जैसा है। यह गरिमा एवं प्रतिष्ठा किसी व्यक्ति को संविधान के अंतर्गत दिए गए मूल अधिकारों में निहित है। संपूर्ण भारत में कोई अभियुक्त (Accused) किसी अन्य स्थान पर निवास करता है … Read more