परिस्थितिजन्य साक्ष्य वाले मामलों में उद्देश्यता महत्वपूर्ण: सुप्रीम कोर्ट ने व्यक्ति को किया बरी

सुप्रीम कोर्ट

  सुप्रीम कोर्ट ने एक व्यक्ति को बरी करते हुए दोहराया कि परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित मामलों में अभियोजन पक्ष के लिए उद्देश्य (मोटिव) का निर्धारण अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। अदालत आरोपी द्वारा दायर की गई आपराधिक अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उसने गुवाहाटी उच्च न्यायालय के उस निर्णय को चुनौती दी थी, … Read more

ओडिशा हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: विवाह के झूठे वादे पर बलात्कार का आरोप खारिज

ओडिशा उच्च न्यायालय के एक महत्वपूर्ण फैसले की चर्चा की गई है, जिसमें अदालत ने नौ वर्षों तक संबंध में रहने के बाद विवाह का वादा पूरा न करने के आधार पर लगाए गए बलात्कार के आरोपों को खारिज कर दिया। ओडिशा उच्च न्यायालय ने एक मामले में एक व्यक्ति के खिलाफ बलात्कार के आरोपों … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने गोंडा जिले में दर्ज आपराधिक मामले की सुनवाई पर रोक लगाई, हाईकोर्ट के आदेश को बताया त्रुटिपूर्ण

सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने गोंडा जिले में दर्ज एक आपराधिक मामले में ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगा दी, यह टिप्पणी करते हुए कि केवल आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल हो जाने के आधार पर याचिका खारिज करना हाईकोर्ट की त्रुटि थी। न्यायमूर्ति बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति ए.जी. मसीह की पीठ ने स्पष्ट किया कि … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने भ्रामक विज्ञापनों पर कड़ी चेतावनी दी, राज्यों को नियम 170 के अनुपालन का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने आज इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की उस याचिका पर सुनवाई की, जिसमें एलोपैथिक चिकित्सा को निशाना बनाकर किए जा रहे भ्रामक विज्ञापनों और दावों पर रोक लगाने की मांग की गई थी। न्यायालय ने इस मुद्दे पर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स रूल्स, 1945 के नियम 170 के कड़े अनुपालन पर जोर … Read more

पति की मृत्यु के बाद ससुर पर स्वतः नहीं बनती भरण-पोषण की जिम्मेदारी: पटना हाईकोर्ट

पति की मृत्यु के बाद ससुर पर स्वतः नहीं बनती भरण-पोषण की जिम्मेदारी: पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि हिंदू दत्तक और भरण-पोषण अधिनियम (HAMA) के तहत, एक विधवा बहू के भरण-पोषण की जिम्मेदारी ससुर पर स्वतः लागू नहीं होती, जब तक कि उसके पास पारिवारिक सहस्वामित्व (coparcenary) संपत्ति से प्राप्त पर्याप्त आय न हो। मामले की पृष्ठभूमि यह मामला फौजदारी पुनरीक्षण याचिका (Criminal Revision … Read more

दिल्ली हाई कोर्ट का निर्णय: किशोर प्रेम संबंधों को अपराध के दायरे में नहीं लाना चाहिए

दिल्ली हाई कोर्ट

दिल्ली हाई कोर्ट ने POCSO (Protection of Children from Sexual Offences) मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि हालांकि नाबालिगों की सुरक्षा के लिए सहमति की कानूनी आयु (Legal Age of Consent) आवश्यक है, लेकिन किशोरों को अपने भावनात्मक संबंध व्यक्त करने और रिश्ते बनाने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए, बिना किसी आपराधिक मुकदमे के … Read more

इलाहाबाद हाई कोर्ट का निर्णय: आर्बिट्रेशन अधिनियम की संशोधित धारा 36 केवल उन न्यायिक कार्यवाहियों पर लागू होगी, जो Amendment Act के प्रभावी होने की तिथि के बाद शुरू हुई

इलाहाबाद हाई कोर्ट

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आर्बिट्रेशन और सुलह अधिनियम, 1996 (Arbitration and Conciliation Act, 1996) की संशोधित धारा 36 केवल उन न्यायिक कार्यवाहियों पर लागू होगी, जो संशोधन अधिनियम (Amendment Act) के प्रभावी होने की तिथि के बाद शुरू हुई हैं। न्यायालय का आधार न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की एकलपीठ ने इस निर्णय को … Read more

न्यायिक अधिकारियों के आवासों पर कार्य करने के आरोपों को लेकर दाखिल याचिका इलाहाबाद हाई कोर्ट ने की खारिज

न्यायिक अधिकारियों के आवासों पर कार्य करने के आरोपों को लेकर दाखिल याचिका इलाहाबाद हाई कोर्ट ने की खारिज

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हाल ही में अंजुमन हिमायत चपरासी संघ, उत्तर प्रदेश (न्याय विभाग) द्वारा दायर उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि न्यायिक अधिकारियों के आवासों पर सिविल कोर्ट के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से घरेलू सेवकों के रूप में कार्य कराया जा रहा है। याचिका में क्या कहा … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के न्यायाधीशों पर लोकपाल की जांच के आदेश पर रोक लगाई, बताया ये हैरान करने वाला…

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को लोकपाल के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें कहा गया था कि उसे हाई कोर्ट के न्यायाधीशों के खिलाफ शिकायतों की जांच करने का अधिकार प्राप्त है। न्यायमूर्ति बी.आर. गवई, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति ए.एस. ओका की विशेष पीठ ने लोकपाल के आदेश पर स्वतः संज्ञान लेते हुए केंद्र … Read more

वरिष्ठ अधिवक्ताओं की नामांकन अधिसूचना को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, दिल्ली हाई कोर्ट को नोटिस जारी

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सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा जारी वरिष्ठ अधिवक्ताओं के नामांकन की अधिसूचना को चुनौती देने वाली रिट याचिका पर नोटिस जारी किया है। याचिकाकर्ता ने इस प्रक्रिया को अनियमित, पक्षपातपूर्ण और कानून के विपरीत बताते हुए संविधान के अनुच्छेद 14 के उल्लंघन का आरोप लगाया है। याचिकाकर्ता का आरोप: कम योग्यता वाले उम्मीदवारों … Read more