NI Act Sec 138 उन मामलों में भी लागू होती है जहां चेक आहरण के बाद और प्रस्तुति से पहले ऋण लिया जाता है – सुप्रीम कोर्ट

धारा 142 के साथ धारा 138 NI Act के तहत आपराधिक मामले में Supreme Court ने कहा कि 'शादी का झूठा वादा करके बलात्कार नहीं किया जा सकता'

केवल चेक को एक प्रतिभूति के रूप में लेबल करने मात्र से कानूनी रूप से लागू करने योग्य ऋण या देयता को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किए गए एक इंस्ट्रूमेंट के रूप में इसके चरित्र को खत्म नहीं किया जाएगा।” सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स (Negotiable Instrument Act) एक्ट की धारा 138 … Read more

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, मणिपुर समेत 10 राज्यों में हिंदु अल्पसंख्यक, क्यों नहीं मिल रहा फायदा, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब-

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम, 1992 (“NMCA”) की संवैधानिक वैधता के खिलाफ दायर याचिकाओं को गुवाहाटी, मेघालय और दिल्ली हाईकोर्ट से अपने पास स्थानांतरित करने की अनुमति दी। माननीय उच्चतम न्यायलय ने शुक्रवार को केंद्र को प्रत्येक राज्य में धार्मिक अल्पसंख्यकों को उनकी आबादी के आधार पर वर्गीकृत करने के लिए … Read more

जजों और कोर्ट के स्टाफ़ को मिला मंदिर की सफ़ाई करने का आदेश- जानिए पूरा मामला

बिहार के बक्सर में जिला और सत्र न्यायाधीश ने हाल ही में न्यायिक अधिकारियों और अदालत के कर्मचारियों को 9 जनवरी, 2022 को मंदिरों की सफाई करने का आदेश दिया, जब तक कि वे एक विशेष बैठक में शामिल न हों. रिपोर्ट के मुताबिक नौ जनवरी की सुबह न्यायिक अधिकारी और अदालत के अन्य अधिकारी … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने परिसीमा अवधि बढ़ाने के दिए आदेश; 15.03.2020 से 28.02.2022 तक की अवधि को परिसीमा से रखा गया है बाहर, विस्तार से जाने-

भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमाना, न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति सूर्य कांत की पीठ ने सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन (एससीएओआरए) द्वारा दायर एक आवेदन के तहत स्वत: संज्ञान मामले में परिसीमा अवधि बढ़ाने के अनुरोध को स्वीकार किया। देश के सर्वोच्च न्यायलय ने COVID-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए न्यायालयों और न्यायाधिकरणों … Read more

इलाहाबाद हाईकोर्ट का निचली अदालतों को यह निर्देश कि – जमानत आदेशों में आवेदकों के आपराधिक इतिहास का पूरा विवरण दिया जाये

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Allahabad High Court इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सोमवार को निचली अदालतों को निर्देश दिया कि वे आवेदकों/अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास, यदि कोई हो, का पूरा विवरण दें या यदि कोई आपराधिक इतिहास नहीं है तो इस तथ्य को रिकॉर्ड करें कि आवेदक/अपराधी का कोई नहीं आपराधिक इतिहास नहीं है। जस्टिस समित गोपाल की खंडपीठ ने … Read more

साइबर अपराध में सही दिशा में जांच आगे बढ़ने में असमर्थता और जांच अधिकारियों के उचित प्रशिक्षण की कमी – इलाहाबाद उच्च न्यायालय

Allahabad High Court इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश राज्य में Cyber Crime साइबर अपराध से संबंधित मामलों में जांच की सही पंक्तियों को आगे बढ़ाने में असमर्थता और जांच अधिकारियों के उचित प्रशिक्षण की कमी पर नाराजगी व्यक्त की है। कोर्ट ने पूछा है कि, “क्या कोई विशेषज्ञ निकाय यू.पी. पुलिस U.P.Police द्वारा स्थापित … Read more

उच्च न्यायलय के ऊपर आधारहीन आरोप लगाने पर शीर्ष अदालत ने रु. 25 लाख का लगाया अर्थदंड-

याचिकाकर्ताओं के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता एएम सिंघवी ने “खासगी” शब्द के अर्थ का पता लगाते हुए प्रस्तुत किया कि संपत्ति 18 वीं शताब्दी से परिवार में जारी थी और इसे भारत सरकार के पत्रों द्वारा भी मान्यता दी गई थी। सर्वोच्च अदालत ने मंगलवार को उत्तराखंड हाईकोर्ट और राज्य सरकार के उच्च अधिकारियों के खिलाफ … Read more

चार अधिवक्ता हुए 25 हजारी, महिला CJM से की थी अभद्रता अब फिर रहे है भागे भागे-

चार अधिवक्ता लखनऊ पुलिस के निशाने पर हैं। लखनऊ पुलिस काफी समय से उनकी तलाश में है, मगर इन वकीलों का पता पुलिस को नहीं हो पा रहा है। अब इन अधिवक्ताओं पर पुलिस ने 25-25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया है। यानि इन अधिवक्ताओं की मौजूदगी की सूचना पुलिस को देने … Read more

शुभ मुहूर्त के नाम पर शादी के 11 सालों के बाद भी लौटकर नहीं आई पत्नी, हाईकोर्ट ने कहा – पति को तलाक देने का पूरा हक

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (Chhattisgarh High Court News) ने एक अनोखे मामले में तलाक का फरमान जारी किया है. शुभ मुहूर्त को लेकर शादी के 11 साल बाद तक एक पत्नी ससुराल आने से इनकार करती रही है। पति से इतने दिन तक दूर रहने के मामले को कोर्ट ने एक तरीके से परित्याग का मामला माना … Read more

सुप्रीम कोर्ट : एक ही घटना के संबंध में एक ही आरोपी के खिलाफ एक ही पक्ष द्वारा कई शिकायतें अस्वीकार्य-

सर्वोच्च अदालत

Supreme Court सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एक ही घटना के संबंध में एक ही आरोपी के खिलाफ एक ही पक्ष द्वारा कई शिकायतें अस्वीकार्य हैं। एक ही घटना के संबंध में एक ही पक्ष द्वारा कई शिकायतों की अनुमति देना, चाहे वह संज्ञेय हो या निजी शिकायत अपराध हो, आरोपी को कई आपराधिक … Read more