“लिव-इन-रिलेशनशिप” जीवन का अभिन्न अंग बन गया है और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनुमोदित है – इलाहाबाद हाई कोर्ट

न्यायलय ने एक इंटरफेथ लिव-इन कपल द्वारा महिला के रिश्तेदारों से अपनी जान को खतरा होने का आरोप लगाने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए ये टिप्पणियां कीं। उच्च न्यायालय ने कहा कि लिव-इन संबंधों को सामाजिक नैतिकता की धारणा के बजाय व्यक्तिगत स्वायत्तता के लेंस से देखा जाना चाहिए। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हाल … Read more

NDPS CASE: 349 किलो गांजा रखने के आरोपी को इलाहाबाद हाई कोर्ट लखनऊ बेंच ने दी जमानत-

इलाहाबाद हाई कोर्ट लखनऊ बेंच न्यायाधीश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने कलीम नाम के एक व्यक्ति को जमानत दे दी जो 18 जनवरी 2019 से जेल में बंद था। 349 किलो ग्राम (किलो) गांजा बरामद होने के बाद नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 The Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act, 1985 (एनडीपीएस एक्ट) के तहत … Read more

इलाहाबाद हाईकोर्ट के अंदर प्रवेश करने वाले सभी व्यक्तियों को जारी किया जाएगा स्मार्ट कार्ड, सिर्फ कार्डधारक ही प्रवेश कर सकेंगे-

Allahabd High Court : इलाहाबाद हाईकोर्ट की सुरक्षा हाईटेक होने वाली है। अब कोई बाहरी व्यक्ति हाईकोर्ट परिसर High-court Premises में प्रवेश नहीं कर पाएगा। हाईकोर्ट में स्मार्ट कार्ड धारकों को ही प्रवेश मिलेगा। हाईकोर्ट सुरक्षा की जिम्मेदारी लेनी वाली हैदराबाद की एक कंपनी ने यह प्रस्ताव बनाया है। मंगलवार को एडीजी सुरक्षा बीके सिंह … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने फरलो और पैरोल के बीच अंतर और उन्हें देने से संबंधित सिद्धांतों को समझाया-

पैरोल (Parole) और फरलो (Furlough) को जेल से अल्पकालिक रिहाई के रूप में परिकल्पित किया गया है। हाल ही में एक मामले में, सुप्रीम कोर्ट ने फरलो और पैरोल के बीच अंतर और उन्हें देने से संबंधित सिद्धांतों को समझाया। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस बीवी नागरत्ना की बेंच ने पैरोल (Parole) और फरलो (Furlough) से संबंधित सिद्धांतों … Read more

उच्च न्यायालय ने ‘हिंदू’ और ‘विदेशी विवाह कानूनों’ के तहत ‘सम लैंगिक विवाह’ को मान्यता देने की याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई के लिए किया सूचीबद्ध-

 ‘विवाह’ ‘विषमलैंगिक’ ‘हेटरोसेक्सुअल कपल्स’ (heterosexual couples) जोड़ों से जुड़ा एक शब्द है जोड़े ने न्यूयॉर्क में शादी की और उनके मामले में नागरिकता अधिनियम 1955, विदेशी विवाह अधिनियम 1969 और विशेष विवाह अधिनियम 1954 कानून लागू होता है दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने सोमवार को समलैंगिक विवाह को मान्यता देने सहित अलग-अलग याचिकाओं … Read more

राष्ट्रपति ने तीन वकीलों और न्यायिक अधिकारियों के पदोन्नति को मंजूरी दी, इलाहाबाद, राजस्थान और कलकत्ता High Court को मिलेंगे नए जज-

वकील विक्रम डी. चौहान इलाहाबाद हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायधीश नियुक्त हुए हैं. जबकि न्यायायिक अधिकारी उमा शंकर व्यास को राजस्थान हाईकोर्ट का जज नियुक्त किया गया है. President of India Ramnath Kovind राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने High Court हाईकोर्ट में तीन वकीलों और न्यायिक अधिकारियों की जजों के रूप में पदोन्नति को मंजूरी दी है. जानकारी के … Read more

हाईकोर्ट ने कहा: आपराधिक केस में बरी होने मात्र से शस्त्र लाइसेंस बहाली संभव नहीं, जाने विस्तार से-

शस्त्र लाइसेंस विशेषाधिकार है, नागरिक का मूल अधिकार नहीं- इलाहाबाद हाईकोर्ट Allahabd High Court ने कहा है कि आपराधिक केस में बरी होने मात्र से निलंबित या निरस्त शस्त्र लाइसेंस (Arms License) की बहाली नहीं की जा सकती. यह लोक शांति व सुरक्षा की स्थिति के अनुसार लाइसेंसिंग प्राधिकारी की संतुष्टि पर निर्भर करेगा. कोर्ट … Read more

“Life Imprisonment” उम्रकैद या आजीवन कारावास : जाने विस्तार से-

“Imprisonment for life” ना 20 साल ना 14 साल और ना ही दिन और रात मिलाकर 14 साल की जगह 7 साल। क्योंकि जेल में भी एक दिन का मतलब 24 घंटे से ही होता है। “Life Imprisonment” उम्रकैद, आजीवन कारावास को लेकर लोगों में बड़ा कन्फ्यूज़न है। मसलन आजीवन कारावास की समय सीमा को … Read more

सर्वोच्च न्यायलय ने देश की सभी उच्च न्यायलयों को निर्देश दिए, कुछ मामलों में याचिकाओं की E-Filing अनिवार्य-

माननीय न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ (Justice D Y Chandrachud) की अध्यक्षता वाली ई-कमेटी E-Committee Of Supreme Court ने ये निर्देश जारी किए ई-फाइलिंग (E-Filing) को जरूरी करने के लिए माननीय सर्वोच्च न्यायलय ने देश की सभी उच्च न्यायलयों को निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 1 जनवरी 2022 से इसे लागू करने के निर्देश दिए … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने पति के हत्या की आरोपी पत्नी को संदेह का लाभ देते हुए किया बरी-

सुप्रीम कोर्ट ने अपने पति की हत्या की आरोपी महिला को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया । उच्च न्यायलय और ट्रायल कोर्ट द्वारा एक महिला को उसके पति की हत्या का दोषी ठहराया गया था और उसे सज़ा दी। आरोपी ने फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की जहां उसे आरोपों … Read more