सर्वोच्च न्यायलय ने PMLA 2002 के तहत ED के अधिकारों का किया समर्थन, कहा छापेमारी, कुर्की और गिरफ़्तारी का अधिकार नहीं है मनमानी-

धनशोधन निवारण अधिनियम 2002 कानून की वैधता को चुनौती देने वाली 241 याचिकाओं के एक बंच पर सुप्रीम कोर्ट में तीन न्यायाधीशों के बेंच न्यायमूर्ति ए. एम. खानविलकर, न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति सी. टी. रवि कुमार ने फैसला सुनाया। शीर्ष अदालत ने आज दिए एक महत्वपूर्ण निर्णय में प्रवर्तन निदेशालय ENFORCEMENT DIRECTORATE के आर्थिक … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने धोनी को 150 करोड़ के लेन देन विवाद में दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा, भेजा नोटिस-

महेंद्र सिंह धोनी पूर्व कप्तान इंडियन क्रिकेट टीम को सर्वोच्च अदालत ने नोटिस जारी किया है। यह नोटिस उन्हें आम्रपाली ग्रुप संग 150 करोड़ रुपये के लेन-देन के मामले में जारी किया गया है। दरअसल, आम्रपाली ग्रुप के फ्लैंट्स की डिलीवरी को लेकर एक विवाद चल रहा है। इसी को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट … Read more

कंपनी के डायरेक्टर या कार्यकारी ऑफिसर के न होने के कारण, आयकर रिटर्न दाखिल करने में विफलता के लिए मुकदमा नहीं चलाया जा सकता – HC

दिल्ली उच्च न्यायालय Delhi High Court ने स्पष्ट किया कि प्रधान आयुक्त/उपयुक्त प्राधिकारी की मंजूरी के बिना किसी व्यक्ति पर आयकर अधिनियम की धारा 276-सीसी (आय की रिटर्न प्रस्तुत करने में विफलता) के तहत अपराध के लिए मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। न्यायमूर्ति आशा मेनन की सिंगल बेंच ने कहा, “चूंकि कानून कहता है कि … Read more

लखीमपुर मामले में आशीष मिश्रा को जमानत देने से इनकार करते हुए ‘टूल किट’ का उपयोग करके इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर एजेंडा और बहस चलाना न्यायहित में घातक – HC

High Court Lucknow Bench

इलाहाबाद हाईकोर्ट लखनऊ बेंच Lucknow Bench Allahabad High Court ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा उर्फ़ मोनू को जमानत देने से इनकार करते हुए मामले के संदर्भ में मीडिया ट्रायल पर टिप्पणी की है। यह नोट करने के बाद कि दोनों पक्षों, आरोपी और पीड़िता … Read more

सु्प्रीम ने गर्मियों में काला कोट और गाउन पहनने से छूट की मांग वाले याचिका पर दिया ये निर्देश-

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस याचिका पर विचार करने से मना कर दिया जिसमें वकीलों को सर्वोच्च अदालत और देश भर के सभी उच्च न्यायालयों में गर्मियों के दौरान काले कोट और गाउन पहनने से छूट देने की मांग की गई थी। न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति वी रामसुब्रमण्यम की खंडपीठ द्वारा याचिकाकर्ता को … Read more

सेवाकाल के दौरान हुई दिव्यांगता के लिए ही सेना के जवान दिव्यांग पेंशन के हकदार : उच्चतम न्यायालय

न्यायमूर्ति अभय एस ओक और न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश की पीठ केंद्र की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें सशस्त्र बल न्यायाधिकरण द्वारा सेना के जवान को दिव्यांग पेंशन दिए जाने के आदेश को चुनौती दी गई थी। सर्वोच्च न्यायालय Supreme Court ने कहा है कि सेना के जवान दिव्यांग पेंशन … Read more

HC ने कहा कि याचिका उनके अवैध संबंधों पर न्यायालय की मुहर प्राप्त करने के लिए दायर किया गया है-

HC ने कहा कि “लिव-इन रिलेशन” एक ऐसा रिश्ता है जिसे कई अन्य देशों के विपरीत भारत में सामाजिक रूप से स्वीकार नहीं किया गया है- पति और पत्नी होने का दावा करने वाले याचिकाकर्ताओं के जीवन की सुरक्षा की मांग करने वाली एक याचिका पर, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा कि याचिका उनके अवैध … Read more

देनदार को संपत्ति बचाने के लिए उपलब्ध अधिकार, तकनीकी आधार या वास्तविक गलती पर प्रभावित नहीं होना चाहिए, जिसके लिए वह जिम्मेदार नहीं – SC

सुप्रीम कोर्ट Supreme Court ने कहा कि निर्णय लेने वाले के पास अपनी संपत्ति को बचाने के लिए उपलब्ध अधिकार तकनीकी आधार और / या वास्तविक गलती पर प्रभावित नहीं होना चाहिए जिसके लिए वह जिम्मेदार नहीं था। “इस प्रकार, आयकर अधिनियम, 1961 INCOME TAX ACT, 1961 की दूसरी अनुसूची के नियम 60 के तहत … Read more

HC ने कहा कि आरोप सिर्फ हाई कोर्ट के एक न्यायाधीश पर नहीं, बल्कि कई न्यायाधीशों के कामकाज पर सीधा हमला है, याचिका वापस ले या शुरू करें अवमानना कि कार्यवाही-

एक बलात्कार पीड़िता की ओर से एएसजे, रोहिणी अदालत के आदेश के खिलाफ धारा 476 और 506 आईपीसी की प्राथमिकी दर्ज करवा दी- लोअर कोर्ट और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के विरुद्ध आरोप लगाने वाली एक अपील याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने टिप्पणी की कि न्यायपालिका आलोचना से अछूती नहीं है, … Read more

HC ने कहा कि Article 226 में निहित शक्तियां CrPC की धारा 482 की तुलना में बहुत अधिक, समझौते के आधार पर FIR रद्द की जाती है –

इंडियन पेनल कोड की धारा 323 ए, 504 ए, 506 कंपाउंडेबल हैं। धारा 376 ए, 354 यहां पर लागू नहीं होतीं, क्योंकि पीड़ित की चिकित्सकीय जांच नहीं की गई है। इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि एक बार पार्टियों ने फैसला किया है कि वे इस मुकदमे को लड़ना नहीं चाहती हैं, दर्ज … Read more