भारतीय संविधान अपने आप में एक ‘परंपरा तोड़ने वाला’, क्या विषमलैंगिकता विवाह का एक प्रमुख तत्व है ? संविधान पीठ – SC
सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक विवाहों को कानूनी मान्यता देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि भारतीय संविधान अपने आप में एक ‘परंपरा तोड़ने वाला’ है। विवाह में एक बहुत ही महत्वपूर्ण घटक के रूप में संतानोत्पत्ति थी, हालाँकि विवाह की वैधता इस पर सशर्त नहीं थी। भारत के मुख्य न्यायाधीश की संविधान पीठ … Read more