सर्वोच्च न्यायालय ने ‘गिरफ्तारी की आवश्यकता और अनिवार्यता के सिद्धांत’ की प्रयोज्यता पर कानून के तीन प्रश्नों को एक बड़ी पीठ के समक्ष विचारार्थ भेजा

Kejari Sci.jpg

अरविंद केजरीवाल द्वारा दायर प्रवर्तन निदेशालय द्वारा उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका में, सर्वोच्च न्यायालय ने ‘गिरफ्तारी की आवश्यकता और अनिवार्यता के सिद्धांत’ की प्रयोज्यता पर कानून के तीन प्रश्नों को एक बड़ी पीठ के समक्ष विचारार्थ भेजा है। तीन प्रश्न- (क) क्या “गिरफ्तारी की आवश्यकता और अनिवार्यता” पीएमएल अधिनियम की धारा 19(1) … Read more

हत्या आरोपी को हाई कोर्ट ने जमानत देने के बावजूद 6 महीने बाद रिहा करने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने बेहद ही अजीब बताया, कहा ये कैसे हो सकता है?

Suprem-court

पटना हाई कोर्ट ने जमानत तो दे दी। लेकिन 6 महीने बाद ही जमानत पर रिहा करने की शर्त लगा दी थी। इस शर्त को शीर्ष अदालत में चुनौती दी गई थी। पटना हाईकोर्ट ने आरोपित जितेंद्र को 30-30 हजार रुपये के दो मुचलके पर जमानत दी थी। न्यायमूर्ति ओका ने कहा, ‘यह बेहद अजीब … Read more

सुप्रीम कोर्ट की विशेष टिप्पणी ‘जमानत के आदेश पर रोक दुर्लभ और असाधारण मामलों में ही लगे’, व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हनन होता है तो ये विनाशकारी होगा

सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान जमानत पर रोक को लेकर अहम टिप्पणी की। शीर्ष अदालत ने कहा कि जमानत के आदेश पर रोक दुर्लभ और असाधारण मामलों में ही लगनी चाहिए। कोर्ट ने ये भी कहा कि अगर जमानत के आदेश पर रोक लगाते समय व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हनन … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को लगाई फटकार, पूछा- कोई सरकार हाइवे को कैसे ब्लॉक कर सकती है, सप्ताह भर में खोले शंभू बॉर्डर

सुप्रीम कोर्ट ने शंभू बॉर्डर बंद करने को लेकर सख्त टिप्पणी की है। सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि कोई सरकार हाइवे को कैसे ब्लॉक कर सकती है। सरकार का काम यातायात को रेगुलेट करना होता है। उसका काम हाइवे बंद करना नहीं होता है। दरअसल, पंजाब और हरियाणा हाई … Read more

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने तीन दिन से जारी आंदोलन स्थगित करते हुए सोमवार से न्यायिक कार्य करने का निर्णय लिया

Allhighcourt Bar

चीफ जस्टिस अरुण भंसाली के आश्वासन पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने सुनवाई के दौरान वकीलों के प्रति व्यवहार और परंपराओं के पालन सहित विभिन्न परेशानियों को लेकर तीन दिन से जारी आंदोलन स्थगित करते हुए सोमवार से न्यायिक कार्य करने का निर्णय लिया है। मुख्य न्यायाधीश की तरफ से मांगों के संबंध में सकारात्मक पहल … Read more

IPC Sec 494 एक पत्नी के रहते दूसरी शादी करने पर दंड के मामले में CrPC Sec 198 अदालत को संज्ञान लेने से रोकती है – इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जेल अधीक्षक की पेंशन में 10% कटौती को रद्द किया, कहा – "यह कदाचार नहीं है"

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ट्रिपल तलाक(तलाक -ए -बिद्दत) को लेकर बड़ा फैसला दिया है। हाईकोर्ट ने कहा है कि तलाक ट्रिपल तलाक है या नहीं, तथ्य का विषय, ट्रायल कोर्ट में साक्ष्य लेकर तय होगा। दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 482 के तहत अंतर्निहित शक्ति का इस्तेमाल कर दाखिल चार्जशीट या केस कार्यवाही रद्द नहीं की … Read more

LIVE IN RELATIONSHIP के मामले में किसी महिला के खिलाफ पति या उसके रिश्तेदारों की क्रूरता का दंडात्मक प्रावधान लागू नहीं होता-HC

kerala-high-court

लिव-इन रिलेशन LIVE IN RELATIONSHIP को लेकर उच्च न्यायलय ने एक अहम बयान दिया है। केरल उच्च न्यायलय KERALA HIGH COURT ने एक हालिया फैसले में कहा कि लिव इन रिलेशन LIVE IN RELATIONSHIP के मामले में किसी महिला के खिलाफ पति या उसके रिश्तेदारों की क्रूरता का दंडात्मक प्रावधान लागू नहीं होता। हाईकोर्ट ने … Read more

“हम कानून बनाने का निर्देश नहीं दे सकते”: SC ने डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा को रोकने के लिए निर्देश देने की दि. मेडि. एसो. की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया

सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी संस्थानों को बिना भेदभाव के उचित और स्थिर रोजगार प्रदान करने का दिया निर्देश

उच्चतम न्यायालय SUPREME COURT ने आज दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन DELHI MEDICAL ASSOCIATION द्वारा संविधान के अनुच्छेद 32 ARTICLE 32 OF INDIAN CONSTITUTION के तहत दायर याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया, जिसमें डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा के मामलों में निर्देश और राहत की मांग की गई थी। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति संजय करोल … Read more

SC ने न्यायिक बैकलॉग से निपटने के लिए ग्राम न्यायालयों के कार्यान्वयन पर तत्काल कार्रवाई का आग्रह किया, जिससे घर के पास ही सस्ता और त्वरित न्याय उपलब्ध हो

उच्चतम न्यायालय ने आज कहा कि ‘ग्राम न्यायालय’ की स्थापना से नागरिकों को उनके घर के पास ही सस्ता और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और निचली अदालतों में लंबित मामलों की संख्या में भी कमी आएगी। संसद द्वारा 2008 में पारित एक अधिनियम में जमीनी स्तर पर ग्राम न्यायालयों की स्थापना का … Read more

जब कोई मध्यस्थ कार्यवाही के समय मौजूद कानून के आधार पर कोई निर्णय पारित करता है, तो उक्त निष्कर्षों को बाद के निर्णय के आधार पर स्पष्ट रूप से अवैध नहीं माना जा सकता – इलाहाबाद उच्च न्यायालय

allahabad high court

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा कि जब कोई मध्यस्थ कार्यवाही के समय मौजूद कानून के आधार पर कोई निर्णय पारित करता है, तो उक्त निष्कर्षों को बाद के निर्णय के आधार पर स्पष्ट रूप से अवैध नहीं माना जा सकता। न्यायालय ने यह भी दोहराया कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा कानूनी मिसाल में निर्धारित सिद्धांतों को … Read more