पहले ये साबित करे पत्नी लाइलाज मानसिक बीमारी से गुजर रही है, तब मिलेगा तलाक : इलाहाबाद हाईकोर्ट

ALLAHABAD HC

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पागलपन के आधार पर पत्नी से तलाक के लिए दाखिल की गई एक अपील खारिज कर दी. इस पर कोर्ट ने कहा कि पत्नी पढ़ी-लिखी महिला है. इसने ग्रैजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. याचिका में ऐसा कोई तथ्य या सबूत नहीं दिया गया, जिससे ये अदालत पिछली कोर्ट के आदेश में … Read more

क्या हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 24 और 25 के तहत विवाह को शून्य घोषित किए जाने पर गुजारा भत्ता दिया जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने मामले को तीन न्यायाधीशों की पीठ को भेजा

Supreme Court Black And White Coloure

सुप्रीम कोर्ट ने यह मुद्दा कि क्या हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 24 और 25 के तहत विवाह को शून्य घोषित किए जाने पर गुजारा भत्ता दिया जा सकता है, न्यायालय की तीन न्यायाधीशों की पीठ को भेज दिया है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति पीबी वराले की पीठ ने आदेश दिया है, “पक्षों … Read more

परित्याग बिना किसी उचित कारण के : सुप्रीम कोर्ट ने तलाक आदेश द्वारा विवाह को भंग कर दिया, पति-पत्नी को भरण-पोषण भत्ता के रूप में ₹30 लाख देने का निर्देश दिया

सर्वोच्च न्यायालय ने हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 13(1)(ib) के तहत तलाक का आदेश पारित किया है, क्योंकि पत्नी ने फिर से साथ रहने की इच्छा नहीं दिखाई और पति ने बिना किसी उचित कारण के पति को छोड़ दिया। न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति उज्जल भुयान की खंडपीठ ने कहा, “इसलिए, कम … Read more

नौकरी के कारण लंबे समय तक अलगाव के बाद भी पत्नी का पति के वृद्ध मां की देखभाल करना दर्शाता है कि वह विवाह के प्रति समर्पित है, तलाक याचिका को खारिज – HC

तत्काल प्रभाव से यूपी लोक सेवा अधिकरण

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने तलाक याचिका को खारिज करने के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा कि पक्षों के बीच विवाह को केवल अलगाव की अवधि के कारण पूरी तरह से टूटा हुआ नहीं कहा जा सकता। वर्तमान प्रथम अपील, पारिवारिक न्यायालय अधिनियम, 1984 की धारा 19 के तहत दायर की गई है, जो कि … Read more

पत्नी द्वारा समझौते का अनुपालन नहीं करने और मध्यस्थता शर्तों की अनदेखी करने के बाद SC ने दिया तलाक का आदेश

“पत्नी ने मध्यस्थ के समक्ष किए गए समझौते का लाभ उठाया और पति द्वारा दायर वैवाहिक मामले को वापस लेने में कामयाब रही तथा स्थायी गुजारा भत्ते के रूप में पति से 50 लाख रुपये की राशि भी स्वीकार कर ली।” सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता-पत्नी द्वारा प्रतिवादी-पति द्वारा हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 9 … Read more

SC ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि केवल संसद को ही धर्म या लिंग के आधार पर भेदभाव किए बिना विवाह के लिए एक समान न्यूनतम आयु निर्धारित करने का अधिकार

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान और दिल्ली उच्च न्यायालयों के समक्ष लंबित याचिकाओं को स्थानांतरित करने की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया। याचिका अश्विनी कुमार उपाध्याय ने दायर की थी जो एक वकील और राजनेता हैं। उनका प्रतिनिधित्व वरिष्ठ अधिवक्ता गीता लूथरा ने किया। याचिका में दावा किया गया है कि कई मुकदमों के … Read more

जेल की सजा काटने के बाद पत्नी की एफआईआर से बरी हुआ पति, तलाक के लिए आरोपों को आधार नहीं बना सकता- हाई कोर्ट

DELHI HIGH COURT ने हाल ही में एक केस की सुनवाई के दौरान कहा कि किसी व्यक्ति को केवल इसलिए तलाक नहीं दिया जा सकता क्योंकि उसे उसकी पत्नी की ओर से दायर क्रूरता के केस में एक आपराधिक अदालत की ओर से बरी कर दिया गया है। न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत और नीना बंसल … Read more

“चाहे प्रेम विवाह हो या अरेंज मैरिज”, विभिन्न कारक रिश्ते को करते हैं प्रभावित, HC ने हिंदू विवाह अधिनियम के तहत तलाक के आधार में संशोधन की आवश्यकता जताई

Hindu Marriage Act: इलाहाबाद उच्च न्यायलय ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि इसमें तलाक के आधार में संशोधन की जरूरत है। कोर्ट ने कहा कि अपूरणीय विवाह विच्छेद को भी आधार बनाया जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा, “चाहे प्रेम विवाह हो या अरेंज मैरिज, विभिन्न कारक रिश्ते को प्रभावित करते हैं। इलाहाबाद … Read more

हिंदू विवाह अधिनियम: धारा 11 (शून्य विवाह) की याचिका पर धारा 12 (शून्यकरणीय विवाह) के आधार पर निर्णय नहीं किया जा सकता – इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यूपी पुलिस रेडियो ऑपरेटर भर्ती रद्द करने का आदेश किया खारिज

इलाहाबाद उच्च न्यायालय एक मामले के सुनवाई के दौरान माना कि हिंदू विवाह अधिनियम 1955 की धारा 11 (शून्य विवाह, Void Marriages) के तहत ‌‌दिए गए आधार धारा 12 (शून्यकरणीय विवाह, Voidable Marriages) के तहत दिए गए आधारों से बहुत अलग हैं और इस प्रकार, अधिनियम की धारा 11 के तहत दायर याचिका पर धारा … Read more

बंदी प्रत्यक्षीकरण रिट याचिका दायर करके पति को अपनी नाबालिग पत्नी की कस्टडी के दावा करने का कोई अंतर्निहित अधिकार नहीं है: पटना HC

पटना उच्च न्यायालय ने माना कि एक पति के पास बंदी प्रत्यक्षीकरण रिट याचिका दायर करके अपनी नाबालिग पत्नी की कस्टडी के दावा करने का अंतर्निहित अधिकार नहीं है। कोर्ट ने राजकीय बालिका देखभाल गृह में रहने वाली अपनी नाबालिग पत्नी की कस्टडी के दावा की मांग करने वाली पति द्वारा दायर याचिका पर विचार … Read more