POCSO COURT का बड़ा और त्वरित निर्णय, बच्ची के साथ रेप और फिर हत्या के दोषी शख्स को सजा-ए-मौत-

विशेष पॉक्सो कोर्ट की वजह से, जहां त्वरित कार्यवाही कर दोषी को सजा सुनाई गई है- भारत में अक्सर लोगों की शिकायत रहती है कि न्यायालय में न्याय मिलने पर काफी वक्त लगता है और लोगों को मिलती है सिर्फ तारीख पर तारीख कई बार खबरें आती हैं कि किसी व्यक्ति को 30-40 साल बाद … Read more

कोर्ट ने 17 साल की लड़की की मौत के मामले में दोनों आरोपियों को अपहरण, हत्या, पॉक्सो और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के आरोपों से कर दिया बरी-

Dwaraka Court Delhi : दिल्ली की द्वारका कोर्ट ने दिसंबर 2016 में एक मर्सिडिज कार में हुई 17 साल की लड़की की मौत के मामले में दोनों आरोपियों को बरी कर दिया है. कोर्ट ने माना कि ये हत्या नहीं, बल्कि आत्महत्या थी. दिल्ली की द्वारका कोर्ट ने 17 साल की बच्ची के अपहरण और … Read more

सुप्रीम कोर्ट में NDPS Act की धारा 27A, 35, 37 और 54 को दी गई चुनौती, कहा गया है कि ड्रग ट्रैफिकर्स, पेडलर्स और कंज्यूमर में होना चाहिए फर्क –

एनडीपीएस अधिनियम के तहत प्रतिबंधित पदार्थ का कब्ज़ा न केवल शारीरिक बल्कि सचेतन भी होना चाहिए - सर्वोच्च न्यायालय

NDPS Act को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, याचिका में मांग ‘ड्रग्स लेने वाले को सजा न दी जाए’- सुप्रीम कोर्ट में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्स्टेंस यानी एनडीपीएस एक्ट को चुनौती दी गई है. सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि ड्रग ट्रैफिकर्स, पेडलर्स और कंज्यूमर को कानूनी तौर पर फर्क होना … Read more

Allahabad High Court: Domestic Violence Act धारा 12 के तहत आवेदन को केवल समय सीमा के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता-

Allahabad High Court Lucknow Bench इलाहाबाद उच्च न्यायालय लखनऊ बेंच ने माना है कि क्योंकि घरेलू हिंसा अधिनियम महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक लाभकारी कानून है इसलिए घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005 की धारा 12 के तहत शिकायत दर्ज करने के लिए कोई सीमा अवधि नहीं है। न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति सरोज यादव की … Read more

शीर्ष अदालत द्वारा फर्जी दावा वाद दाखिला मामले में अधिवक्ताओं पर UP Bar Council को निर्देश, 15 नवंबर तक ऐसे सभी वकीलों की सूची सीलबंद लिफाफे में जमा करने का आदेश-

अदालत ने यह भी आदेश दिया कि संज्ञेय अपराध के आरोपित अधिवक्ताओं के नामों का खुलासा सीलबंद लिफाफे में किया जाए ताकि सूची आगे की कार्रवाई के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया को भेजी जा सके। शीर्ष अदालत ने कहा कि अधिवक्ताओं द्वारा फर्जी दावा याचिकाएं दाखिल करने के गंभीर आरोपों के बावजूद यूपी बार … Read more

NDPS Act Bail Granted: हाईकोर्ट ने 19 ग्राम ‘चिट्टा’ के साथ गिरफ्तार हुए 20 वर्षीय युवक को ‘कम उम्र’ को ध्यान में रखते हुए दी जमानत –

NDPS Act. Bail Granted : हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायलय ने ‘कम उम्र’ को ध्यान में रखते हुए एक 20 वर्षीय लड़के को जमानत दे दी। जबकि राज्य पुलिस ने इस युवक से कथित रूप से 19.5 ग्राम ‘चिट्टा’ (सिंथेटिक रूप से उत्पादित ड्रग्स) बरामद करते हुए उसको गिरफ्तार किया था। न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल की … Read more

High Court ने पति को धारा 498-A और दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 से किया बरी, कहा पत्नी ने लगाया फ़र्ज़ी आरोप-

Madhya Pradesh High Court Principle Seat AT Jabalpur : मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक मामले में पति को बरी कर दिया, जिसके ऊपर भारतीय दंड संहिता की धारा 498-ए और दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 में आरोपित था। कोर्ट ने पाया कि पत्नी ने यह जानने के बाद मामला दर्ज कराया … Read more

Madras High Court: वन्नियार समुदाय के आरक्षण कानून को किया असंवैधानिक घोषित , 10.5 फीसदी इंटरनल रिजर्वेशन का है प्रावधान-

Madras High Court : मद्रास हाईकोर्ट ने सोमवार को तमिलनाडु सरकार द्वारा पारित एक कानून को असंवैधानिक घोषित कर दिया, जिसमें शिक्षा और रोजगार में सबसे पिछड़े वर्गों (MBCs) के 20% आरक्षण में वन्नियाकुला क्षत्रिय समुदाय को 10.5% इंटरनल रिजर्वेशन दिया गया था. न्यायमूर्ति एम. दुरईस्वामी और न्यायमूर्ति के. मुरली शंकर ने आदर्श आचार संहिता … Read more

NDPS Act : कितनी मात्रा में ड्रग्स रखना कानूनन अपराध ? क्या है NCB, कैसे काम करती है ? बिना वारंट तलाशी और गिरफ्तारी का अधिकार, जाने विस्तार से-

Narcotics Drugs and Psychotropic Substances Act, 1985 NDPS Act की धारा 42 के तहत अधिकारी को बगैर किसी वारंट या अधिकार पत्र के तलाशी लेने, मादक पदार्थ जब्त करने और गिरफ्तार करने का भी अधिकार है. NDPS Act Explained : क्रूज पर रेव पार्टी के दौरान ड्रग्स का सेवन करने, रखने, खरीदने-बेचने के आरोप में … Read more

CrPC sec 125 ”एक पिता की अपने बेटे को भरण-पोषण देने की बाध्यता उसके बालिग होने पर भी समाप्त नहीं होगी”-उच्च न्यायलय

सुप्रीम कोर्ट ने लगातार यह माना है कि धारा 125 की अवधारणा एक महिला की वित्तीय पीड़ा को कम करने के लिए थी, जिसने अपना वैवाहिक घर छोड़ दिया था; यह बच्चों के साथ, यदि कोई हो, महिला के भरण-पोषण को सुरक्षित करने का एक साधन है- न्यायमूर्ति सुब्रमोनियम प्रसाद ने यह व्यक्त करते हुए … Read more