उत्तराखंड HC: गंगा नदी के तट से 500 मीटर के भीतर मांस की दुकानों पर प्रतिबंध लगाना संवैधानिक है-

उत्तराखंड

नैनीताल उच्च न्यायालय ने उत्तराखंड में गंगा किनारे मांस बिक्री के मामले में अहम निर्णय सुनाया है। कोर्ट ने उत्तरकाशी में गंगा तट से 500 मीटर दायरे में मांस की दुकानें खोलने व मांस बेचने पर प्रतिबंध को सही ठहराया है। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी ने दुकानदार को नोटिस देकर दुकान शिफ्ट करने … Read more

राजनीतिक दलों के वोटरों को मुफ्त उपहार के वायदे से शीर्ष न्यायलय चिंतित, बताया देश के लिए गंभीर आर्थिक मुद्दा-

सेंट्रल गवर्नमेंट की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने राजनीतिक दलों द्वारा मुफ्त में किए जाने के वादों के खिलाफ याचिका का समर्थन किया और कहा कि इस तरह हम आर्थिक आपदा की ओर बढ़ रहे हैं। शीर्ष अदालत Supreme Court ने कहा कि चुनाव प्रचार के राजनीतिक दलों द्वारा दौरान मुफ्त उपहार … Read more

SC ने जारी किया नोटिस, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बार काउंसिल की स्थापना की मांग पर, चार सप्ताह में जवाब दे बार कौंसिल ऑफ़ इंडिया-

याचिका में एडवोकेट ने सुप्रीम कोर्ट Supreme Court को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के एडवोकेट मेंबर्स को प्रॉक्सिमिटी कार्ड जारी करने का निर्देश देने की भी मांग की है, जो प्रॉक्सिमिटी कार्ड का लाभ उठाना चाहते हैं. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख Jammu Kashmir & Laddakh में बार काउंसिल Bar Council की स्थापना की मांग पर सुप्रीम कोर्ट … Read more

हाईकोर्ट ने आरोपी की सजा POCSO के तहत बरकरार रखते हुए कहा कि: लड़की 18 वर्ष से कम तो शारीरिक संबध में उसकी सहमति को बचाव के तौर पर नहीं मन जा सकता –

तेलंगाना उच्च न्यायलय Telangana High Court ने केस सुनवाई के दौरान दोहराया कि अगर लड़की की उम्र 18 साल से कम है तो शारीरिक संबध में उसकी सहमति को बचाव के तौर पर नहीं लिया जा सकता। न्यायमूर्ति के सुरेंद्र की सिंगल बेंच ने यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम, 2012 के तहत दोषसिद्धि … Read more

केरल हाई कोर्ट में तीन बेंचो द्वारा पेपरलेस कार्य प्रारम्भ, दिशा निर्देश जारी-

केरल उच्च न्यायलय द्वारा सोमवार से तीन न्यायिक पीठो को पेपरलेस होने की घोषणा करते हुए वकीलों द्वारा पालन किए जाने वाले कुछ दिशानिर्देश जारी किए। जमानत के क्षेत्राधिकार और टैक्स मामलों के साथ-साथ इन एकल पीठों की अपील पर विचार करने वाली खंडपीठ में पेपरलेस अदालतें पेश की गई हैं। वर्तमान रोस्टर के अनुसार, … Read more

HC ने कहा हम सभी क्षेत्रों में महिलाओं के अधिकारों का जश्न मना रहे हैं, लेकिन हम उनके सम्मान के लिए कतई चिंतित नहीं-

allahabad high court

एक हत्यारा अपने शिकार से भौतिक शरीर को नष्ट कर देता है, परंतु एक बलात्कारी असहाय महिला की आत्मा को नीचा दिखाता है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बलात्कार के बढ़ते अपराधियों को लेकर तल्ख टिप्पणी की है। हाईकोर्ट ने कहा वैसे तो हम सभी क्षेत्रों में महिलाओं के अधिकारों का जश्न मना रहे हैं, लेकिन … Read more

न्यायिक अधिकारी के खिलाफ ‘पहले एनबीडब्लू बाद में समन जारी करने’ के मामले में वाद दाखिल, न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रखा –

डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में तैनात जूनियर डिविजन के न्यायिक मजिस्ट्रेट के विरुद्ध मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में परिवाद दाखिल किया गया है। न्यायालय ने सुनवाई कर परिवाद की पोषणीयता पर आदेश सुरक्षित रख लिया। सुनवाई के दौरान न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत के समक्ष उपस्थित थे। परिवादी आजम राईन की ओर से दलील दिया गया कि थाना … Read more

लठैत की तरह काम न करे पुलिस, मकान ध्वस्तीकरण मामले में उच्च न्यायलय ने की टिप्पणी-

समाजवादी पार्टी के सांसद जिया-उर-रहमान बर्क के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की याचिका खारिज - इलाहाबाद हाई कोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट Allahabad High Court ने डिक्री के निष्पादन से पहले एसडीएम SDM के आदेश पर एक परिवार को बेदखल कर मकान ध्वस्त करने को गम्भीरता से लिया है। साथ ही तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस लठैत की तरह काम न करे। न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय ने यह आदेश मोहम्मद सईद की द्वितीय … Read more

उच्च न्यायालयों द्वारा शीर्ष न्यायलय के बाध्यकारी दृष्टांतों का पालन नहीं करना ‘संविधान के अनुच्छेद 141’ के विपरीत – SC

उच्चतम न्यायलय Supreme Court ने कहा है कि पूर्व निर्णीत फैसले पर विचारोपरांत उसके पृथक फैसले हाईकोर्ट High Court पर बाध्यकारी होते हैं। न्यायमूर्ति एमआर शाह और न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना के बेंच ने कहा कि देश में उच्च न्यायालयों द्वारा इस शीर्ष न्यायलय के बाध्यकारी दृष्टांतों का पालन नहीं करना ‘संविधान के अनुच्छेद 141’ के … Read more

853 मामलों के विश्लेषण देने में देरी पर इलाहाबाद HC की खिंचाई करते हुए, SC ने कहा – छुट्टियों में काम करें या केस हमें भेज दें-

LKO

सुप्रीम कोर्ट Supreme Court द्वारा 9 मई को कहा गया था कि पहली बार अपराध करने के ऐसे सभी आरोपियों को जमानत पर रिहा कर दिया जाना चाहिए, जो 10 वर्ष कैद में गुजार चुके हैं। परन्तु इसके 2 माह बाद भी कोर्ट को बताया गया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में 62 जमानत अर्जियां अभी लंबित … Read more