सर्वोच्च न्यायालय ने एक ही अपराध के लिए मजिस्ट्रेट द्वारा लगाई गई जमानत शर्तों की अनदेखी करने पर निवारक निरोध आदेश को रद्द कर दिया

सर्वोच्च न्यायालय

सर्वोच्च न्यायालय ने एक ही अपराध के लिए मजिस्ट्रेट द्वारा लगाई गई जमानत शर्तों की अनदेखी करने पर निवारक निरोध आदेश को रद्द कर दिया यह मामला सुप्रीम कोर्ट द्वारा Joy Kitty Joseph बनाम भारत संघ में दिया गया निर्णय है, जिसमें COFEPOSA अधिनियम, 1974 के तहत निरुद्ध व्यक्ति की पत्नी द्वारा दायर आपराधिक अपील … Read more

मद्रास हाईकोर्ट का फैसला: हिंदू और ईसाई के बीच हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह वैध नहीं

मद्रास हाईकोर्ट का फैसला: हिंदू और ईसाई के बीच हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह वैध नहीं

मद्रास हाईकोर्ट का फैसला: हिंदू और ईसाई के बीच हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह वैध नहीं मद्रास हाईकोर्ट की खंडपीठ ने हाल ही में निर्णय दिया कि हिंदू विवाह अधिनियम के तहत हिंदू रीति-रिवाजों और अनुष्ठानों के अनुसार हिंदू और ईसाई के बीच विवाह वैध नहीं है। हिंदू और ईसाई के बीच विवाह केवल ईसाई विवाह … Read more

इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: 2012 में अत्यधिक शराब सेवन व अनुशासनहीनता के कारण बर्खास्त किए गए ट्रेनी जजों को बहाल करने का आदेश

इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: 2012 में अत्यधिक शराब सेवन व अनुशासनहीनता के कारण बर्खास्त किए गए ट्रेनी जजों को बहाल करने का आदेश इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने लखनऊ के एक रिसॉर्ट में शराब के नशे में हंगामा करने के आरोप में 2012 में सेवा से बर्खास्त किए गए ट्रेनी जजों के खिलाफ … Read more

उच्चतम न्यायालय का आदेश: उपभोक्ता निवारण आयोग के अध्यक्षों और सदस्यों को तुरंत वेतन व सुविधाएं दी जाएं

सुप्रीम कोर्ट

उच्चतम न्यायालय का आदेश: उपभोक्ता निवारण आयोग के अध्यक्षों और सदस्यों को तुरंत वेतन व सुविधाएं दी जाएं उच्चतम न्यायालय ने सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि वे राज्य और जिला उपभोक्ता निवारण आयोगों के अध्यक्षों और सदस्यों को मौजूदा नियमों के अनुसार वेतन और अन्य सुविधाओं का तत्काल भुगतान करें। न्यायमूर्ति अभय … Read more

सुप्रीम कोर्ट: मात्र असुविधा या क्षेत्राधिकार की आपत्ति पर धारा 138 एनआई एक्ट मामलों का स्थानांतरण नहीं

सुप्रीम कोर्ट: मात्र असुविधा या क्षेत्राधिकार की आपत्ति पर धारा 138 एनआई एक्ट मामलों का स्थानांतरण नहीं

सुप्रीम कोर्ट: मात्र असुविधा या क्षेत्राधिकार की आपत्ति पर धारा 138 एनआई एक्ट मामलों का स्थानांतरण नहीं सुप्रीम कोर्ट ने एम/एस श्री सेंधुर एग्रो एंड ऑयल इंडस्ट्रीज बनाम कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड (2025 INSC 328) मामले में धारा 138, परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 (NI Act) के तहत दायर शिकायतों के स्थानांतरण से जुड़े क्षेत्राधिकार के … Read more

सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार: 16 वर्षों तक हाई कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने पर जम्मू-कश्मीर प्रशासन की आलोचना

supreme court

सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार: 16 वर्षों तक हाई कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने पर जम्मू-कश्मीर प्रशासन की आलोचना सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के अधिकारियों की “किताबी हठधर्मिता” (textbook obstinacy) पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्होंने 16 वर्षों तक 2007 के हाई कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया, … Read more

सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: मतगणना की पुनर्समीक्षा पर नया दृष्टिकोण

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: मतगणना की पुनर्समीक्षा पर नया दृष्टिकोण यहां सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले विजय बहादुर बनाम सुनील कुमार (2025 INSC 332) की विस्तृत कानूनी समीक्षा दी गई है, जिसमें चुनावी विवादों में वोटों की पुनर्गणना (Recount) की प्रक्रिया और विधिक मानकों पर प्रकाश डाला गया है। इस मामले में प्रमुख पक्षकार … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) के लिए विशेष शिक्षकों की नियुक्ति में विफलता पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) को फटकार लगाई

Supreme Court Of India

सुप्रीम कोर्ट ने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) के लिए विशेष शिक्षकों की नियुक्ति में विफलता पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) को फटकार लगाई सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 2021 के अपने फैसले और उसके बाद जारी आदेशों का पालन न करने के लिए कड़ी फटकार लगाई है, जिसमें … Read more

क्या एफआईआर में संदिग्धों की जाति का उल्लेख जरूरी है? इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उठाया सवाल

इलाहाबाद हाईकोर्ट

एफआईआर में जाति के उल्लेख पर सवाल उठाने वाली इलाहाबाद हाई कोर्ट की टिप्पणी इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी से सवाल किया है कि किसी भी केस की एफआईआर में संदिग्धों की जाति का उल्लेख करने की आवश्यकता क्यों है। अदालत ने पुलिस के शीर्ष अधिकारी से यह स्पष्ट करने को कहा … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने सामान्य भविष्य निधि योजना के तहत सेवानिवृत्ति लाभ प्रदान किया, कहा की जब उच्च न्यायालय ने समान श्रेणी के व्यक्तियों को राहत दे दी थी, तो उसे प्रोफेसर की याचिका खारिज नहीं करनी चाहिए थी

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के एक पूर्व प्रोफेसर की अपील को स्वीकार करते हुए निर्देश दिया कि उन्हें सामान्य भविष्य निधि, पेंशन और ग्रेच्युटी योजना के तहत सेवानिवृत्ति लाभ प्रदान किए जाएं। सर्वोच्च न्यायालय ने इस तथ्य पर ध्यान दिया कि उच्च न्यायालय ने समान स्थिति में रखे गए व्यक्तियों … Read more