मृतका से यह कहना कि अगर वह अपने प्रेमी से शादी किए बिना जीवित नहीं रह सकती तो वह जीवित न रहे, आत्महत्या के लिए उकसाने की श्रेणी में नहीं मन जायेगा – सुप्रीम कोर्ट
सकारात्मक कार्य होना चाहिए जो ऐसा माहौल बनाए जहां मृतका को आईपीसी की धारा 306 के आरोप को बनाए रखने के लिए किनारे पर धकेल दिया जाए