“Life Imprisonment” उम्रकैद या आजीवन कारावास : जाने विस्तार से-

“Imprisonment for life” ना 20 साल ना 14 साल और ना ही दिन और रात मिलाकर 14 साल की जगह 7 साल। क्योंकि जेल में भी एक दिन का मतलब 24 घंटे से ही होता है। “Life Imprisonment” उम्रकैद, आजीवन कारावास को लेकर लोगों में बड़ा कन्फ्यूज़न है। मसलन आजीवन कारावास की समय सीमा को … Read more

मा. न्यायमूर्ति प्रेम शंकर गुप्ता जी का उच्च न्यायालय में लगभग ४००० निर्णय हिन्दी में देकर हिन्दी भाषा के प्रति अभूतपूर्व योगदान रहा –

justice p s gupta

हिन्दी भाषा पखवाड़ा पर विशेष- न्यायमूर्ति श्री प्रेम शंकर गुप्त हिन्दी में निर्णय देने का प्रशंसनीय कार्य किया और इसके चलते बहुत प्रसिद्ध हुए। वे उच्च न्यायालय के अधिवक्ता, न्यायाधीश एवं हिन्दी के प्रबल पक्षधर व मनीषी के रूप में जाने जाते हैं। हिन्दी, अन्य भारतीय भाषायें व साहित्य उनके हृदय की धड़कन है। राष्ट्र … Read more

Evidence Act की धारा 106 उन मामलों पर लागू होगी जहां अभियोजन पक्ष उन तथ्यों को स्थापित करने में सफल रहा है – उच्चतम न्यायालय

सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि साक्ष्य अधिनियम, 1872 की धारा 106 के तहत अभियुक्त के भार को निभा पाने में विफलता परिस्थितिजन्य साक्ष्य द्वारा संचालित मामले में प्रासंगिक नहीं है, यदि अभियोजन पक्ष परिस्थितियों की एक कड़ी स्थापित करने में असमर्थ है। मा न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी और मा न्यायमूर्ति अभय एस. ओका की पीठ … Read more

आज का दिन 18 जून समय के इतिहास में-

गोवा की स्वतंत्रता का आंदोलन : भारत में ब्रिटिश सरकार का सूरज अस्त होने के बावजूद देश का एक हिस्सा लंबे समय तक विदेशी कब्जे में रहा। देश के तटीय क्षेत्र गोवा को पुर्तगालियों के कब्जे से स्वतंत्र कराने में 14 साल लग गए। अंग्रेजों की तरफ से 1946 में भारत की स्वतंत्रता के साफ संदेश … Read more

इलाहाबाद हाई कोर्ट का अवैध हिरासत पर बड़ा फैसला; देना होगा 25000 रूपए मुआवजा; हर तहसील पर प्रचार प्रसार करने का आदेश

विधिक अपडेट- शुक्रवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने नागरिकों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मुद्दे पर एक अहम फैसला सुनाया। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को अवैध रूप से हिरासत में लिए गए नागरिकों को 25000 रूपए मुआवजे के प्रावधान को सख्ती से लागू करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया … Read more

आज का दिन 12 जून समय के इतिहास में-

चुनावी भ्रष्टाचार में दोषी करार दी गईं इंदिरा गांधी – इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 12 जून 1975 के दिन देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को चुनाव में सरकारी मशीनरी के इस्तेमाल का दोषी ठहराते हुए उनके निर्वाचन को अमान्य करार दिया। दरअसल यह मामला 1971 के लोकसभा चुनाव के सिलसिले में विपक्ष के नेता … Read more

क्या चश्मदीद गवाह की गवाही को इसलिए खारिज किया जा सकता है, क्योंकि वह पीड़ित का रिश्तेदार है-

रिपोर्ट-राजेश कुमार गुप्ता,अधिवक्ता, वाराणसी दिनांक 18.8.1993 को माधव जी (मृतक) अपने बेटे के साथ खेत पर मौजूद थे, तब ही उन पर अमरा, काचरू, कारू, सुरताराम, लालू और भागीरथ ने हमला किया। मृतक के रोने की आवाज सुनकर कुछ लोग मौके पर पहुंचे और आरोपी भाग गए। मृतक के बेटे ने अपने पिता को एक बैलगाड़ी … Read more

ट्रायल कोर्ट को कारावास की कई सजाएं देते समय स्पष्ट शब्दों में यह बताना होगा कि सजाएं साथ-साथ चलेंगी या एक के बाद एक – सुप्रीम कोर्ट

विधिक अपडेट– एक महत्वपूर्ण अवलोकन में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ट्रायल कोर्ट को कारावास के कई दंड देते समय स्पष्ट शब्दों में यह निर्दिष्ट करना होगा कि दंड समवर्ती होंगे या क्रमानुगत। जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की पीठ ने कहा कि उक्‍त दायित्व को पूरा करने में कोई भी चूक … Read more