सुप्रीम कोर्ट ने IPC U/S 307 की सजा को खारिज करते हुए कहा: अदालतें अभियुक्त के बचाव को सरसरी तौर पर स्वीकार/अस्वीकार नहीं कर सकतीं –
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि निचली अदालतों को किसी आरोपी व्यक्ति के बचाव पर सावधानी से विचार करना चाहिए और आगे कहा कि इस तरह के बचाव की स्वीकृति या अस्वीकृति सरसरी तौर पर नहीं की जानी चाहिए। शीर्ष अदालत ने कहा- “…आरोपियों के बचाव पर विचार करना नीचे की अदालतों का गंभीर कर्तव्य … Read more